Dammam Airport Attack: सऊदी के दमाम एयरपोर्ट पर हमले में एक की मौत, तेल क्षेत्र पर गिरे ड्रोन के मलबे से भारतीय भी घायल

रियाद/नई दिल्ली: सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों के बीच बुधवार को उसके तेल-समृद्ध पूर्वी प्रांत में एक ही दिन में पहले अरामको के शायबा तेल क्षेत्र और फिर शाम को दमाम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया। दोनों घटनाओं में कुल तीन लोगों की जान गई है। शायबा में घायल हुए दो लोगों में एक भारतीय नागरिक भी है, जिसकी पुष्टि रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने की है।
बढ़ते हमलों को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि हालात बहुत तेजी से और बिगड़ सकते हैं।
दमाम एयरपोर्ट पर हमला, नुकसान का आकलन जारी
सऊदी की सरकारी समाचार एजेंसी SPA के जरिए जारी बयान में सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) ने बताया कि बुधवार शाम दमाम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला हुआ। इसमें सऊदी अरब में रहने वाले एक प्रवासी की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए। घायलों को मामूली से लेकर गंभीर चोटें आई हैं और सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्राधिकरण ने मृतक और घायलों की राष्ट्रीयता नहीं बताई है।
GACA के मुताबिक, हमले में हवाई अड्डे को भी नुकसान पहुंचा है, जिसका आकलन किया जा रहा है और आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी। प्राधिकरण ने यह नहीं बताया कि हमला मिसाइल से हुआ या ड्रोन से, और न ही इसके लिए किसी को जिम्मेदार ठहराया। देर रात सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि पूर्वी प्रांत में 4 ड्रोन रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिए गए।
यह भी पढ़ें: Riyadh Airport Attack: रियाद एयरपोर्ट पर हमला, 12 की मौत, 309 घायल
शायबा तेल क्षेत्र पर ड्रोन, मलबे की चपेट में आया भारतीय
दमाम से कुछ घंटे पहले बुधवार सुबह सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने एक और हमले की जानकारी दी। मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से जारी बयान के मुताबिक, पूर्वी प्रांत में सऊदी अरामको के शायबा तेल क्षेत्र की एक प्रोसेसिंग इकाई को निशाना बनाने आए ड्रोन को हवाई सुरक्षा प्रणाली ने बीच में ही मार गिराया। इसके बाद गिरे मलबे से तेल क्षेत्र में काम करने वाले एक ठेकेदार के वाहन में आग लग गई। यह वाहन इकाई की चारदीवारी के बाहर था और मंत्रालय के मुताबिक तेल उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
इस घटना में दो लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक फिलीपींस और एक नेपाल का नागरिक है। मलबे की चपेट में आकर दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक पाकिस्तानी और एक भारतीय नागरिक है। शायबा तेल क्षेत्र दुनिया के सबसे दुर्गम रेगिस्तानों में गिने जाने वाले रब-अल-खाली (एम्प्टी क्वार्टर) में संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के पास है। अरामको के मुताबिक, यहां 1998 में उत्पादन शुरू हुआ था।

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार रात X पर लिखा, “दूतावास को जानकारी मिली है कि आज शायबा तेल क्षेत्र में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है। हम सऊदी अधिकारियों के संपर्क में हैं और ज्यादा जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। घायल भारतीय नागरिक को हर जरूरी मदद दी जाएगी।” दूतावास ने घायल भारतीय का नाम, उसका गृह राज्य और उसकी हालत के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी है।
अमेरिका ने क्यों दिया सऊदी छोड़ने का आदेश
अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए ‘ऑर्डर्ड डिपार्चर’ जारी किया है, यानी उन्हें देश छोड़ना होगा। विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने X पर कहा कि ईरान समर्थित हूती सऊदी अरब के खिलाफ लगातार हमले कर रहे हैं, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों और दूसरे अहम ढांचों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में आम लोगों की जान गई है और यात्रा पर बुरा असर पड़ा है।
पिगॉट ने उन खबरों को भी गलत बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका खाड़ी के कई देशों में अपने दूतावासों से स्टाफ हटा रहा है। उन्होंने साफ किया कि यह आदेश सिर्फ सऊदी अरब के लिए है।
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी सुरक्षा अलर्ट जारी कर कहा है कि हालात तेजी से बिगड़कर दूसरे इलाकों तक फैल सकते हैं। अलर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में काम करने वाले अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को अब देश के किसी भी हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने के लिए दूतावास प्रमुख से विशेष अनुमति लेनी होगी। दूतावास ने बताया कि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें अब भी बंद हैं, जबकि जेद्दा और दमाम के हवाई अड्डे कुछ देरी और रद्द उड़ानों के साथ चल रहे हैं। यह अलर्ट दमाम पर हुए हमले से पहले जारी हुआ था।
यह भी पढ़ें: Hormuz Attack: ओमान के पास टैंकर पर ड्रोन हमला, 2 भारतीय नाविक लापता; दूसरे जहाज के 11 भारतीय कैसे बचे?
सऊदी में रह रहे भारतीयों के लिए क्या है जरूरी
सऊदी अरब में लाखों भारतीय काम करते हैं और पूर्वी प्रांत के दमाम, खोबर और जुबैल जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। इस खबर के लिखे जाने तक रियाद स्थित भारतीय दूतावास के X हैंडल पर भारतीयों के लिए कोई नई यात्रा सलाह जारी नहीं हुई थी। मदद के लिए दूतावास का टोल-फ्री नंबर 8002471234 चौबीसों घंटे चालू रहता है और cw.riyadh@mea.gov.in पर ईमेल भी किया जा सकता है।
इस समय सऊदी अरब की यात्रा करने वाले लोगों के लिए बेहतर होगा कि वे हवाई अड्डे जाने से पहले एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को यही सलाह दी है और कहा है कि वे सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से मोबाइल पर भेजे जाने वाले आपात अलर्ट का पालन करें।
एक महीने से लगातार निशाने पर सऊदी हवाई अड्डे
सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर इस महीने लगातार हमले हुए हैं। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और 309 लोग घायल हुए थे। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने उस हमले के लिए यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया था। बुधवार को दमाम के हवाई अड्डे और देश के एक बड़े तेल क्षेत्र पर हुए हमलों ने चिंता और बढ़ा दी है।
दमाम और शायबा पर हुए ताजा हमलों के लिए सऊदी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है और इस खबर के लिखे जाने तक हूतियों की ओर से भी इन पर कोई दावा सामने नहीं आया था। मृतकों और घायलों की पहचान, हवाई अड्डे को हुए नुकसान और उड़ानों पर असर को लेकर सऊदी प्राधिकरण की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है।


































































































































































