Neha Bora Lookalike: पुलिस ने दौड़कर पकड़ी “नेहा बोरा”, पर असली 2 किमी दूर लगा रही थीं नारे; रणनीति या संयोग?

नई दिल्ली: CEC-विरोधी प्रदर्शनों के बीच आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन पर रविवार दोपहर दिल्ली पुलिस की महिला कर्मियों ने दौड़कर एक युवती को पकड़ा। मौके पर मौजूद कई मीडियाकर्मियों ने भी मान लिया कि छात्र संगठन AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा हिरासत में ले ली गई हैं। लेकिन जब युवती को बस में बैठाया जा रहा था, तब पता चला कि वह नेहा बोरा नहीं, उनकी “हमशक्ल” हैं। असली नेहा उस वक्त करीब दो किलोमीटर दूर कनॉट प्लेस में अपने साथियों के साथ नारे लगा रही थीं।
सिर्फ चेहरा नहीं, पहनावा भी हूबहू
भ्रम की वजह सिर्फ शक्ल का मिलना नहीं था। युवती ने लगभग वैसा ही पहनावा पहना था, जिसके लिए नेहा बोरा पिछले कुछ दिनों के प्रदर्शनों में पहचानी जा रही थीं: चेहरे पर मास्क, गले में लाल कपड़ा और गोल काले फ्रेम का चश्मा। भीड़ और भागदौड़ के बीच पुलिस और कैमरे, दोनों को लगा कि उन्होंने सही व्यक्ति को पकड़ा है।

कैसे शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम
पूरी कहानी नेहा बोरा के एक्स पोस्ट से शुरू हुई। उन्होंने समर्थकों से लिखा था, “क्या आपका ध्यान मुझ पर है? ध्यान से देखिए, तैयार रहिए। समय और जगह जल्द बता दी जाएगी।” कुछ घंटे बाद एक वीडियो में उन्होंने दोपहर ढाई बजे आरके आश्रम में इकट्ठा होने को कहा: “वहां मिलते हैं, देर मत कीजिएगा।”
पुलिस ने इसी हिसाब से आरके आश्रम पर नजर रखी। वहां हमशक्ल युवती पकड़ी गई, जबकि नेहा बोरा ने अलग वीडियो डालकर बताया, “हमने बैरिकेड्स पार कर लिए हैं और कनॉट प्लेस पहुंच गए हैं।” बाद में असली नेहा बोरा को विजय चौक से हिरासत में लिया गया।
रणनीति या संयोग?
सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने इसे पुलिस को चकमा देने की सोची-समझी “डबल” रणनीति बताया। लेकिन नेहा बोरा ने इससे इनकार किया। उन्होंने अपनी हमशक्ल के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “दो नेहाओं की कहानी। यह महज इत्तेफाक है, इसके पीछे कोई रणनीति नहीं।”
दो नेहाओं की कहानी। यह महज इत्तेफाक है, इसके पीछे कोई रणनीति नहीं।
नेहा बोरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AISA
नेहा बोरा पिछले कई दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शनों में सबसे सक्रिय छात्र चेहरों में रही हैं। रविवार को कनॉट प्लेस और आरके आश्रम मार्ग की ओर से बढ़ने वाले AISA के मार्च को पुलिस ने जंतर मंतर पहुंचने से पहले रोक दिया था।
क्यों वायरल हुई कहानी
बॉलीवुड फिल्मों के “डबल रोल” जैसी इस घटना ने इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ ला दी। कोई इसे “जुड़वां 3” बता रहा है तो कोई पूछ रहा है कि अगली बार पुलिस पहचान के लिए चश्मा देखेगी या चेहरा। मजाक से इतर, इस घटना ने यह भी दिखाया कि बड़े प्रदर्शनों में सोशल मीडिया पर दिए गए संकेत और भीड़ की भागदौड़ किस तरह गलत पहचान की स्थिति पैदा कर सकते हैं।


























































































