Jio IPO Record: दुनिया का पहला IPO जिसमें आए 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन, आखिरी दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ जियो का इश्यू

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बोली के आखिरी दिन एक नया रिकॉर्ड बनाकर बंद हुआ। ₹30,213 करोड़ के इस इश्यू के लिए 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए। बाजार से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, दुनिया में यह पहला IPO है जिसके लिए आवेदनों की संख्या 1 करोड़ के पार गई है। अब तक का रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के नाम था, जिसके IPO में करीब 97.34 लाख आवेदन आए थे।

मांग सिर्फ आवेदनों की गिनती तक सीमित नहीं रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की वेबसाइट पर शाम 7 बजे अपडेट हुए समेकित आंकड़ों के मुताबिक, आम निवेशकों के लिए रखे गए 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 438.26 करोड़ शेयरों की बोलियां आईं, यानी इश्यू करीब 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। ऊपरी भाव ₹1,119 के हिसाब से ये बोलियां करीब ₹4.9 लाख करोड़ की बैठती हैं। फॉर्च्यून इंडिया ने BSE के शाम 5:42 बजे के आंकड़ों के हवाले से सब्सक्रिप्शन 20.38 गुना और कुल आवेदन 1.34 करोड़ बताए थे। देर से अपलोड होने वाली बोलियों के कारण अंतिम आंकड़े थोड़े बदल सकते हैं।
बड़े संस्थानों ने 70 गुना बोली लगाई
सबसे ज्यादा उत्साह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) यानी बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंडों और विदेशी संस्थागत निवेशकों में दिखा। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, उनके लिए रखे गए करीब 4.90 करोड़ शेयरों पर 345.76 करोड़ शेयरों की बोलियां आईं, यानी यह हिस्सा 70.55 गुना भरा। इसमें विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 123.93 करोड़ और घरेलू बैंकों, वित्तीय संस्थानों व बीमा कंपनियों ने करीब 152.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई।
बड़े व्यक्तिगत और कारोबारी निवेशकों (NII) का हिस्सा 14 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें ₹10 लाख से ज्यादा की बोली वाला हिस्सा 15.89 गुना और ₹2 लाख से ₹10 लाख वाला हिस्सा 10.22 गुना भरा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए अलग रखा गया हिस्सा 7.60 गुना, कर्मचारियों का हिस्सा 2.93 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.72 गुना सब्सक्राइब हुआ।
फॉर्च्यून इंडिया के मुताबिक, पहले दिन 21 अक्टूबर को इश्यू 3.04 गुना और दूसरे दिन 5.40 गुना भरा था। यानी सबसे बड़ी छलांग आखिरी दिन लगी, जब संस्थागत निवेशकों ने आम चलन के मुताबिक अंतिम घंटों में बड़ी बोलियां लगाईं। इश्यू खुलने से पहले 19 अक्टूबर को कंपनी 212 एंकर निवेशकों से करीब ₹8,110 करोड़ जुटा चुकी थी।
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वारी एनर्जीज का रिकॉर्ड कैसे टूटा
द इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर तक ही आवेदनों की संख्या 1 करोड़ पार कर गई थी। इससे पहले देश में सबसे ज्यादा आवेदन वारी एनर्जीज (करीब 97.34 लाख) और भारत कोकिंग कोल (करीब 90.31 लाख) के IPO में आए थे।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने शुक्रवार सुबह रिलायंस के एक अधिकारी के हवाले से बताया था कि तब तक 1.2 करोड़ से ज्यादा आवेदन आ चुके थे। रॉयटर्स ने तुलना के लिए बताया कि इस साल एशिया के सबसे बड़े IPO, चीन की मेमोरी चिप कंपनी CXMT के 8.6 अरब डॉलर के इश्यू में करीब 94 लाख खातों से निवेश आया था। ‘दुनिया का पहला’ होने का दावा बाजार रिपोर्टों पर आधारित है; कंपनी या एक्सचेंज की ओर से इस पर अलग से कोई आधिकारिक बयान खबर लिखे जाने तक हमें नहीं मिला।
रकम के लिहाज से भी यह देश का सबसे बड़ा IPO है। इसने अक्टूबर 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के करीब ₹27,860 करोड़ के इश्यू को पीछे छोड़ा है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह मुकेश अंबानी के समूह का करीब दो दशक में पहला IPO है और ऊपरी भाव पर जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है।

खुदरा निवेशकों को शेयर मिलने के कितने आसार
सबसे ज्यादा सवाल आम निवेशकों के मन में यही है कि शेयर मिलेंगे या नहीं। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, खुदरा निवेशकों के लिए करीब 8.50 करोड़ शेयर रखे गए हैं। 12 शेयरों के एक लॉट के हिसाब से इतने शेयरों में करीब 70.86 लाख निवेशकों को एक-एक लॉट दिया जा सकता है। फॉर्च्यून इंडिया के मुताबिक, BSE के आंकड़ों में खुदरा हिस्से के लिए करीब 1.01 करोड़ आवेदन दर्ज हुए।
सेबी के नियमों के तहत जब आवेदन उपलब्ध लॉट से ज्यादा हों, तो पहले ज्यादा से ज्यादा आवेदकों को कम से कम एक लॉट देने की कोशिश होती है और फिर लॉटरी निकाली जाती है। इस हिसाब से मोटे तौर पर हर 10 में से करीब 7 खुदरा आवेदकों को एक लॉट मिल सकता है। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान है, क्योंकि अंतिम गिनती में अधूरे या दोहराए गए आवेदन खारिज होते हैं और असली तस्वीर आवंटन के बाद ही साफ होगी। ज्यादा लॉट की बोली लगाने से शेयर मिलने की संभावना नहीं बढ़ती।
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26 को आवंटन, 28 अक्टूबर को लिस्टिंग
RHP में दी गई समय-सारिणी के मुताबिक, शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर तक तय होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनका पैसा 27 अक्टूबर तक लौटाया जाना है या ब्लॉक की गई रकम खोल दी जाएगी। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।
अनौपचारिक बाजार में जियो के शेयरों का ‘ग्रे मार्केट प्रीमियम’ (GMP) शुक्रवार को करीब ₹250 बताया जा रहा था, लेकिन यह कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है और सेबी इसे मान्यता नहीं देता। रिकॉर्ड मांग से लिस्टिंग के दिन मुनाफे की कोई गारंटी नहीं मिलती। आवंटन से जुड़े व्हाट्सऐप या टेलीग्राम संदेशों और ‘पक्के अलॉटमेंट’ के दावों से भी सावधान रहें, क्योंकि शेयर सिर्फ तय प्रक्रिया से ही मिलते हैं।
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(यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है।)














































































































































































