IMD Weather Alert: पंजाब-हरियाणा-दिल्ली में आज ओले और भारी बारिश की चेतावनी, दक्षिण में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक

देश में आज, गुरुवार को मौसम के दो अलग-अलग रंग दिखेंगे। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि आज दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू होने और देश के बाकी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए हालात अनुकूल हैं।
IMD के गुरुवार सुबह 8:19 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन के अनुसार, आज पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज के साथ ओले गिरने की आशंका है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
पंजाब-हरियाणा में आज सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने गुरुवार को जारी चेतावनी में पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली उपसंभाग, दोनों के लिए आज बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का अलर्ट दिया है। IMD के पैमाने पर 24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर बारिश को ‘भारी’ और 115.6 से 204.4 मिलीमीटर बारिश को ‘बहुत भारी’ माना जाता है। शुक्रवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में सिर्फ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है, जबकि पंजाब के लिए शुक्रवार से कोई चेतावनी नहीं है।
‘द ट्रिब्यून’ के मुताबिक, चंडीगढ़ ट्राइसिटी के लिए गुरुवार को ऑरेंज और शुक्रवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।
कुछ इलाकों में बारिश शुरू भी हो चुकी है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे से गुरुवार सुबह 5:30 बजे तक हरियाणा के अंबाला में 3 सेंटीमीटर, जबकि पंजाब के पटियाला और राजस्थान के श्रीगंगानगर में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मंडियों में पड़े धान पर फिर संकट
यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब पंजाब और हरियाणा में धान की कटाई और खरीद जोरों पर है और बड़ी मात्रा में धान मंडियों में खुले में पड़ा है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, 11 अक्टूबर की तेज बारिश में फाजिल्का अनाज मंडी के कुछ हिस्सों में करीब तीन फुट तक पानी भर गया था और खन्ना, बटाला तथा वडाला ग्रंथी मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया था। ऐसे में ओलावृष्टि की नई चेतावनी ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग ने आगाह किया है कि तेज हवा और ओलों से खड़ी फसलों, बागवानी और पेड़ों को नुकसान हो सकता है। टहनियां टूटने से बिजली और संचार लाइनें प्रभावित हो सकती हैं और खुले में मौजूद लोग व मवेशी ओलों से घायल हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में बागवानों को फलों के बाग और सब्जियों के खेतों में ओला-रोधी जाल लगाने की सलाह दी गई है। किसानों से कहा गया है कि कटी फसल को सुरक्षित जगह रखें या तिरपाल से ढक दें।
दिल्ली में दोपहर बाद बदलेगा मौसम
IMD के बुधवार को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में आज आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच कई जगहों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। रात में बारिश का एक और दौर आ सकता है। अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो ज्यादातर जगहों पर सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री कम होगा। न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री के बीच रह सकता है। शुक्रवार सुबह से दोपहर तक भी हल्की बारिश के आसार हैं और न्यूनतम तापमान गिरकर 17 से 19 डिग्री तक आ सकता है।
दक्षिण में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक
IMD ने अपने बुलेटिन में कहा है कि देश के बाकी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी और उसके साथ ही दक्षिणी प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू होने के लिए आज हालात अनुकूल हैं। फिलहाल मानसून की वापसी रेखा धुबरी, कोलकाता, अंगुल, खम्मम और होन्नावर से होकर गुजर रही है।
‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि हवाओं का रुख बदलकर पूर्वी होने लगा है, जो मानसून के आगमन का संकेत है। उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु की सालाना बारिश का बड़ा स्रोत माना जाता है। इसी अवधि में तमिलनाडु के नागपट्टिनम में 9 और कराईकल में 8 सेंटीमीटर बारिश हुई।
IMD ने आज केरल-माहे और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि तमिलनाडु और केरल में 20 अक्टूबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 18 अक्टूबर तक तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी है।
मौसम विभाग ने तमिलनाडु के किसानों को सलाह दी है कि धान की नर्सरी और खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें और पके धान और मूंगफली की कटाई बारिश रुकने के बीच कर लें।
आंधी-ओलों के दौरान क्या करें
IMD की सलाह है कि गरज-चमक और ओलावृष्टि के दौरान घर में रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें और गैरजरूरी यात्रा टालें। पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें, तालाब या किसी भी जलस्रोत से तुरंत बाहर निकल आएं और धातु जैसी बिजली की सुचालक चीजों से दूर रहें।
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