Tibet Earthquake: तिब्बत में रात को आए 7.0 तीव्रता के भूकंप में 16 लोगों की मौत, 54 घायल; 339 परिवारों के घर ढहे या टूटे

बीजिंग/नई दिल्ली: चीन के तिब्बत (आधिकारिक नाम शीजांग) स्वायत्त क्षेत्र में गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के आपात कमान मुख्यालय के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक 16 लोगों की मौत हो चुकी थी और 54 लोग घायल थे। घायलों में 11 की हालत गंभीर है। भूकंप से 339 परिवारों के घर ढह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
भूकंप 22 अक्टूबर को स्थानीय समय के अनुसार रात 10:33 बजे (भारतीय समय के अनुसार रात करीब 8:03 बजे) नाग्चू शहर की बाकेन (बाछेन) काउंटी में आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी इसकी तीव्रता 7.0 दर्ज की है। राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाके की ऊंचाई और कड़ाके की ठंड है।
कहां था केंद्र, कितनी गहराई
चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 32.40 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.79 डिग्री पूर्वी देशांतर पर, जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। USGS के अनुसार, केंद्र नाग्चू शहर से करीब 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में था और उसने इसकी गहराई करीब 18 किलोमीटर आंकी है। इतनी कम गहराई वाले भूकंप में सतह पर झटके ज्यादा तेज महसूस होते हैं।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, केंद्र मारू कस्बे में था, जो काउंटी मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर है। मारू के उप-प्रमुख ल्हावांग दाग्पो ने बताया कि कस्बे के सरकारी दफ्तर में झटके साफ महसूस हुए और इमारत की दीवारों में दरारें आ गईं। बाकेन काउंटी मुख्यालय में बिजली गुल हो गई और दूरसंचार सेवाएं बाधित हुईं। झटके तिब्बत के चामदो और न्यिंगची जैसे इलाकों में भी महसूस किए गए।
USGS ने इस भूकंप के लिए संभावित जनहानि को लेकर ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। उसके अनुमान के मुताबिक, केंद्र के आसपास झटकों की तीव्रता ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंची।

रातभर आते रहे आफ्टरशॉक
मुख्य भूकंप के बाद भी इलाके में धरती डोलती रही। USGS के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय समय के अनुसार रात 8:42 बजे 5.2 तीव्रता और रात 11:36 बजे 5.0 तीव्रता के झटके इसी इलाके में दर्ज किए गए। CENC के अनुसार, स्थानीय समय के मुताबिक रात 11:12 बजे बाकेन से सटे छिंगहाई प्रांत की जादोई काउंटी में 4.3 तीव्रता का भूकंप भी आया, जिससे कुछ घरों में दरारें आईं।
चीनी प्रधानमंत्री ली छियांग ने भी अपने निर्देश में कहा कि प्रभावित इलाका ऊंचाई पर है और वहां लगातार आफ्टरशॉक आ रहे हैं, इसलिए भूकंप की निगरानी और आपदा से बचाव के इंतजाम और कड़े किए जाएं।
शी जिनपिंग बोले- ठंड और ऊंचाई को ध्यान में रखकर हो बचाव
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भूकंप के बाद निर्देश दिया कि लोगों की तलाश और बचाव में पूरी ताकत लगाई जाए और घायलों के इलाज में कोई कसर न छोड़ी जाए, ताकि जनहानि कम से कम हो। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाका काफी ऊंचाई पर है और वहां मौसम बेहद ठंडा है। ऐसे में भूकंप और मौसम पर लगातार नजर रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से राहत अभियान चलाया जाए, ताकि कोई और आपदा न आए। साथ ही राहत सामग्री जल्द पहुंचाने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर बसाने और टूटे बुनियादी ढांचे की जल्द मरम्मत करने को भी कहा।
राहत कार्य में जुटे सैकड़ों जवान
चीन के आपात प्रबंधन मंत्रालय ने शुक्रवार सुबह बताया कि राष्ट्रीय भूकंप आपदा आपात प्रतिक्रिया को चौथे स्तर से बढ़ाकर तीसरे स्तर पर कर दिया गया है। चीन भूकंप प्रशासन के प्रमुख वांग कुन के नेतृत्व में एक टीम प्रभावित इलाके के लिए रवाना की गई है। नुकसान का जायजा लेने के लिए विंग लूंग ड्रोन भी भेजे गए हैं। तिब्बत ने अपने स्तर पर दूसरे दर्जे की आपात प्रतिक्रिया लागू की है।
मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय दमकल और बचाव बल के 350 जवान 83 वाहनों के साथ रवाना किए गए हैं। इनमें से 120 जवान 27 वाहनों के साथ भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे तक प्रभावित इलाके में पहुंच चुके थे। इसके अलावा तिब्बत पुलिस के 300 से ज्यादा जवान भी बचाव कार्य में लगे हैं। स्थानीय दमकल सेवा के हवाले से चीनी मीडिया ने बताया कि रात में सबसे पहले पहुंचे दमकलकर्मियों के एक दल ने मारू के एक गांव में मलबे में दबे एक व्यक्ति को जिंदा निकाल लिया।
ठंड को देखते हुए बड़ी मात्रा में राहत सामग्री भेजी गई है। आपात प्रबंधन मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय समय के अनुसार रात करीब 2 बजे तक केंद्र, क्षेत्रीय, शहर और काउंटी, चारों स्तरों से भेजी गई यह सामग्री प्रभावित इलाके में पहुंचने लगी थी:
- 1,000 प्री-फैब्रिकेटेड घर (बोर्ड हाउस) और 3,239 टेंट
- 2,821 फोल्डिंग बेड और 4,280 रजाइयां
- 2,000 जोड़ी गर्म कपड़े, 1,760 सैन्य ओवरकोट और 694 तिब्बती पारंपरिक चोगे
- 200 अंगीठियां, 4 जनरेटर और रोशनी के लिए 2,000 टॉर्च व हेडलैंप
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भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है यह इलाका
तिब्बत का पठार भारतीय और यूरेशियाई टेक्टॉनिक प्लेटों की टक्कर वाले इलाके में आता है, इसलिए यहां बड़े भूकंप आते रहते हैं। जनवरी 2025 में तिब्बत की डिंगरी काउंटी में आए भूकंप में कम से कम 126 लोगों की मौत हुई थी। तब भारत के विदेश मंत्रालय ने मृतकों के प्रति संवेदना जताई थी। इस बार के भूकंप पर खबर लिखे जाने तक भारत सरकार की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया था।
चीनी अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी जारी है, इसलिए मरने वालों और घायलों की संख्या बदल सकती है।









































































































































































