Gandak Flood Alert: नेपाल में भूस्खलन, क्या बिहार-यूपी को खतरा?

नेपाल में भूस्खलन के बाद गंडक नदी में अचानक बढ़े पानी ने बिहार और उत्तर प्रदेश के तटीय इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने दोनों राज्यों को अलर्ट भेजकर जिला प्रशासनों को सतर्क रहने को कहा है। हालांकि बिहार के जल संसाधन विभाग का कहना है कि इससे राज्य में बाढ़ का बड़ा खतरा नहीं है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विभाग के मुताबिक नेपाल के चुमनुब्री इलाके में हुए भूस्खलन से नारायणी (गंडक) की सहायक बूढ़ी गंडक का बहाव कुछ समय के लिए रुक गया था। इसके बाद आई फ्लैश फ्लड से वहां करीब सात गांव बह गए, हालांकि किसी की मौत की सूचना नहीं है। यह जगह भारत-नेपाल सीमा से करीब 180 से 210 किलोमीटर उत्तर में है। नेपाल के अधिकारियों ने निचले इलाकों के लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा।
वाल्मीकिनगर बराज पर कितना बढ़ेगा पानी
जल संसाधन विभाग ने बताया कि बाढ़ की लहर को पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकिनगर बराज तक पहुंचने में करीब छह घंटे लगेंगे। उस समय बराज पर करीब 50,000 क्यूसेक पानी बह रहा था, जिसमें 25,000 क्यूसेक तक बढ़ोतरी होकर यह करीब 75,000 क्यूसेक तक पहुंच सकता था। विभाग ने इसे सामान्य सीमा के भीतर बताया। नदी का जलस्तर 27 सेंटीमीटर बढ़ा था और अधिकतम 50 सेंटीमीटर से एक मीटर तक बढ़ोतरी की आशंका जताई गई।
विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध नदी डिस्चार्ज डैशबोर्ड के मुताबिक सोमवार दोपहर 2 बजे वाल्मीकिनगर बराज पर डिस्चार्ज 45,600 क्यूसेक दर्ज हुआ, जो सुबह 8 बजे की तुलना में 1,400 क्यूसेक ज्यादा था। विभाग के तीन दिन के पूर्वानुमान में 13 अक्टूबर तक डिस्चार्ज घटकर करीब 43,000 क्यूसेक रहने का अनुमान है।
CWC ने क्या कहा
केंद्रीय जल आयोग ने कहा कि नेपाल की बूढ़ी गंडक पर आरुघाट में जलस्तर तेजी से बढ़ा है और वहां के दूसरे निगरानी केंद्रों पर भी पानी चढ़ता दिखा है। आयोग ने सीमावर्ती इलाकों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क करने को कहा है। साथ ही आयोग का आकलन है कि भारत की सीमा तक पहुंचते-पहुंचते यह लहर काफी कमजोर पड़ जाएगी और दियारा इलाकों में जान-माल को बड़ा खतरा नहीं है। विभाग ने यह भी बताया कि नेपाल में बारिश नहीं हुई है, इसलिए पानी और बढ़ने की आशंका कम है।
किन जिलों पर रखी जा रही नजर
गंडक बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों से होकर बहती है। एहतियातन बगहा समेत नदी किनारे के इलाकों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए गए हैं।
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विभाग का कहना है कि एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बहाव के हिसाब से स्थिति की लगातार निगरानी जारी रहेगी। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों में बराज पर बहाव धीरे-धीरे घटने की उम्मीद है।







































































