CEC Protest Day 4: गृह सचिव, पुलिस आयुक्त और DMRC प्रमुख को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में देना है जवाब; यह दिन क्यों है निर्णायक?

नई दिल्ली: CEC-विरोधी आंदोलन के तीन दिन सड़कों पर गुजरे, लेकिन चौथा दिन, यानी मंगलवार 13 अक्टूबर, अदालत और प्रशासन के लिए असली परीक्षा का दिन होगा। एक ही दिन में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका, बड़े पैमाने पर हिरासत के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिकाएं और SIR से जुड़े मामले सामने होंगे, जबकि सड़क पर CJP का 24 घंटे का अल्टीमेटम भी खत्म हो रहा होगा।
1. देश के तीन बड़े अफसरों को देना है जवाब
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की विशेष पीठ ने रविवार को माना कि 9 अक्टूबर के अदालती निर्देशों के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया मामला बनता है। ये निर्देश मेट्रो और रेल सेवाओं पर पाबंदियों को लेकर थे। अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की अवमानना याचिका पर अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और DMRC की अध्यक्ष डी. थारा को नोटिस जारी किया है। तीनों को 13 अक्टूबर तक जवाबी हलफनामा और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है।
याद रहे कि 9 अक्टूबर को अदालत ने 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने, नियंत्रित ढंग से ट्रेनें चलाने और जनता को समय पर सूचना देने को कहा था। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद 10 अक्टूबर को कई स्टेशन बंद रहे।

2. हजारों की हिरासत पर सवाल
उसी पीठ के सामने 10 अक्टूबर को हजारों लोगों की कथित अवैध हिरासत के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी है। रविवार को अदालत ने अंतरिम निर्देश दिए थे कि कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी को हिरासत में न लिया जाए, इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों और वकीलों, पत्रकारों व अन्य पेशेवरों को काम करने से न रोका जाए। मंगलवार को अवमानना और हिरासत, दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई होगी।
3. SIR पर लंबित मामले और राहुल गांधी की याचिका
SIR से जुड़े कई मामले भी मंगलवार को सूचीबद्ध हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत कह चुके हैं कि विपक्षी नेताओं की नई याचिका पर इन्हीं के साथ विचार हो सकता है। राहुल गांधी की याचिका में स्वतंत्र जांच समिति और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड तलब करने की मांग की गई है।
4. CJP का अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार दोपहर दिल्ली पुलिस को पत्र देकर 24 घंटे में जंतर मंतर पर प्रदर्शन की तारीख मांगी है। जवाब न मिलने पर संगठन ने नए बड़े प्रदर्शन की घोषणा करने की बात कही है। चूंकि जंतर मंतर अब नामित प्रदर्शन स्थल नहीं है, इसलिए टकराव की गुंजाइश बनी हुई है।
आम दिल्लीवासी के लिए क्या मायने
पिछले तीन दिनों में मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग, डायवर्जन और मेट्रो गेट बंद रहने से दफ्तर जाने वालों और कारोबारियों को खासी परेशानी हुई। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस ने बताया कि सभी मेट्रो स्टेशनों के गेट खोल दिए गए हैं। लेकिन मंगलवार को राजधानी में पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक भी है, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। ऐसे में नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा कड़ी रहने की संभावना है।
सलाह यही है कि मध्य दिल्ली की ओर निकलने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और DMRC के आधिकारिक एक्स हैंडल पर ताजा एडवाइजरी जरूर देख लें।



























































































