Kunkuri Elephant: प्रार्थना से पहले चर्च में घुसा दंतैल हाथी, अस्पताल की दीवार ढहाई; शहर में घंटों दहशत

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का कुनकुरी शहर रविवार, 11 अक्टूबर की सुबह रोज की तरह जाग ही रहा था कि सड़कों पर एक अनचाहा मेहमान उतर आया। झुंड से बिछड़ा एक अकेला नर दंतैल हाथी सुबह करीब छह बजे जंगल और गांवों के रास्ते शहर में दाखिल हुआ और देखते ही देखते एशिया के बड़े गिरजाघरों में गिने जाने वाले कुनकुरी महागिरजाघर और होली क्रॉस अस्पताल के परिसर तक जा पहुंचा।
राहत की बात यह रही कि घंटों चली इस चहलकदमी में किसी की जान नहीं गई, लेकिन हाथी जिस रास्ते से गुजरा, वहां टूटी दीवारें और उखड़े गेट अपनी कहानी खुद कह रहे हैं।
नवाटोली से चर्च रोड तक: कहां-कहां पहुंचा हाथी
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथी सबसे पहले नवाटोली इलाके में दिखा। यहां उसने एक फर्नीचर कारखाने और निर्मला स्कूल की चारदीवारी तोड़ी। इसके बाद वह होली क्रॉस अस्पताल परिसर में घुसा और वहां की बाउंड्रीवॉल को टक्कर मारकर ढहा दिया। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल से निकलकर हाथी महागिरजाघर परिसर में पहुंचा। रविवार होने के कारण उस समय प्रार्थना सभा की तैयारी चल रही थी और श्रद्धालु आने लगे थे। हाथी को सामने देख लोग घबरा गए और प्रार्थना सभागार के भीतर जाकर खुद को सुरक्षित किया। इसके बाद हाथी चर्च रोड के एक घर, पुराने डाकघर, लोयोला कॉलेज और वन विभाग की नर्सरी होते हुए छठघाट तालाब की ओर बढ़ा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे तक वह नर्सरी के आसपास रहा, फिर शांतिपारा होते हुए बारोबहार के जंगल की ओर निकल गया।
वन विभाग की अपील: वीडियो के लिए पास न जाएं
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और सुबह से ही हाथी की हर गतिविधि पर नजर रखी गई। वन अमले ने लोगों से साफ कहा है कि हाथी के नजदीक जाकर फोटो या वीडियो न बनाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। विभाग के अनुसार हाथी की निगरानी लगातार जारी है, ताकि उसे बिना किसी टकराव के जंगल की दिशा में भेजा जा सके।
यह अपील इसलिए भी अहम है, क्योंकि घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं और कई जगह लोग मोबाइल लेकर हाथी के पीछे-पीछे चलते दिखे। विशेषज्ञ लंबे समय से चेताते रहे हैं कि अकेला नर हाथी भीड़ और शोर से जल्दी उत्तेजित हो सकता है।
सवाल: शहर को पहले चेतावनी क्यों नहीं मिली?
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह हाथी पिछले कुछ दिनों से कुनकुरी के आसपास के जंगलों में भटक रहा था। ऐसे में स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि शहर में दाखिल होने से पहले मुनादी या अलर्ट क्यों नहीं जारी हुआ। जशपुर जिला लंबे समय से हाथी-मानव संघर्ष से जूझता रहा है और यहां ग्रामीण इलाकों में हाथियों की आवाजाही आम है, लेकिन किसी हाथी का इस तरह घनी आबादी वाले शहरी हिस्से, अस्पताल और गिरजाघर तक पहुंच जाना असामान्य माना जा रहा है।
फिलहाल हाथी जंगल की ओर लौट गया है, पर वन विभाग ने आसपास के गांवों और शहर के बाहरी इलाकों के लोगों को सतर्क रहने को कहा है। रात में खेतों और जंगल से सटे रास्तों पर अकेले न निकलने की सलाह दी गई है।
फीचर्ड फोटो: वीडियो ग्रैब (नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील, कुनकुरी)











































































