Cyclone Arnab: सोमवार तक बनेगा तूफान, आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली/भुवनेश्वर/विशाखापत्तनम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले तीन दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम शनिवार, 24 अक्टूबर को डिप्रेशन (अवदाब), रविवार को गहरे डिप्रेशन और सोमवार, 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों में यह और ताकतवर होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ेगा।

उत्तर हिंद महासागर में चक्रवातों के नामों की सूची के हिसाब से अगला चक्रवात ‘अर्नब’ कहलाएगा। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। सिस्टम के तूफान बनने से पहले ही ओडिशा सरकार ने सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखते हुए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में मछुआरों से तुरंत तट पर लौटने को कहा गया है।
तीन दिन में ऐसे ताकतवर होगा सिस्टम
IMD की शुक्रवार शाम 4:30 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, कम दबाव का यह क्षेत्र शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे पूर्व-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना। इसकी शुरुआत थाईलैंड की खाड़ी के ऊपर 18 अक्टूबर को दिखे एक चक्रवाती परिसंचरण से हुई थी, जो 21 अक्टूबर को उत्तरी अंडमान सागर में पहुंचा। शुक्रवार रात जारी IMD के समुद्री बुलेटिन में भी सिस्टम उसी इलाके में बना हुआ था और उससे जुड़ा परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था।
विभाग ने अनुमान का क्रम इस तरह बताया है:
- 24 अक्टूबर (शनिवार): उसी इलाके में डिप्रेशन बनने की सबसे ज्यादा संभावना
- 25 अक्टूबर (रविवार): पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए गहरा डिप्रेशन
- 26 अक्टूबर (सोमवार) सुबह तक: पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान
- इसके बाद के दो दिन: और मजबूत होकर उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर
तूफान कहां और कब तट से टकराएगा, यह अभी तय नहीं है। IMD के क्षेत्रीय विशेष मौसम केंद्र (RSMC) की 20 अक्टूबर की रिपोर्ट में कहा गया था कि अलग-अलग मौसम मॉडलों के अनुमान में समय, ताकत और रास्ते को लेकर काफी अंतर है, हालांकि ज्यादातर मॉडल इसे उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट की ओर जाता दिखा रहे हैं। कुछ मॉडल इसे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश या म्यांमार की ओर मोड़ रहे थे, जिन्हें रिपोर्ट में अपवाद माना गया। विभाग की अगली प्रेस विज्ञप्ति शनिवार दोपहर 2:30 बजे आनी है।
यह भी पढ़ें: Chennai Rain Alert: तमिलनाडु-केरल में 26 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी, चेन्नई समेत 4 जिलों में स्कूल बंद
किस राज्य में कब बरसेंगे बादल
IMD की चेतावनी के मुताबिक, सबसे ज्यादा असर उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर पड़ने की आशंका है। उत्तरी आंध्र प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 26 अक्टूबर से तटीय इलाकों में बारिश शुरू होने और 27 को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 28 अक्टूबर को ओडिशा में कई जगह भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 29 को भी कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
अंडमान द्वीपसमूह में 23 से 27 अक्टूबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। सिस्टम के आगे बढ़ने पर इसका असर दूसरे राज्यों तक पहुंचेगा। पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों और झारखंड में 28-29 अक्टूबर को, दक्षिण छत्तीसगढ़ में 28 और उत्तरी छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में भी 29 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
विभाग ने आगाह किया है कि भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, शहरों में सड़कों पर पानी भरने और अंडरपास बंद होने जैसी स्थिति बन सकती है। इससे यातायात पर असर पड़ेगा, कच्ची सड़कों को नुकसान हो सकता है और पानी भरने से बागवानी और खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
समुद्र में 90 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
IMD के मुताबिक, शनिवार को पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। सोमवार सुबह तक पश्चिम-मध्य खाड़ी में हवा की रफ्तार 70-80 किमी प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विभाग का कहना है कि सिस्टम के मजबूत होने के साथ 28 अक्टूबर तक हवा की रफ्तार और बढ़ेगी। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर 27 अक्टूबर से 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलनी शुरू हो सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकते हैं।
26 से 28 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र में ऊंची से बहुत ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि जो समुद्र में हैं, वे शनिवार सुबह तक तट पर लौट आएं। पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व खाड़ी में 26 अक्टूबर तक, पश्चिम-मध्य खाड़ी में 26 से 28 अक्टूबर तक और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट के पास 27 अक्टूबर से समुद्र में न जाने को कहा गया है। जहाजरानी, बंदरगाह और समुद्री पर्यटन से जुड़े संचालकों से भी तैयारी की समीक्षा करने को कहा गया है।

