Rubio Mumbai Visit: ‘ट्रेड डील बहुत करीब’ कहकर भारत पहुंचे रुबियो, आज जयशंकर से होगी अहम बातचीत

मुंबई: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार दोपहर तीन दिन के भारत दौरे पर मुंबई पहुंच गए। उनके आने से ठीक एक दिन पहले उज्बेकिस्तान में रुबियो ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के “बहुत करीब” है। अब मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत पर सबकी नजर है, जिसमें व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग सबसे ऊपर रहने की उम्मीद है।
अमेरिकी दूतावास ने दोपहर करीब सवा दो बजे X पर लिखा, “अमेरिकी विदेश मंत्री पहुंच गए हैं! मुंबई में आपका स्वागत है।” विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य और आईटी मंत्री आशीष शेलार ने उनकी अगवानी की। मंत्रालय ने इसे रुबियो का दूसरा भारत दौरा बताया और कहा कि इससे भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के सभी स्तंभों पर सहयोग आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी उनके साथ पहुंचे।

गेटवे ऑफ इंडिया पहुंचे, 26/11 के पीड़ितों को देंगे श्रद्धांजलि
हवाई अड्डे से रुबियो गेटवे ऑफ इंडिया पहुंचे, जहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजदूत गोर उनके साथ दिखे। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक वे होटल ताजमहल पैलेस में बने स्मारक पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले (26/11) के पीड़ितों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उस हमले में 160 से ज्यादा लोगों की जान गई थी, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।
इसके बाद जयशंकर के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होनी है। शाम को रुबियो जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में अमेरिकी आजादी के 250 साल पूरे होने पर आयोजित ‘फ्रीडम 250’ रिसेप्शन में शामिल होंगे, जिसमें जयशंकर विशिष्ट अतिथि होंगे। बुधवार को रुबियो गुजरात के जामनगर जाएंगे, जिसे देश के ऊर्जा केंद्र के रूप में जाना जाता है।
ट्रेड डील और रूसी तेल पर रुबियो ने क्या कहा
भारत आने से पहले सोमवार को उज्बेकिस्तान के समरकंद में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में दी गई छूट और भारत के साथ व्यापार समझौते को सीधे जोड़ा। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक उन्होंने कहा, “हम अभी भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम इसके बहुत करीब हैं। राष्ट्रपति जब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूट जैसे फैसले लेते हैं, तो जिन बातों पर विचार किया जाता है, उनमें यह भी एक है।”
रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर नरमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति, कीमतों और दूसरे देशों पर पड़ रहे असर को देखते हुए अमेरिका को पिछले कुछ महीनों में प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है। रुबियो ने कहा, “भूगोल एक हकीकत है। कुछ देशों के लिए दूसरे स्रोतों से ऊर्जा हासिल करना बहुत मुश्किल है। यह कोई बहाना नहीं है, लेकिन विदेश नीति बनाते समय इन सबके बीच संतुलन बनाना पड़ता है।”
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते रूसी तेल के बड़े खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने वाले प्रावधानों पर छूट दे दी थी। भारत भी पिछले हफ्ते कह चुका है कि प्रस्तावित व्यापार समझौते का पहला चरण तय हो गया है और उसकी कानूनी ड्राफ्टिंग चल रही है। ऐसे में रुबियो-जयशंकर बैठक से डील पर किसी ठोस संकेत की उम्मीद की जा रही है।
यह भी पढ़ें: Trump Tariff Waiver: रूसी तेल खरीद पर भारत को 100% टैरिफ से फिलहाल राहत, डेडलाइन से ठीक पहले ट्रंप ने दी छूट
बातचीत के एजेंडे में ऊर्जा, व्यापार और रक्षा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले हफ्ते बताया था कि बातचीत में ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा, अहम और उभरती तकनीकों समेत आपसी हित के दूसरे क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा था कि यह दौरा दोनों देशों के बीच उच्च स्तर का संवाद बनाए रखने और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का मौका देगा।
रुबियो से पहले मंगलवार को ही जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी संसद के पांच सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें जेसन स्मिथ, डेविड श्वाइकर्ट, एलिस स्टेफानिक, एंडी ओगल्स और लॉरा फ्रीडमैन शामिल थे। जयशंकर ने X पर बताया कि इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीक से जुड़े पहलुओं के साथ भारत में कारोबारी सुगमता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग गहरा करने पर बात हुई।
भारत पहुंचने से पहले रुबियो समरकंद में मध्य एशियाई देशों के साथ C5+1 बैठक में शामिल हुए थे। राजदूत गोर के मुताबिक इस दौरान अमेरिका और उज्बेकिस्तान के बीच करीब 12 अरब डॉलर के निवेश वाले 54 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
यह भी पढ़ें: India-US Trade Deal: अमेरिका के साथ ट्रेड डील का पहला चरण फाइनल, गोयल बोले- कानूनी ड्राफ्टिंग जारी
इसी शहर में यूएई के विदेश मंत्री से भी बातचीत
मुंबई इन दो दिनों में बड़ी कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान सोमवार को मुंबई पहुंचे, जहां महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने उनका स्वागत किया। जयशंकर के साथ उनकी बातचीत में व्यापक रणनीतिक साझेदारी और व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत व्यापार, निवेश, ऊर्जा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

बैठक में अपनी शुरुआती टिप्पणी में जयशंकर ने कहा कि एक दशक से ज्यादा के लगातार सहयोग के बाद भारत-यूएई संबंध आज व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अपने वादे पर सचमुच खरे उतर रहे हैं। उन्होंने बताया कि CEPA पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है और रक्षा, ऊर्जा व तकनीक में सहयोग रणनीतिक रूप ले रहा है। खाड़ी क्षेत्र के हालात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के हर प्रयास का समर्थन करेगा और व्यापार, ऊर्जा व उर्वरक की मुक्त और सुरक्षित आवाजाही के पक्ष में है।
अब नजर इस पर है कि रुबियो और जयशंकर की बैठक के बाद दोनों पक्ष ट्रेड डील, रूसी तेल और ऊर्जा सहयोग पर क्या कहते हैं। बुधवार को रुबियो का जामनगर दौरा इसी कड़ी का अगला अहम पड़ाव होगा।


























































































































































