Buddha Relics Tawang: 31,000 ने दर्शन किए, अब बोमडिला 8-13 नवंबर

संस्कृति मंत्रालय की 8 नवंबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के तवांग मठ—गादेन नामग्याल ल्हात्से—में शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेष के सात दिवसीय दर्शन 7 नवंबर 2026 को पूरे हो गए। इन सात दिनों में 31,000 श्रद्धालुओं और आगंतुकों ने मठ पहुंचकर दर्शन किए। मंत्रालय का कहना है कि अवशेष 8 नवंबर को भारतीय वायुसेना के जरिए बोमडिला ले जाए जाने थे, जहां TGL मठ (Lower Gompa) में 8 से 13 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक दर्शन का कार्यक्रम है।

यह भी पढ़ें: Lakshmi Puja Muhurat 2026: दिवाली पर शाम कितने बजे पूजा
आयोजन किसने किया, अवशेष तवांग कैसे पहुंचे
यह पवित्र अवशेष प्रदर्शनी भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार और नई दिल्ली स्थित International Buddhist Confederation (IBC) के साथ मिलकर आयोजित की है। अवशेष 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली से तय प्रोटोकॉल और औपचारिक व्यवस्था के साथ तवांग पहुंचे थे। अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में इनका औपचारिक स्वागत किया।
मंत्रालय के अनुसार इन सात दिनों में बौद्ध भिक्षु, वरिष्ठ नागरिक और आम श्रद्धालु तवांग जिले के सभी ब्लॉकों और आसपास के इलाकों से मठ पहुंचे। उन्हें अवशेष के समक्ष प्रार्थना करने और आशीर्वाद लेने का अवसर मिला। मंत्रालय के अनुसार यह बड़ी संख्या क्षेत्र के लोगों के लिए इन अवशेषों की गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता दिखाती है।
दो प्रदर्शनियां और एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने तवांग मठ में दो विशेष प्रदर्शनियां भी उद्घाटित कीं। पहली, IBC की ‘Unearthing the Sacred Piprahwa: The Story of the Holy Buddha Relics and Their Discovery’, में 1898 में पिपरहवा अवशेषों की खोज की कहानी दिखाई गई। दूसरी, राष्ट्रीय संग्रहालय द्वारा क्यूरेट ‘Crossroads of Dhamma: Classical Legacies, Living Art, and Anthropological Perspectives’ में बौद्ध परंपरा की ऐतिहासिक, कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत दिखाई गई।
2 नवंबर 2026 को IBC ने तवांग के Kalawangpo Convention Centre में ‘Buddhism: Dissemination in the Himalayan Region and Beyond’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन रखा। इसमें भारत और कई अन्य देशों के बौद्ध विद्वान, धार्मिक नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। हिमालयी क्षेत्र और उससे आगे बौद्ध शिक्षाओं के प्रसार और संरक्षण पर चर्चा हुई।
यह भी पढ़ें: Rama Ekadashi 2026 Kab Hai: व्रत की तारीख और पारण
बोमडिला, नमसाई और दिल्ली वापसी—सरकारी कार्यक्रम
तवांग वाला चरण 7 नवंबर को खत्म होने के बाद अवशेषों का अगला पड़ाव बोमडिला है। संस्कृति मंत्रालय की 8 नवंबर सुबह 11:44 बजे जारी विज्ञप्ति कहती है कि 8 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना इन्हें बोमडिला ले जाएगी। Upper Gompa पर संक्षिप्त ठहराव के बाद अवशेष TGL मठ (Lower Gompa), बोमडिला में स्थापित किए जाने हैं, जहां 8 से 13 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक दर्शन खुले रहेंगे।
इसके बाद अवशेष गोल्डन पगोडा, नमसाई जाएंगे। वहां 14 से 20 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक दर्शन का कार्यक्रम है। 21 नवंबर 2026 को ये राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली लौटेंगे। बोमडिला पहुंचने की अलग से बाद की आधिकारिक पुष्टि इस विज्ञप्ति के अलावा हमारे पास नहीं है—ऊपर लिखी तिथियां संस्कृति मंत्रालय की इसी 8 नवंबर की सूचना पर आधारित हैं।
मंत्रालय का कहना है कि यह प्रदर्शनी भारत की बौद्ध विरासत को सहेजने-आगे बढ़ाने और दुनिया भर के बौद्ध समुदायों से सांस्कृतिक-आध्यात्मिक रिश्ते मजबूत करने की सरकार की लगातार कोशिश का हिस्सा है।
यह भी पढ़ें: Choti Diwali 2026 Kab Hai: नरक चतुर्दशी स्नान मुहूर्त
यह खबर पत्र सूचना कार्यालय के जरिए संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली की 8 नवंबर 2026 सुबह 11:44 बजे जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज (PRID 2334086; प्रवक्ता एम. अन्नaduraई) पर आधारित है। मूल स्रोत: pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2334086। दर्शन की तिथियां और 31,000 का आंकड़ा इसी विज्ञप्ति से लिए गए हैं।