आंध्र प्रदेश: 7 जिलों और यानम के लिए अलर्ट
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने शुक्रवार को कहा कि सिस्टम के असर से राज्य में बड़े हिस्से में बारिश होने की संभावना है। उन्होंने लोगों और किसानों से पहले से एहतियात बरतने और मछुआरों से बिना देर किए तट पर लौटने की अपील की।
IMD के अमरावती केंद्र ने 27 और 28 अक्टूबर के लिए अल्लूरी सीताराम राजू, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनसीमा, एलुरु, पश्चिमी गोदावरी और NTR जिलों के साथ यानम में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का ‘अलर्ट’ (तैयार रहें) जारी किया है। विशाखापत्तनम समेत 10 दूसरे जिलों के लिए भारी बारिश की ‘वॉच’ (अपडेट रहें) जारी की गई है।
विशाखापत्तनम स्थित IMD के चक्रवात चेतावनी केंद्र के प्रमुख पी.एल.एन. मूर्ति ने गुरुवार को कहा था कि अगर सिस्टम इसी तरह मजबूत होता रहा, तो यह मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम के बीच तट पार कर सकता है। उन्होंने बताया कि अल नीनो वाले वर्षों में मानसून के बाद बनने वाले ज्यादातर चक्रवात 17 डिग्री उत्तरी अक्षांश के दक्षिण में तट पार करते हैं। RSMC ने यह भी बताया था कि तूफान की ताकत को लेकर मॉडल एकमत नहीं हैं। कुछ मॉडल इसे ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ तक पहुंचता दिखा रहे हैं, जबकि AI आधारित मॉडल इसे अधिकतम ‘चक्रवाती तूफान’ तक ही मान रहे हैं।
यह भी पढ़ें: IMD Rain Alert: तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर
ओडिशा: सभी 30 जिले अलर्ट पर, 16 पर खास नजर
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शुक्रवार को भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि राज्य सरकार संभावित चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा है और उन 16 जिलों पर खास नजर रखने को कहा है, जिन पर तूफान का ज्यादा असर पड़ सकता है। इन जिलों के कलेक्टरों के साथ मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में जिला स्तर की तैयारियों की समीक्षा की जानी थी।
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला जिला कलेक्टर स्थानीय हालात देखकर करेंगे। पुरी जिला प्रशासन ने अलग आदेश जारी कर 29 अक्टूबर तक सभी मंजूर छुट्टियां रद्द कर दी हैं, क्योंकि कार्तिक व्रत के दौरान बड़ी संख्या में हबिष्याली श्रद्धालु इन दिनों पुरी में रह रहे हैं। ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अग्निशमन सेवा के जवानों को राहत-बचाव के लिए तैयार रखा गया है।
राज्य सरकार लोगों को SMS और WhatsApp के जरिए अलर्ट और सुरक्षा सलाह भेजेगी। प्रशासन निचले और संवेदनशील इलाकों की पहचान कर रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाया जा सके। गर्भवती महिलाओं को पहले से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। पुजारी ने कहा, “घबराने या परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। यह चक्रवात भी आएगा और चला जाएगा। कोई बड़ा नुकसान न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने हर जरूरी इंतजाम किए हैं।” उन्होंने बताया कि तैयारी पर चर्चा दो-तीन दिन पहले ही शुरू हो गई थी।

लोग अभी क्या करें
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि घर से निकलने से पहले अपने रास्ते पर ट्रैफिक की जानकारी ले लें, जारी होने वाली ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, अक्सर जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और कमजोर ढांचों में न रुकें। तटीय इलाकों में रहने वालों को IMD और राज्य आपदा प्रबंधन विभागों की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है, क्योंकि सिस्टम का रास्ता और ताकत अगले 48 घंटों में ज्यादा साफ होगी।
यह भी पढ़ें: Delhi Rain: दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट






