अक्टूबर 25, 2026
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Cyclone Arnab: 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकरा सकता है ‘बहुत गंभीर’ तूफान

नई दिल्ली/अमरावती/भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम अब डिप्रेशन (अवदाब) बन चुका है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहली बार बताया है कि यह किस इलाके में तट से टकरा सकता है। IMD के ताजा राष्ट्रीय बुलेटिन के मुताबिक, यह सिस्टम ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ बनकर 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले आंध्र प्रदेश और यानम के तट को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच पार कर सकता है। उस समय हवा की लगातार रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन से जुड़े बादलों का घेरा, 24 अक्टूबर 2026 की सैटेलाइट तस्वीर
24 अक्टूबर 2026 को NOAA-20 सैटेलाइट से ली गई बंगाल की खाड़ी की तस्वीर, जिसमें उसी शाम डिप्रेशन बने सिस्टम से जुड़े बादल दिख रहे हैं। फोटो: NASA Worldview / NASA EOSDIS (VIIRS)

विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों के लिए ‘प्री-साइक्लोन वॉच’ (येलो मैसेज) जारी की है। सिस्टम के चक्रवाती तूफान बनने पर इसे ‘अर्नब’ नाम दिया जाएगा, जो उत्तर हिंद महासागर के चक्रवातों की सूची में बांग्लादेश का सुझाया नाम है। इससे पहले शुक्रवार तक IMD सिर्फ इतना कह रहा था कि तूफान उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ेगा। अब तट पार करने का संभावित इलाका, समय और ताकत तीनों सामने आ गए हैं।

अभी कहां है सिस्टम

IMD के मुताबिक, पूर्व-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना ‘सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र’ शनिवार, 24 अक्टूबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन में बदल गया। रात 11:30 बजे यह 15.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 91.0 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास था। यह जगह अंडमान के श्री विजयपुरम से करीब 470 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम, विशाखापत्तनम से 860 किमी, काकीनाडा से 950 किमी, मछलीपट्टनम से 1,060 किमी और बापटला से 1,130 किमी पूर्व में है। पिछले छह घंटों में यह करीब 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दक्षिण-पूर्व की ओर खिसका था।

विभाग का अनुमान है कि रविवार को यह लगभग दक्षिण की ओर बढ़ते हुए गहरे डिप्रेशन में बदलेगा और फिर धीरे-धीरे मुड़कर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर चलने लगेगा। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, सिस्टम की ताकत इस क्रम में बढ़ सकती है:

  • 25 अक्टूबर (रविवार) रात: गहरा डिप्रेशन, हवा 55-65 किमी प्रति घंटा
  • 26 अक्टूबर (सोमवार) सुबह तक: चक्रवाती तूफान, हवा 70-80 किमी प्रति घंटा
  • 27 अक्टूबर (मंगलवार) सुबह के आसपास: पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान
  • 27 अक्टूबर की रात: बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान, हवा 100-110 किमी प्रति घंटा
  • 28 अक्टूबर (बुधवार) दोपहर से पहले: बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करने की संभावना, हवा 115-125 किमी प्रति घंटा, झोंके 140 तक

तट पार करने के बाद सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर जमीन पर बढ़ते हुए कमजोर होगा। IMD के अनुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर की रात तक यह फिर से ‘चक्रवाती तूफान’ की श्रेणी में आ सकता है। विभाग के ट्रैक मैप में ‘अनिश्चितता का दायरा’ (कोन) भी दिखाया गया है, यानी रास्ता और टकराने की जगह आने वाले बुलेटिनों में कुछ बदल सकती है। अगला बुलेटिन रविवार सुबह 8:30 बजे जारी होना था।

IMD का ट्रैक मैप, जिसमें बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन का आंध्र प्रदेश तट की ओर संभावित रास्ता और अनिश्चितता का दायरा दिखाया गया है
IMD का 24 अक्टूबर रात 11:30 बजे (IST) पर आधारित ट्रैक मैप। लाल रेखा संभावित रास्ता और हरा हिस्सा अनिश्चितता का दायरा दिखाता है। ग्राफिक: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

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समुद्र में ‘बेहद खतरनाक’ लहरें, 140 किमी तक के झोंके

IMD की चेतावनी के मुताबिक, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में रविवार शाम से 40-50 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाएं चलनी शुरू होंगी। सोमवार शाम तक इनकी रफ्तार 80-90 किमी, मंगलवार सुबह तक 90-100 किमी और बुधवार सुबह तक 115-125 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर मंगलवार, 27 अक्टूबर की सुबह से तेज हवाएं शुरू होंगी, जो शाम तक 90-100 किमी प्रति घंटा और बुधवार सुबह तक 115-125 किमी प्रति घंटा हो सकती हैं। दक्षिण ओडिशा के तट पर 27 अक्टूबर की शाम से 28 अक्टूबर की शाम तक 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं।

समुद्र की हालत 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर तक ‘फिनॉमिनल’ यानी सबसे खतरनाक श्रेणी में पहुंच सकती है। तट पार करने के बाद हवा की रफ्तार घटनी शुरू होगी और 29 अक्टूबर की सुबह तक यह 40-50 किमी प्रति घंटा रह जाएगी।

