SC Petition Defects: राहुल गांधी की SIR याचिका पर 14 दोष, मंगलवार की सुनवाई टली; ₹220 शुल्क भी कम

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के 10 अन्य नेताओं द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने 14 प्रक्रियागत दोष गिनाए हैं। इन दोषों के सुधार के बिना मामला मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका। याचिकाकर्ताओं की कानूनी टीम ने सुधार के बाद बुधवार को लिस्टिंग का अनुरोध किया है।
याचिका डायरी संख्या 64196/2026 के तहत 12 अक्टूबर को दाखिल हुई थी। रजिस्ट्री की आपत्तियों में अदालती शुल्क में ₹220 की कमी, नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामा न होना, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की अस्पष्ट प्रति, पहले के एक फैसले की प्रति न लगाना, तथा दस्तावेजों की स्पष्टता और छोटे फॉन्ट संबंधी खामियां शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट नियम, 2013 के अनुसार दोष सुधार के बाद ही मामला सुनवाई सूची में आ सकता है।

किन-किन खामियों पर अटकी लिस्टिंग
रिपोर्ट्स के अनुसार 11 याचिकाकर्ताओं में से नौ के वकालतनामा अभी जमा नहीं हुए। इनमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) सांसद सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय शामिल बताए गए हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के कागजात इस सूची से अलग रखे गए हैं।
रजिस्ट्री ने यह भी पूछा है कि जनहित याचिका की प्रकृति वाली रिट में “निजी पक्षकारों” को प्रतिवादी क्यों बनाया गया। यह आपत्ति मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को चुनाव आयोग के अलावा अलग-अलग प्रतिवादी बनाने से जुड़ी बताई जा रही है।

याचिका में क्या मांगा गया
एडवोकेट एस. प्रसन्ना के माध्यम से दाखिल इस याचिका में चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्तों को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने SIR के तहत बड़े पैमाने पर नाम कटे जाने और कथित एकतरफा फैसलों की स्वतंत्र, समयबद्ध जांच की मांग की है। वे SIR की वैधता दोबारा खोलने के बजाय यह देखना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य सुरक्षा उपाय और आयोग का सामूहिक संवैधानिक चरित्र वास्तव में पालन हुआ या नहीं।
याचिका में जून 2025 में SIR शुरू करने के फैसले समेत विवादित निर्णयों से जुड़े पूरे फाइल, एजेंडा, मिनट्स, नोटिंग और दोनों आयुक्तों की आपत्तियां मंगाने का अनुरोध है। अंतरिम राहत में राज्यों में चल रहे SIR को सुनवाई तक स्थगित रखने, बिना नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए किसी मतदाता का नाम न काटे जाने, तथा काटे गए नामों की बूथ-वार सूची सार्वजनिक करने जैसी मांगें शामिल हैं।
मार्च के बाद रात में हुई फाइलिंग
सोमवार को INDIA गठबंधन का “मार्च फॉर डेमोक्रेसी” भगवान दास रोड पर पुलिस बैरिकेड पर रुक गया था। रजिस्ट्री के सामान्य समय से पहले राहुल गांधी स्वयं कोर्ट पहुंचे, पर याचिका अंततः उनके वकीलों ने दाखिल की। इससे पहले CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी और खड़गे से मुलाकात नहीं ली थी, लेकिन औपचारिक याचिका के जरिए मुद्दा उठाने और शीघ्र सुनवाई का संकेत दिया था।
याचिका में राहुल गांधी और खड़गे के अलावा तृणमूल के सौगत राय, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, मा.ए. बेबी, डी. राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ई.टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं। मंगलवार को सुनवाई न होने से विपक्ष की SIR और CEC संबंधी याचिका पर अगली लिस्टिंग अब दोष सुधार पर निर्भर है।



























































































