Agniveer Jobs: 4 साल की सेवा के बाद अब पुलिस की वर्दी; छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए कांस्टेबल के 36 पद मंजूर

रायपुर: अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद “आगे क्या?” वाला सवाल हर अग्निवीर के मन में है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी सवाल का एक ठोस जवाब दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में गृह विभाग में आरक्षक (कांस्टेबल) के 36 रिक्त पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती को मंजूरी दी गई है।
फैसला क्या है
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, “मंत्रिपरिषद ने गृह विभाग में आरक्षकों के 36 रिक्त पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की अनुमति प्रदान की है।” भर्ती रिक्तियों की उपलब्धता के आधार पर होगी।
राज्य सरकार इससे पहले ही कांस्टेबल भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। 30 सितंबर की कैबिनेट बैठक में सरकारी नौकरियों में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया था। ताजा फैसला उस आरक्षण को जमीन पर उतारने की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।

GenZ के लिए क्यों अहम
अग्निपथ योजना में 17.5 से 21 वर्ष (पहले बैच के लिए 23 वर्ष तक) के युवाओं की भर्ती चार साल के लिए होती है। इसके बाद केवल 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखा जाता है। बाकी युवा 21-25 वर्ष की उम्र में सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और अनुभव के साथ नागरिक जीवन में लौटते हैं। पहले बैच की चार साल की अवधि नजदीक है, इसलिए राज्यों की ओर से पुलिस और दूसरी सेवाओं में आरक्षण अब सीधे रोजगार से जुड़ा सवाल बन गया है।
36 पद संख्या में भले कम लगें, लेकिन संदेश बड़ा है: पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य पुलिस में अलग से रास्ता खुल रहा है। केंद्र सरकार भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और आयु सीमा में छूट की घोषणा कर चुकी है।
तैयारी कैसे करें
- सेवा पूरी होने पर मिलने वाला अग्निवीर सेवा प्रमाणपत्र और कौशल प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें; भर्ती में यही पात्रता का आधार बनेगा।
- छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना पर नजर रखें, क्योंकि आरक्षण श्रेणीवार है।
- शारीरिक दक्षता परीक्षा में सैन्य प्रशिक्षण बढ़त देता है, लेकिन लिखित परीक्षा की तैयारी अलग से करनी होगी।
इसी बैठक में और क्या हुआ
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी, जिसके तहत “आदिम जाति विकास विभाग” का नाम बदलकर “जनजातीय कार्य विभाग” किया जाएगा। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया।


























































































