Greater Noida CCTV: रात में दीवार किनारे कूड़ा फेंका, खंभे से आई आवाज- “भाई, उठाओ!”; फिर जो हुआ वायरल

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में 9 अक्टूबर की रात करीब सवा दस बजे एक शख्स घर का कूड़ा लेकर निकला। गोद में बच्चा था। उसने आसपास देखा, दीवार के किनारे कूड़ा डाला और लौटने लगा। उसे अंदाजा नहीं था कि गली के खंभे पर लगा कैमरा उसे देख रहा है और कैमरे के उस पार बैठा व्यक्ति उससे बात भी कर सकता है।
तभी ऊपर लगे स्पीकर से आवाज गूंजी, “भाई, कूड़ा क्यों फेंका? उठाओ!” शख्स चौंककर ठिठक गया और इधर-उधर देखने लगा कि आवाज कहां से आ रही है।

दूसरी बार में चालान की चेतावनी, फिर उठाया कूड़ा
पहली आवाज पर वह समझ नहीं पाया कि हो क्या रहा है। अनाउंसमेंट दोहराया गया और इस बार साफ कहा गया कि कूड़ा नहीं उठाया तो अगली सुबह चालान कटेगा। चेतावनी असर कर गई। शख्स ने दीवार किनारे पड़ा कूड़ा वापस उठाया और उसे लेकर घर लौट गया। पूरी घटना CCTV में दर्ज हो गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
RWA ने क्या कहा
सेक्टर बीटा-1 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के महासचिव हरेंद्र भाटी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सेक्टर में सफाई के लिए लगातार काम हो रहा है, लेकिन कुछ लोग नजर बचाकर खुले में या दीवारों के किनारे कूड़ा फेंक देते हैं।
ऐसे लोगों की पहचान हम करते हैं और उसके बाद उन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई होती है। खुले में कूड़ा कौन फेंक रहा है, इस पर नजर रखने के लिए अलग-अलग जगहों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
हरेंद्र भाटी, महासचिव, सेक्टर बीटा-1 RWA
RWA के मुताबिक कैमरों की फुटेज की मदद से अब तक नियम तोड़ने वालों की पहचान कर बाद में कार्रवाई की जाती थी। इस घटना ने दिखाया कि पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से जुड़े कैमरे मौके पर ही गलती सुधरवा सकते हैं, यानी चालान से पहले सीधा टोकना।
क्यों वायरल हुआ यह वीडियो
वीडियो में शख्स की हैरानी और फिर चुपचाप कूड़ा उठाने का अंदाज लोगों को खूब भा रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे “स्मार्ट निगरानी” का देसी उदाहरण बता रहे हैं और अपनी सोसाइटी या कॉलोनी में भी ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि कूड़ा आखिर कहां जाना चाहिए, क्योंकि कई सेक्टरों में डोर-टू-डोर कलेक्शन नियमित न होने की शिकायतें भी आती रहती हैं।
बहरहाल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इलाके में खुले में कूड़ा फेंकने पर जुर्माने का प्रावधान है। बीटा-1 की यह घटना एक सीधा संदेश देती है: अंधेरा और सुनसान गली अब छिपने की जगह नहीं रही।












































































