Rajasthan Drone RDX: पाक सीमा पर ड्रोन से गिरी हथियार-विस्फोटक की खेप; श्रीगंगानगर रावला में ANTF-BSF की बड़ी बरामदगी, दो गिरफ्तार

जयपुर/श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई हथियार और विस्फोटक सामग्री की बड़ी खेप बरामद की है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे सूचना मिली कि आगे के इलाके में नहर किनारे एक खेत में तीन संदिग्ध पैकेट गिराए गए हैं।
शुरुआत में इन पैकेटों में नशीले पदार्थों की आशंका थी। लेकिन सीमा सुरक्षा बल (BSF), ANTF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त तलाशी में हथियार और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली। बरामदगी रावला मंडी क्षेत्र की 12 केएनडी ग्राम पंचायत के चक 4 केएनएम इलाके में हुई। एजेंसियों के मुताबिक खेप में करीब 7 किलो संदिग्ध आरडीएक्स (प्लास्टिक विस्फोटक), दो तुर्की निर्मित पिस्तौलें, चार मैगजीन, करीब 650 कारतूस, चार जोड़ी बैटरियां और दो रिमोट कंट्रोल डिवाइस शामिल हैं। सामग्री में आईईडी बनाने के काम आने वाले सामान की भी जानकारी दी गई है।

तीन उड़ानों में गिरी खेप, दो गिरफ्तार
ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि सीमापार से आए ड्रोन ने तीन अलग-अलग उड़ानों में पैकेट गिराए। मौके पर पंजाब के जालंधर और फिरोजपुर जिलों के दो युवक गिरफ्तार किए गए। अधिकारियों ने जांच के चलते अभी नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। एजेंसियां आरोपियों की हालिया आवाजाही, फोन रिकॉर्ड और स्थानीय संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
विकास कुमार ने कहा, “जांच चल रही है कि सामग्री किसने भेजी और उनका उद्देश्य क्या था।” उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। बरामदगी के बाद सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तलाशी अभियान जारी है।

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नशे से हथियार तक—बदलता पैटर्न
अधिकारियों के अनुसार यह बरामदगी राजस्थान की सीमा पट्टी में ड्रोन से गिराई गई अब तक की सबसे बड़ी हथियार-विस्फोटक खेपों में से एक है। पहले सीमापार ड्रोन आमतौर पर नशीले पदार्थ और छोटे हथियार गिराते रहे हैं। संदिग्ध आरडीएक्स जैसी उच्च श्रेणी की विस्फोटक सामग्री मिलने से जांच का दायरा बढ़ गया है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि खेप आतंकी साजिश, आपराधिक गिरोह या दोनों के लिए थी।
ANTF ने स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ करीब एक महीने की खुफिया जानकारी जुटाने के बाद यह कार्रवाई की। रावला क्षेत्र ग्रामीण सड़कों और पुराने तस्करी मार्गों के चौराहे पर पड़ता है, जहां से खेप को सीमा से दूर ले जाना आसान हो सकता था। श्रीकरणपुर क्षेत्र पहले ड्रोन ड्रॉप का प्रमुख ठिकाना रहा; निगरानी कड़ी होने के बाद गतिविधि हिंदुमलकोट और केसरसिंहपुर की ओर खिसकी बताई जाती है। रावला की यह बरामदगी नए लैंडिंग जोन और भारी पेलोड के प्रयोग का संकेत देती है।

जांच एजेंसियां खेप के स्रोत, मंजिल और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही हैं। ANTF महानिरीक्षक के अनुसार आगे की जांच के साथ और तथ्य सामने आएंगे। सीमा पर तलाशी और निगरानी अभियान जारी है।
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