अक्टूबर 22, 2026

Hormuz Tanker Attack: ईरान का दावा- एक रात में 7 जहाजों पर हमला, इससे पहले 21 भारतीयों वाले टैंकर पर गिरा था प्रोजेक्टाइल

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Hormuz Tanker Attack: ईरान का दावा- एक रात में 7 जहाजों पर हमला, इससे पहले 21 भारतीयों वाले टैंकर पर गिरा था प्रोजेक्टाइल

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता तेल टैंकर और अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर खतरा और गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को दावा किया कि एक ही रात में सात जहाजों को नुकसान पहुंचा है। उसके मुताबिक, उत्तरी फारस की खाड़ी में तेल की अदला-बदली कर रहे चार जहाजों पर एक साथ हमला हुआ और उनमें आग लग गई, जबकि तीन अन्य जहाज होर्मुज के पश्चिम में बारूदी सुरंगों से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गए।

इससे ठीक पहले, बुधवार 21 अक्टूबर को इसी इलाके में 21 भारतीय नाविकों वाले एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल आ गिरा था। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया है कि जहाज पर सवार सभी भारतीय पूरी तरह सुरक्षित हैं।

IRGC का दावा: चार जहाजों में आग, तीन बारूदी सुरंगों से टकराए

ईरान की समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, IRGC नौसेना ने अपने बयान में कहा कि उसकी सेनाओं ने उन चार ‘नियम तोड़ने वाले’ जहाजों का पीछा किया, जो पहले ‘अवैध रास्ते’ से गुजर चुके थे। बयान के मुताबिक, ये जहाज उत्तरी फारस की खाड़ी के बीच में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल भर रहे थे, तभी चारों पर एक साथ हमला हुआ और वे जलने लगे। IRGC ने यह भी कहा कि तीन और जहाज रात में होर्मुज के पश्चिम में बारूदी सुरंगों से टकराए, जिससे उनमें आग लगी और वे वहीं रुक गए।

ईरान ने न तो इन जहाजों के नाम बताए हैं, न यह बताया कि वे किस देश के झंडे वाले थे। चालक दल के हताहत होने के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, अगर यह दावा सही निकला, तो 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह एक दिन में इस जलमार्ग में जहाजों को हुए नुकसान का सबसे बड़ा मामला हो सकता है।

IRGC ने अमेरिका को सीधी चेतावनी भी दी है। बयान में कहा गया कि अमेरिका जहाजों को बारूदी सुरंगों वाले ‘अवैध रास्ते’ से गुजरने के लिए उकसा रहा है, जिससे हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। IRGC के अनुसार, अगर यह टकराव इसी तरह जारी रहा, तो इसकी आंच इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंचेगी।

अंतरिक्ष से दिखता होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान का मुसंदम प्रायद्वीप
उपग्रह से दिखता होर्मुज जलडमरूमध्य। बीच में ओमान का मुसंदम प्रायद्वीप है, जिसके बुखा शहर के पास टैंकर अल दस्मा पर प्रोजेक्टाइल गिरा। फाइल फोटो: NASA (MODIS), Wikimedia Commons (पब्लिक डोमेन)

21 भारतीयों वाले टैंकर ‘अल दस्मा’ पर क्या हुआ

ब्रिटेन की समुद्री व्यापार सुरक्षा एजेंसी UKMTO की चेतावनी के मुताबिक, 21 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 7:15 बजे ओमान के बुखा से लगभग 11 समुद्री मील पश्चिम में एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरा। इससे जहाज पर आग लग गई, जिसे बाद में बुझा लिया गया। एजेंसी ने कहा कि टैंकर अब लंगर डाले खड़ा है, सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और फिलहाल समुद्र में किसी तरह के प्रदूषण की खबर नहीं है।

बुधवार देर रात सोनोवाल ने एक्स पर पोस्ट कर इस जहाज की पहचान कुवैत के झंडे वाले तेल उत्पाद टैंकर एम/टी अल दस्मा के रूप में की। उन्होंने लिखा, “हमारे सभी 21 भारतीय क्रू सदस्य और बाकी चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं। हम हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं और नाविकों की सुरक्षा के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के लगातार संपर्क में हैं।” प्रोजेक्टाइल किसने दागा, यह अब तक साफ नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अल दस्मा उन सात जहाजों में शामिल है या नहीं, जिनका जिक्र IRGC ने किया है।

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इस महीने भारतीय नाविकों वाले चार टैंकर निशाने पर

अल दस्मा अक्टूबर में ऐसा चौथा टैंकर है, जिस पर भारतीय नाविक सवार थे और जो होर्मुज या ओमान के पास हमले की चपेट में आया। सोनोवाल के आधिकारिक पोस्टों के आधार पर इन घटनाओं का ब्योरा इस तरह है:

तारीखजहाजजगहभारतीय नाविकस्थिति
11 अक्टूबरएम/टी वाल्थेरा (मार्शल आइलैंड्स)होर्मुज जलडमरूमध्य11जहाज पर आग, सभी भारतीय सुरक्षित
11 अक्टूबरएमटी पेट्रो डॉल्फिनसोहार एंकरेज, ओमान11ड्रोन हमला, 9 बचाए गए, 2 लापता बताए गए
16 अक्टूबरएमटी एसटी 3 (कच्चा तेल टैंकर)होर्मुज जलडमरूमध्य15सभी सुरक्षित
21 अक्टूबरएम/टी अल दस्मा (कुवैत)बुखा के पास, होर्मुज21आग बुझाई गई, सभी सुरक्षित
स्रोत: केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के एक्स पोस्ट (11, 16 और 21 अक्टूबर 2026)

इन चार घटनाओं में कुल 58 भारतीय नाविक सवार थे। इनके अलावा 14 अक्टूबर को रोमानिया के सुलिना एंकरेज पर केमिकल टैंकर यारा जे पर भी ड्रोन गिरा था, जिस पर नौ भारतीय सवार थे। मंत्री के मुताबिक वे सभी भी सुरक्षित रहे।

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भारत के लिए क्यों अहम है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला कच्चा तेल और गैस बड़ी मात्रा में इसी संकरे रास्ते से दुनिया तक पहुंचता है। भारत कच्चे तेल की अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका अहम हिस्सा खाड़ी देशों से इसी रास्ते होकर आता है। इसलिए यहां होने वाली हर घटना का असर तेल की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने की आशंका रहती है।

इस इलाके में चलने वाले व्यापारिक जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं, इसलिए हर नए हमले के साथ उनके परिवारों की चिंता भी बढ़ जाती है। UKMTO ने जहाजों को सावधानी से गुजरने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है।

Hormuz Tanker Attack: ईरान का दावा- एक रात में 7 जहाजों पर हमला, इससे पहले 21 भारतीयों वाले टैंकर पर गिरा था प्रोजेक्टाइल

Hormuz Tanker Attack: ईरान का दावा- एक

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