ECI SSR: 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष सारांश पुनरीक्षण, ड्राफ्ट 12 नवंबर को—अंतिम सूची 4 जनवरी 2027

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को पत्र संख्या 23/2026-ERS जारी कर 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के सापेक्ष फोटो मतदाता सूची का विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revision / SSR) शुरू करने का आदेश दिया है। पत्र पर सचिव संतोष कुमार दुबे के हस्ताक्षर हैं। यह प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (Representation of the People Act, 1950) की धारा 21 के तहत चलेगी।
आयोग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देश भेजा है। इनमें से उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए सूची को समय पर अपडेट करना चुनावी तैयारियों के लिए खास मायने रखता है।
SSR का पूरा शेड्यूल—ड्राफ्ट से अंतिम सूची तक
आयोग के पत्र के मुताबिक पुनरीक्षण का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- मतदान केंद्रों का युक्तिकरण/पुनर्व्यवस्था — 2 नवंबर 2026 तक
- एकीकृत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन — 12 नवंबर 2026
- दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि — 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026
- दावों और आपत्तियों का निपटान — 28 दिसंबर 2026 तक
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन — 4 जनवरी 2027

छूटे और पहली बार वोट देने वाले युवा भी फोकस में
आयोग का साफ निर्देश है कि 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के लिए योग्य मतदाताओं का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 की अगली तीन अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। इससे उन युवाओं को फायदा होगा जो इन तिथियों तक 18 साल पूरे कर लेंगे। आयोग ने पहले ही 29 सितंबर 2026 को छूटे/युवा/पहली बार योग्य मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे; SSR उसी कड़ी का अगला कदम है।
आवेदन voters.eci.gov.in पोर्टल या ECINET ऐप से ऑनलाइन भरे जा सकते हैं। फॉर्म-6 (नामांकन), फॉर्म-6A (प्रवासी), फॉर्म-7 (नाम हटाने/आपत्ति) और फॉर्म-8 (पता बदलाव, सुधार, EPIC बदलना, दिव्यांग चिह्न) लागू रहेंगे। आधार नंबर स्वैच्छिक है; आधार न देने पर आवेदन खारिज नहीं होगा।
किन राज्यों में SSR अभी नहीं—SIR और मौसम का कारण
जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है या अभी-अभी पूरा हुआ है, वहां SSR का शेड्यूल बाद में आएगा। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में SIR अभी शुरू नहीं हुआ है; वहां मौसम की स्थिति देखते हुए सूची-पुनरीक्षण का कार्यक्रम अलग से घोषित होगा।
यह भी पढ़ें: SIR Case: राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को नोटिस, CJI बोले- न्यायपालिका को कोई धमका नहीं सकता

नाम हटाने के नियम सख्त—Form 7 जरूरी
आयोग ने नाम हटाने को लेकर साफ गाइडलाइन दी है। पुष्टि हो चुके DSE/PSE (जनसांख्यिकीय या फोटो से मिलती-जुलती प्रविष्टियां), स्थायी रूप से स्थानांतरित और मृतक मतदाताओं के नाम तभी हटाए जाएंगे जब संबंधित मतदाता से, या मृतक के मामले में नजदीकी रिश्तेदार/परिवार के सदस्य से, फॉर्म-7 मिले। इंडियन एक्सप्रेस की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक SSR में आयोग पहले इस्तेमाल हो चुके DSE/PSE सॉफ्टवेयर की ओर लौट सकता है, जो SIR के दौरान इस्तेमाल नहीं हुआ था।
पार्टियों को मिलेगी पढ़ने योग्य PDF, न कि इमेज PDF
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां पढ़ने योग्य (readable) PDF में मुफ्त मिलेंगी—पहले वाली इमेज-PDF के बजाय। सूची में मतदाताओं की तस्वीरें इस सॉफ्ट कॉपी में नहीं होंगी। मतदान केंद्र स्तर पर दावों-आपत्तियों की साप्ताहिक सूची भी दलों को सौंपी जाएगी।
18–19 साल के आयु वर्ग और छूटे योग्य नागरिकों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को दिया गया है। युवा मतदाता ECINET ऐप या voters.eci.gov.in पर फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं; ड्राफ्ट सूची 12 नवंबर के बाद नाम चेक करना और गलती होने पर दावा/आपत्ति दर्ज कराना भी जरूरी है।
अब नजर 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और 12 नवंबर को आने वाले ड्राफ्ट रोल पर है। अंतिम सूची 4 जनवरी 2027 को आने के बाद यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा समेत इन 17 क्षेत्रों में चुनावी रोल अपडेट हो चुका होगा।
यह भी पढ़ें: Rahul Gandhi Petition: स्वतंत्र जांच समिति से ECI की फाइल-नोटिंग तक, सुप्रीम कोर्ट से विपक्ष ने क्या-क्या मांगा?





























































































































