March for Democracy: SC से चंद कदम पहले बैरिकेड्स पर रुका विपक्ष का मार्च, फिर 4:37 बजे कैसे पहुंची राहुल गांधी की याचिका?

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर सोमवार को विपक्ष का “मार्च फॉर डेमोक्रेसी” राजधानी की सड़कों पर उतरा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से कुछ ही सौ मीटर पहले भगवान दास रोड पर लगे पुलिस बैरिकेड्स ने उसका रास्ता रोक दिया। जिस याचिका को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद अदालत में सौंपने निकले थे, वह आखिरकार उनके वकीलों ने रजिस्ट्री बंद होने से ठीक पहले दाखिल की।
यह 10 अक्टूबर से चल रहे CEC-विरोधी प्रदर्शनों का तीसरा दिन था। सोमवार का मार्च इस आंदोलन का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक शक्ति-प्रदर्शन माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कांग्रेस के साथ INDIA गठबंधन के लगभग सभी बड़े दलों के नेता एक साथ सड़क पर दिखे।
बाराखंभा रोड से भगवान दास रोड तक
दोपहर करीब डेढ़ बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड जंक्शन पर नेता और कार्यकर्ता जुटने लगे। मार्च की अगुवाई राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, RJD के तेजस्वी यादव, NCP (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, CPI के डी. राजा, CPI(M) के एम.ए. बेबी, CPI(ML) के दीपांकर भट्टाचार्य और IUML के ई.टी. मोहम्मद बशीर समेत कई सांसद मौजूद थे। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और छात्र संगठन AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा भी मार्च में शामिल हुईं।

मार्च जैसे-जैसे मंडी हाउस की ओर बढ़ा, मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात लगभग थम गया। पुलिस ने पूरे रास्ते पर भारी बल तैनात कर रखा था और भगवान दास रोड पर बैरिकेडिंग कर मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। नेता वहीं धरने पर बैठ गए और नारेबाजी होती रही।
4:30 की समय-सीमा और वकीलों के हाथों दाखिल याचिका
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में भौतिक रूप से याचिकाएं शाम 4:30 बजे तक ही स्वीकार की जाती हैं। मार्च के बैरिकेड्स पर अटकने के बाद राहुल गांधी की कानूनी टीम ने यह जिम्मेदारी संभाली। राहुल गांधी के वकील एस. प्रसन्ना ने पुष्टि की कि याचिका दाखिल हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर यह याचिका शाम 4:37 बजे दाखिल दर्ज है, जिसमें चुनाव आयोग को प्रतिवादी बनाया गया है।
शाम को कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने लिखा कि राहुल गांधी और खड़गे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं और उनके साथ INDIA गठबंधन के सांसद व वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने क्या कहा
मार्च से पहले इंदिरा भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने भाजपा पर मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने का आरोप लगाया और राजधानी में लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे CEC को संबोधित करते हुए कहा:
इस्तीफा दीजिए, सरकारी गवाह बन जाइए। गलती आपने की है, लेकिन उस गलती के पीछे का दिमाग आप नहीं हैं।
राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा
सुबह एक्स पर किए गए पोस्ट में राहुल गांधी ने बताया था, “हमने CJI को पत्र लिखा था। उन्होंने हमें याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया।” मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रविवार को मुलाकात का अनुरोध यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि इससे जुड़े मामले पहले से अदालत में विचाराधीन हैं।

मेट्रो खुली, पर तनाव बरकरार
मार्च के मद्देनजर छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार शाम 4 बजे तक बंद रखे गए थे। शाम करीब पांच बजे दिल्ली पुलिस ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के गेट खोल दिए गए हैं और इंटरचेंज सुविधा भी बहाल है।
हालांकि मार्च शांतिपूर्ण रहा, पर विपक्ष ने साफ कर दिया है कि यह आखिरी कदम नहीं है। अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं, जहां SIR से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई होनी है और मुख्य न्यायाधीश संकेत दे चुके हैं कि विपक्ष की याचिका पर भी उन्हीं के साथ विचार हो सकता है।

























































































