Gwalior Truck Accident: बैरिकेड तोड़कर ढलान से उतरा धान से लदा ट्रक, शीतला माता मंदिर जा रहे 12 श्रद्धालुओं की मौत

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात नवरात्रि का उल्लास मातम में बदल गया। शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर धान से लदा एक बेकाबू ट्रक चढ़ गया। ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह यादव के मुताबिक हादसे के बाद कुल 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 12 की मौत हो गई। पांच-छह घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। मौके पर ड्यूटी दे रहे दो पुलिसकर्मी भी इस हादसे में घायल हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक हादसा रात करीब डेढ़ बजे हुआ। जिस ढलान वाली सड़क पर भारी वाहनों के आने पर रोक थी, उसी ढलान से ट्रक पुलिस के बैरिकेड तोड़ता हुआ नीचे आया और मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकराकर रुका। इस बीच सड़क पर पैदल चल रहे कई श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
ढलान पर रोका गया था ट्रक, अचानक हुआ बेकाबू
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने मीडिया को बताया कि नवरात्रि की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर जा रहे थे। चीनोर की तरफ से मंदिर आने वाली सड़क पर तीखी ढलान है, इसलिए वहां भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई थी। उनके मुताबिक धान से लदे ट्रक को वहीं रोका गया था, लेकिन वह अचानक बेकाबू हो गया और पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए ढलान से नीचे आकर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। सड़क पर मौजूद श्रद्धालु ट्रक के नीचे दब गए।
एसएसपी ने बताया कि ट्रक के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए तुरंत हाइड्रा क्रेन बुलाई गई और घायलों को अस्पताल भेजा गया। मौके पर तैनात जवानों ने भी ट्रक को रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक बड़ा हादसा हो चुका था। गंभीर रूप से घायल मरीजों को फ्रैक्चर हुए हैं, जबकि बाकी लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

कलेक्टर बोलीं- नाका होने के बावजूद ट्रक कैसे पहुंचा, इसकी जांच होगी
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और दूसरे वाहन मौके पर रवाना कर दिए गए। उनके मुताबिक चीनोर की ओर से मंदिर की तरफ आ रहा ट्रक बेकाबू होकर लगातार बाईं ओर बढ़ता चला गया। कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के दौरान उस सड़क पर स्टॉपर और पुलिस का चेकपॉइंट मौजूद था, ऐसे में ट्रक अंदर कैसे पहुंचा, यह जांच का विषय है।
कलेक्टर ने बताया कि ट्रक की तकनीकी जांच के लिए आरटीओ की टीम भेजी गई है। यह टीम पता लगाएगी कि ट्रक में कोई यांत्रिक खराबी थी या हादसे की कोई और वजह रही। अपनी शुरुआती जानकारी में कलेक्टर ने 11 लोगों की मौत और करीब 29 लोगों के घायल होने की बात कही थी, जबकि एसएसपी ने अस्पताल लाए गए 39 लोगों में से 12 की मौत की पुष्टि की। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 से 14 तक बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अंतिम आंकड़ा अभी जारी नहीं हुआ है।
ट्रॉमा सेंटर में चल रहा घायलों का इलाज
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक शीतला माता मंदिर ग्वालियर जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर है। घायलों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें जयारोग्य अस्पताल समूह (जेएएच) ले जाया गया। कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक घायलों का सही इलाज तय करने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार उनके सीटी स्कैन और एक्स-रे कर रही है।

हादसे में घायल हुए एक श्रद्धालु के भाई ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ट्रक ओवरलोड था और वह अचानक आकर सड़क किनारे की कुछ दुकानों और लोगों को रौंदता चला गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और हादसे के बाद भी वहां अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था।
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दुर्गा अष्टमी से पहले की रात दो बड़े हादसे
ग्वालियर नगर निगम के अध्यक्ष मनोज तोमर ने हादसे को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। सोशल मीडिया पर प्रदेश के कई जनप्रतिनिधियों ने भी हादसे पर शोक जताया है।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब देशभर में शारदीय नवरात्रि मनाई जा रही है और रविवार को दुर्गा अष्टमी है। इससे कुछ ही घंटे पहले शनिवार शाम कोलकाता के चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में भी कई श्रद्धालुओं की जान चली गई थी।
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फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे की वजहों की जांच कर रहे हैं। आरटीओ की रिपोर्ट से साफ होगा कि ट्रक में कोई तकनीकी खराबी थी या लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। समाचार लिखे जाने तक मृतकों के नाम और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई थी।














































































































































