SIR Voters: छूटे मतदाताओं को नया मौका, Enumeration Form से नाम जुड़ेंगे

भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को साफ निर्देश दिए हैं कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से छूट गए मतदाताओं को अंतिम सूची में नाम जुड़वाने का एक और मौका मिलेगा। यह राहत उन मतदाताओं के लिए है जिन्हें गणना चरण में ASDD—अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) या डुप्लिकेट (Duplicate)—चिह्नित किया गया था और जिनके Enumeration Form वापस नहीं आए थे।
आयोग के पत्र संख्या 23/INST/2025-ERS (दिनांक 6 नवंबर 2026) पर सचिव पवन दीवान के हस्ताक्षर हैं। निर्देश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए हैं—यानी उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को जहां SIR की अंतिम मतदाता सूची अभी प्रकाशित नहीं हुई है।

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अब क्या करना होगा?
आयोग ने कहा है कि ऐसे मतदाता Form-6 के बजाय दोबारा Enumeration Form जमा कर सकते हैं। फॉर्म ERO/AERO/BLO के पास खुद या परिवार के सदस्य के जरिए दिया जा सकता है; ECINET ऐप/वेबसाइट पर ई-साइन के साथ ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी खोली जाएगी। मतदाता पहले वाला EPIC नंबर डालकर फॉर्म डाउनलोड या भर सकते हैं।
जिनका पता नहीं बदला, उन्हें Annexure-B वाला बयान लगाना होगा—कि पहले फॉर्म क्यों नहीं जमा हो सका। राज्य के अंदर पता बदल चुके मतदाताओं को Form-8 की जरूरत नहीं; वे नया पता और विधानसभा क्षेत्र बताते हुए Annexure-C के साथ Enumeration Form और पता प्रमाण ERO को दें। बेघर मतदाताओं के लिए पता प्रमाण के बदले BLO की फील्ड रिपोर्ट पर्याप्त मानी जाएगी।
सूचियां फिर लगेगी, BLO संपर्क बढ़ाएंगे
बूथ-वार ASDD सूचियां दोबारा मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों, शहरी निकाय और बीडीओ कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएंगी। CEO की वेबसाइट पर पढ़ने योग्य PDF भी अपलोड होगी। DEO/ERO को BLO के जरिए व्हाट्सऐप, ईमेल या SMS से फॉर्म पहुंचाने को कहा गया है। BLO राजनीतिक दलों के BLA के साथ घर-घर संपर्क भी करेंगे।

पहले Form-6 भर चुके हैं तो?
जो मतदाता SIR के दौरान पहले ही Form-6 जमा कर चुके हैं, उन्हें Enumeration Form दोबारा भरने की जरूरत नहीं। उनका आवेदन आयोग के 3 नवंबर 2026 के स्पष्टीकरण (पत्र 23/2026-ERS Vol.-II) के मुताबिक आगे बढ़ेगा। उस स्पष्टीकरण में कहा गया है कि ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर Form-6 भरना, केवल इसलिए झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा कि व्यक्ति पहले नामांकित था—बशर्ते वह किसी और संसदीय/विधानसभा क्षेत्र में पहले से नामांकित न हो। ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत केवल इस आधार पर कार्रवाई नहीं होगी।
स्वीकृत Enumeration Form पर मतदाता को SIR से पहले वाला वही EPIC नंबर दोबारा सौंपा जाएगा। ERO Registration of Electors Rules, 1960 के नियम 21(1) के तहत पात्रता और सामान्य निवास की जांच के बाद फॉर्म निपटाएंगे। आयोग ने दोहरी नामावली रोकने का भी साफ निर्देश दिया है।
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यह खबर भारत निर्वाचन आयोग के 6 नवंबर 2026 के आधिकारिक निर्देश (Left out electors facilitation) और 3 नवंबर 2026 के Form-6 स्पष्टीकरण पर आधारित है। मूल पत्र: eci.gov.in document 17555 और CEO दिल्ली की प्रति।






