Jio IPO: देश के सबसे बड़े IPO में आज से लगेगी बोली, खुलने से पहले ही बड़े निवेशकों ने लगाए ₹8,110 करोड़

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का IPO आज, बुधवार 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। करीब ₹30,213 करोड़ का यह इश्यू रकम के लिहाज से देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO है और इसमें शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकेगी। इश्यू खुलने से दो दिन पहले ही कंपनी ने बड़े संस्थागत निवेशकों यानी एंकर निवेशकों को करीब ₹8,110 करोड़ के शेयर आवंटित कर दिए हैं।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने 19 अक्टूबर को जारी नोटिस में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू के एंकर हिस्से में 7,24,74,066 शेयर ₹1,119 प्रति शेयर के भाव पर सब्सक्राइब हुए। यह भाव प्राइस बैंड का ऊपरी स्तर है। इस हिसाब से एंकर निवेशकों से कंपनी को करीब ₹8,109.85 करोड़ मिले हैं। एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक ये शेयर 212 एंकर निवेशकों को दिए गए।
एंकर बुक में किसे कितने शेयर मिले
एंकर आवंटन की सूची में सबसे बड़ा हिस्सा सरकारी बीमा कंपनी LIC को मिला है। उसे करीब ₹499.98 करोड़ के शेयर दिए गए, जो एंकर हिस्से का 6.17 प्रतिशत है। इसके बाद न्यू वर्ल्ड फंड को ₹486.27 करोड़, सिंगापुर सरकार को ₹340.93 करोड़, SBI फोकस्ड फंड को ₹315 करोड़ और BNP पारिबा को ₹303.25 करोड़ के शेयर मिले।
देश के म्यूचुअल फंडों की 25 कंपनियों की 95 योजनाओं को कुल ₹2,784.96 करोड़ के शेयर मिले, जो एंकर हिस्से का 34.34 प्रतिशत है। जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों को ₹1,089.95 करोड़ यानी 13.44 प्रतिशत हिस्सा मिला। दोनों श्रेणियों को रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में तय न्यूनतम हिस्से से ज्यादा शेयर मिले हैं। RHP में म्यूचुअल फंडों के लिए एंकर हिस्से का 33.33 प्रतिशत और बीमा व पेंशन फंडों के लिए 6.67 प्रतिशत हिस्सा तय था।
समाचार एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि एंकर हिस्से के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की बोलियां आईं, यानी उपलब्ध शेयरों से 30 गुना से भी ज्यादा मांग रही। कंपनी ने इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सेबी के नियमों के तहत एंकर निवेशकों को मिले आधे शेयर 30 दिन तक और बाकी आधे 90 दिन तक नहीं बेचे जा सकते।
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आम निवेशक के लिए कितने पैसे और कितने शेयर
इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 14 अक्टूबर को एक्सचेंजों को भेजी सूचना में बताया था कि बोली कम से कम 12 शेयरों के एक लॉट के लिए और फिर 12-12 शेयरों के गुणकों में ही लगेगी। यानी ऊपरी भाव पर एक लॉट के लिए ₹13,428 चाहिए होंगे। खुदरा निवेशक ₹2 लाख तक की बोली लगा सकते हैं, यानी अधिकतम 14 लॉट या 168 शेयर, जिनकी कीमत ऊपरी भाव पर ₹1,87,992 बैठती है।
इश्यू में कुल 27 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें से करीब 2.23 करोड़ शेयर (लगभग ₹2,500 करोड़) रिलायंस इंडस्ट्रीज के उन शेयरधारकों के लिए अलग रखे गए हैं, जिनके पास 14 अक्टूबर को रिलायंस के शेयर थे। करीब 47 लाख शेयर (लगभग ₹500 करोड़) पात्र कर्मचारियों के लिए हैं, जिन्हें हर शेयर पर ₹54 की छूट मिलेगी। बाकी 24.30 करोड़ शेयरों के ‘नेट इश्यू’ में 35 प्रतिशत यानी करीब 8.50 करोड़ शेयर खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हैं।
सेबी के नियमों के मुताबिक ज्यादा आवेदन आने पर हर सफल खुदरा आवेदक को कम से कम एक लॉट दिया जाता है। 12 शेयरों के लॉट के हिसाब से खुदरा हिस्से से करीब 70.86 लाख निवेशकों को एक-एक लॉट मिल सकता है। आवेदन इससे ज्यादा हुए तो शेयर लॉटरी से बांटे जाएंगे। इसलिए ज्यादा लॉट की बोली लगाने से शेयर मिलने की संभावना जरूरी नहीं कि बढ़ जाए।

आगे का पूरा कार्यक्रम
RHP में दी गई समय-सारिणी के मुताबिक बोली 23 अक्टूबर को बंद होगी। शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर तक तय होने की उम्मीद है और जिन्हें शेयर नहीं मिलेंगे, उनका पैसा 27 अक्टूबर तक लौटाया जाना है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं। निवेशक अपने बैंक के ASBA विकल्प या ब्रोकर ऐप में UPI के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
यह पूरा इश्यू नए शेयरों का है, यानी प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज इसमें अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है। RHP के मुताबिक जुटाई गई रकम में से ₹27,500 करोड़ जियो की प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कुछ कर्ज समय से पहले चुकाने में लगेंगे। अब तक रकम के लिहाज से देश का सबसे बड़ा IPO अक्टूबर 2024 में आया हुंडई मोटर इंडिया का करीब ₹27,870 करोड़ का इश्यू था।
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निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एंकर निवेशकों की भारी दिलचस्पी बड़े संस्थानों के भरोसे का संकेत जरूर है, लेकिन इससे लिस्टिंग पर मुनाफे की कोई गारंटी नहीं मिलती। सोशल मीडिया पर चल रहे ‘ग्रे मार्केट प्रीमियम’ (GMP) के आंकड़े अनौपचारिक होते हैं और सेबी इन्हें मान्यता नहीं देता। निवेश से पहले कंपनी का RHP पढ़ना और अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से फैसला लेना बेहतर है। व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर ‘पक्के अलॉटमेंट’ का दावा करने वाले संदेशों से भी सावधान रहें, क्योंकि IPO में शेयर सिर्फ तय प्रक्रिया से ही मिलते हैं।
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(यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है।)






























































































































































