Nithya Raman LA Mayor: केरल की बेटी बनी अमेरिका के दूसरे बड़े शहर की मेयर

केरल की बेटी ने अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की कुर्सी जीत ली। लॉस एंजिल्स मेयर रेस में नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बास को हरा दिया और शहर की पहली एशियाई-अमेरिकी व पहली साउथ एशियन मेयर बनने वाली हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने 5 नवंबर 2026 को रेस का कॉल किया; बास ने हार मान ली। करीब तीन-चौथाई वोट गिने जाने तक रमन के पक्ष में करीब 52% और बास के पास करीब 48% वोट थे।
45 वर्षीय रमन डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका की सदस्य हैं। उनका फोकस हाउसिंग की कीमतें, इंफ्रास्ट्रक्चर, पे-टू-प्ले संस्कृति खत्म करना, रोजगार, ICE से जुड़े संरक्षण और हॉलीवुड-मूवी बिजनेस पर है। यह जीत सिर्फ एक शहर के चुनाव का नतीजा नहीं, बल्कि भारत से अमेरिका पहुंची एक पीढ़ी की राजनीतिक ऊंचाई की कहानी भी है।

केरल से बोस्टन, फिर हार्वर्ड-MIT तक का सफर
नित्या रमन का जन्म 1981 में केरल में हुआ। परिवार की जड़ें त्रिशूर/तिरुवनंतपुरम से जुड़ी बताई जाती हैं। पिता वेंकटरामन केरल के सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम केलट्रॉन से जुड़े रहे, माता सुधा इंडियन ओवरसीज बैंक में काम करती थीं। छह साल की उम्र में परिवार अमेरिका के बोस्टन इलाके चला गया।
उन्होंने 2003 में हार्वर्ड से सोशल स्टडीज में ग्रेजुएशन किया, 2008 में MIT से अर्बन प्लानिंग में मास्टर्स पूरा किया और 22 साल की उम्र में अमेरिकी नागरिकता ली। पढ़ाई के बाद उनका रुख भारत की तरफ भी रहा—2010 के राष्ट्रमंडल खेलों से पहले दिल्ली में झुग्गी-बेदखली के खिलाफ NGO काम में शामिल रहीं और चेन्नई में Transparent Chennai की नींव रखी, जहां अनमैप्ड बस्तियों के लिए सैनिटेशन और डेटा पर फोकस था।
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LA काउंसिल से मेयर भवन तक
2013 में वे लॉस एंजिल्स लौटीं। 2017 में SELAH Neighborhood Homeless Coalition की स्थापना की, जो बेघरों के मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर काम करती है। 2020 में उन्होंने LA सिटी काउंसिल का चुनाव लड़ा और डेविड रियू को हराकर डिस्ट्रिक्ट 4 से जीतीं; 2024 में फिर चुनी गईं। पति वाली चंद्रशेखरन टीवी स्क्रीनराइटर हैं।
मेयर चुनाव में उन्होंने बास—जो शहर की मौजूदा मेयर और डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी चेहरा थीं—के खिलाफ हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शिता का एजेंडा आगे बढ़ाया। एपी के रेस कॉल और बास की हार-स्वीकृति के साथ नतीजा साफ हो गया: लॉस एंजिल्स अब अपनी पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर की अगुवाई में आगे बढ़ेगा।

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मेयर बनने के बाद क्या बदलेगा
रमन का अभियान आवास को सस्ता बनाने, पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करने और सिटी हॉल में पैसे-रसूख वाली राजनीति तोड़ने पर टिका रहा। उन्होंने रोजगार बढ़ाने, प्रवासियों के लिए ICE संबंधी संरक्षण मजबूत करने और मूवी बिजनेस को शहर में बनाए रखने की बात भी दोहराई। लॉस एंजिल्स अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा शहर है—यहां का मेयर सिर्फ स्थानीय प्रशासन नहीं, आप्रवासी समुदायों और हॉलीवुड की वैश्विक छवि दोनों को छूता है।
केरल में जन्मी, भारत में झुग्गी-अधिकारों पर काम कर चुकी और अब LA सिटी हॉल की सबसे बड़ी कुर्सी संभालने जा रही नित्या रमन की यह जीत भारतीय प्रवासियों के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। शपथ और कार्यभार की औपचारिक तारीखें शहर की तय प्रक्रिया के मुताबिक आगे आएंगी।
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यह खबर अमेरिकी चुनाव नतीजों, लॉस एंजिल्स मेयर रेस के आधिकारिक नतीजों और नित्या रमन की सार्वजनिक प्रोफ़ाइल पर आधारित है।