आंध्र-ओडिशा ही नहीं, 10 से ज्यादा राज्यों में बारिश

IMD ने आंध्र प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को ज्यादातर जगहों पर बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। 29 अक्टूबर को भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 27 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी, 28 को कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी और 29 को फिर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी तेलंगाना में भी 28 अक्टूबर को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

तूफान के जमीन पर आगे बढ़ने के साथ बारिश का दायरा फैलेगा। दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 28 अक्टूबर को, उत्तरी छत्तीसगढ़ में 29 को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 28-29 अक्टूबर, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29-30 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 29 को भारी और 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान द्वीपसमूह में 25 से 27 अक्टूबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

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कच्चे घर, बिजली के खंभे और फसलें खतरे में

IMD ने आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में 27-28 अक्टूबर के लिए जिन नुकसानों की आशंका जताई है, उनमें छप्पर वाले घरों का पूरी तरह तबाह होना, कच्चे मकानों को भारी और पक्के मकानों को कुछ नुकसान, बिजली और संचार के खंभों का झुकना या उखड़ना और बड़े पेड़ों का गिरना शामिल है। खड़ी फसलों, बागानों और नारियल के पेड़ों को व्यापक नुकसान, सड़कों को बड़ा नुकसान, रेल और बिजली की लाइनों में थोड़ी रुकावट, तटबंधों और नमक के खेतों को नुकसान की आशंका भी जताई गई है। तेज हवा में उड़ने वाली चीजों से भी खतरा रहेगा।

विभाग ने मछली पकड़ने का काम पूरी तरह बंद रखने, तटीय इलाकों से लोगों को निकालने और झोपड़ियों में रहने वालों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की सलाह दी है। प्रभावित इलाकों में लोगों से घरों के अंदर रहने, कमजोर ढांचों में न रुकने और रेल व सड़क यातायात को सोच-समझकर नियंत्रित करने को कहा गया है।

आंध्र प्रदेश: 13 जिलों के लिए रेड अलर्ट

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, IMD ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों के लिए 27 और 28 अक्टूबर को रेड अलर्ट जारी किया है। 27 अक्टूबर को कृष्णा और बापटला जिलों के लिए, जबकि 28 अक्टूबर को विशाखापत्तनम, अल्लूरी सीताराम राजू, अनकापल्ली, काकीनाडा, डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु, NTR, कृष्णा, गुंटूर और बापटला जिलों के लिए रेड अलर्ट है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। राज्य में 25 और 26 अक्टूबर को हल्की बारिश हो सकती है और 27 अक्टूबर से बारिश तेज होगी।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ प्रबंधन और जल संरक्षण के लिए एक व्यापक योजना बनाने को भी कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर के आखिर में आंध्र तट से टकराया चक्रवात ‘मोंथा’ ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ की श्रेणी का था, जबकि इस बार का सिस्टम उससे एक श्रेणी ऊपर ‘बहुत गंभीर’ तूफान बन सकता है।

काकीनाडा के पास समुद्र में मछली पकड़ने वाली नाव
काकीनाडा के पास समुद्र में मछली पकड़ने वाली नाव (फाइल फोटो, 2016)। IMD ने 27 अक्टूबर से आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट के पास मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। फोटो: Arunk336 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

ओडिशा: 5 जिलों में 28-29 अक्टूबर को स्कूल बंद

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। बाकी जिलों में छुट्टी का फैसला जिला कलेक्टर हालात देखकर करेंगे। राहत और बचाव के लिए कुल 302 टीमें तैयार रखी गई हैं।

निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाने और गर्भवती महिलाओं व मरीजों को अस्पतालों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित प्रभावित इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों को सांप के काटने की दवा (एंटी-स्नेक वेनम), जरूरी दवाइयां और मेडिकल किट का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। इंजीनियरिंग विभागों को तूफान के बाद सड़क, बिजली और पीने के पानी की सप्लाई तुरंत बहाल करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की करीब 60, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 17 और अग्निशमन सेवा की 225 टीमें तैनात या अलर्ट पर हैं। माझी ने कहा, “विभागों को खास जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और हमारा मुख्य लक्ष्य जीरो कैजुअल्टी है।” मुख्यमंत्री के मुताबिक, दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी बारिश के साथ 70-90 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 28-29 अक्टूबर का अपना ओडिशा दौरा चक्रवात के खतरे को देखते हुए टाल दिया है।

मछुआरे कब तक समुद्र में न जाएं

IMD ने मछुआरों को पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीपसमूह के आसपास 26 अक्टूबर तक, पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम व दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में 26 से 28 अक्टूबर तक और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट के पास 27 अक्टूबर से समुद्र में न जाने की सलाह दी है। मोटरबोट और छोटे जहाजों की आवाजाही को असुरक्षित बताया गया है। जहाजरानी, बंदरगाह और समुद्री संचालकों से 28 अक्टूबर तक तैयारी की समीक्षा करने को कहा गया है।

आम लोगों के लिए विभाग की सलाह है कि घर से निकलने से पहले रास्ते के ट्रैफिक की जानकारी ले लें, अक्सर जलभराव वाले इलाकों में न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। सिस्टम का रास्ता और ताकत अगले बुलेटिनों में और साफ होगी, इसलिए तटीय इलाकों के लोग IMD और राज्य आपदा प्रबंधन विभागों की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

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