Energy Ceasefire: ट्रंप के ऐलान के कुछ घंटे बाद खारकीव पर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि रूस और यूक्रेन ‘एनर्जी सीजफायर’ यानी एक-दूसरे के बिजली और ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने बस इतना लिखा कि युद्धविराम तुरंत लागू हो गया है, और चेतावनी दी, “इसे मत तोड़ना!” लेकिन इस पोस्ट के कुछ ही घंटों बाद यूक्रेन ने बताया कि रूस ने खारकीव के एक बिजलीघर पर हमला कर दिया।
रूस की ओर से इस समझौते पर कोई पुष्टि नहीं आई है। ट्रंप ने भी यह नहीं बताया कि युद्धविराम की शर्तें क्या हैं और इसकी निगरानी कैसे होगी।
जेलेंस्की: स्वागत है, पर हमले जारी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप की घोषणा को “सबके लिए अच्छी खबर” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि रूस कीव और खारकीव में ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है। अपने शाम के संबोधन में उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से आज पूरे दिन यूक्रेन का आसमान रूसी ‘शाहेद’ ड्रोनों से भरा रहा। ग्लाइड बम गिराए गए और हमारे ऊर्जा ढांचे पर भी हमले हुए। आज शाम खारकीव के एक बिजलीघर पर हमला हुआ।” यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय ने पुष्टि की कि यह हमला ट्रंप की पोस्ट के बाद हुआ।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूसी ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के लिए तैयार है, “और हम रूस से भी इसी तत्परता की उम्मीद करते हैं।” उन्होंने इस बारे में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नाटो महासचिव मार्क रुटे से भी बात की।

पहले भी हुआ था ऐसा ऐलान
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा दावा किया हो। 14 सितंबर को भी उन्होंने कहा था कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर हमला न करने पर राजी हो गए हैं। तब भी कोई ब्योरा नहीं दिया गया था और वह प्रस्ताव जमीन पर नहीं उतर सका।
इस बीच ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तल्खी भी बढ़ी है। शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनने का समय आ गया है। इस पर जेलेंस्की ने जवाब दिया, “हमें दो महीने दीजिए, 60 दिन का पूर्ण युद्धविराम, और हम चुनाव करा देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि नेता चुनना यूक्रेन की जनता का अधिकार है। यूक्रेन में फरवरी 2022 से मार्शल लॉ लागू है और संविधान इस दौरान चुनाव की इजाजत नहीं देता।
रूस में भी असर: यांडेक्स का डेटा सेंटर ठप
दूसरी ओर यूक्रेन ने भी रूस के भीतर हमले तेज कर रखे हैं। रविवार को ड्रोन हमले के बाद व्लादिमीर शहर में टेक कंपनी यांडेक्स का डेटा सेंटर बंद हो गया। चार दिन में कंपनी के ठिकानों पर यह तीसरा हमला था। यांडेक्स क्लाउड के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल ने बताया, “डेटा सेंटर का संचालन पूरी तरह रोक दिया गया है। कोई घायल नहीं हुआ।” इसके चलते कई रूसी शहरों में टैक्सी बुकिंग और बैंकिंग जैसी सेवाएं प्रभावित रहीं।
यह भी पढ़ें: Rupee Fall: रुपये में गिरावट थामने को RBI ने कड़े किए फॉरेक्स नियम
भारत के लिए क्यों मायने रखता है
रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें ऊंची कर रखी हैं। सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। कच्चे तेल का बड़ा आयातक होने के नाते भारत पर इसका सीधा असर रुपये और महंगाई पर पड़ता है। ऊर्जा ठिकानों पर हमले सचमुच रुकते हैं तो तेल बाजार को राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल मॉस्को की चुप्पी और खारकीव पर हमले ने इस युद्धविराम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उधर दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में शनिवार की रूसी बमबारी में मरने वालों की संख्या 23 हो गई है। जेलेंस्की के मुताबिक मृतकों में चार बच्चे हैं।







































































