Jio IPO: देश के सबसे बड़े IPO के लिए जियो का प्राइस बैंड ₹1,065-1,119 तय, 21 अक्टूबर से लगेगी बोली

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms) ने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय कर दिया है। रिलायंस ने 14 अक्टूबर की शाम BSE और NSE को भेजी सूचना में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड की IPO समिति ने उसी दिन हुई बैठक में प्राइस बैंड, कर्मचारियों के लिए छूट और न्यूनतम लॉट को मंजूरी दी। आम निवेशक इस इश्यू में 21 से 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे।
कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक इस IPO में ₹10 फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर ₹1,119 पर यह इश्यू करीब ₹30,213 करोड़ का बैठता है। यह रकम अक्टूबर 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के करीब ₹27,870 करोड़ के IPO से भी ज्यादा है, जिसे अब तक देश का सबसे बड़ा IPO माना जाता है।
एक लॉट के लिए कितने पैसे चाहिए
निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद बोली 12-12 शेयरों के गुणकों में ही लगाई जा सकेगी। यानी प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर एक लॉट के लिए ₹13,428 और निचले स्तर पर ₹12,780 की जरूरत होगी। पात्र कर्मचारियों को हर शेयर पर ₹54 की छूट मिलेगी। RHP के मुताबिक इश्यू का पूरा कार्यक्रम इस तरह है:
| चरण | तारीख |
|---|---|
| एंकर निवेशकों की बोली | 19 अक्टूबर (सोमवार) |
| आम निवेशकों के लिए इश्यू खुलेगा | 21 अक्टूबर (बुधवार) |
| इश्यू बंद होगा | 23 अक्टूबर (शुक्रवार); UPI मैंडेट को मंजूरी शाम 7 बजे तक |
| BSE और NSE पर कारोबार की शुरुआत | 28 अक्टूबर के आसपास (संभावित) |

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रिलायंस के शेयरधारकों के लिए अलग कोटा
इस IPO में दो हिस्से अलग से आरक्षित रखे गए हैं। ₹2,500 करोड़ तक के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए हैं। RHP के अनुसार इस कोटे में वे व्यक्तिगत निवेशक और HUF बोली लगा सकेंगे, जिनके पास RHP दाखिल होने की तारीख यानी 14 अक्टूबर को रिलायंस के शेयर थे। वहीं ₹500 करोड़ तक के शेयर कंपनी के पात्र कर्मचारियों के लिए रखे गए हैं।
इन दोनों आरक्षित हिस्सों के बाद बचे ‘नेट इश्यू’ का कम से कम 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए और कम से कम 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए होगा। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) को अधिकतम 50% हिस्सा मिलेगा, जिसमें से 60% तक शेयर एंकर निवेशकों को दिए जा सकते हैं।
IPO से जुटाई रकम कहां जाएगी
यह पूरा इश्यू नए शेयरों का है। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है, यानी प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज इस IPO में अपने शेयर नहीं बेच रही है। RHP के मुताबिक इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹27,500 करोड़ जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कुछ कर्ज समय से पहले चुकाने में लगाए जाएंगे। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट कामकाज पर खर्च होगी, जो कुल इश्यू के 25% से ज्यादा नहीं हो सकती।
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कमाई, मुनाफा और 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक
RHP में दिए आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स की कंसॉलिडेटेड आय (रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस) करीब ₹1,46,885 करोड़ और मुनाफा करीब ₹30,049 करोड़ रहा। एक साल पहले यानी 2024-25 में ये आंकड़े क्रमशः करीब ₹1,28,218 करोड़ और ₹26,109 करोड़ थे। अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में कंपनी ने करीब ₹7,764 करोड़ का मुनाफा कमाया।
कंपनी के मुताबिक 31 अगस्त 2026 तक रिलायंस जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 53.92 करोड़ थी, जो 30 जून को 53.33 करोड़ थी। 30 जून तक उसके 5G ग्राहक 28.49 करोड़ और JioAirFiber ग्राहक 1.4 करोड़ थे। कंपनी का दावा है कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का करीब 60% हिस्सा उसके नेटवर्क से गुजरा।

कौन चला रहा है कंपनी और निवेशक किन बातों का ध्यान रखें
RHP के मुताबिक मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जबकि आकाश अंबानी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टैनली, BofA सिक्योरिटीज, जेपी मॉर्गन और SBI कैपिटल मार्केट्स समेत कई बैंक बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। KFin टेक्नोलॉजीज इस इश्यू की रजिस्ट्रार है।
RHP में यह भी साफ लिखा है कि प्राइस बैंड को लिस्टिंग के बाद शेयर के बाजार भाव का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। कंपनी जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे लिस्टिंग के बाद जारी करेगी, इसलिए बोली लगाते समय निवेशकों के पास ये आंकड़े नहीं होंगे। निवेश से पहले RHP का जोखिम वाला हिस्सा ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
(यह खबर केवल जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।)
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