Monkey Accident: सड़क पर दौड़ा बंदर और पलक झपकते पलट गया ई-रिक्शा; छतरपुर का CCTV वीडियो देख लोग हैरान

छतरपुर: सड़क पर अचानक दौड़कर आया एक बंदर और पलक झपकते ही एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा बीच सड़क पर पलट गया। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर कस्बे में सोमवार दोपहर हुई यह घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हादसे में ई-रिक्शा चालक और एक सवारी घायल हुए हैं, जिनमें सवारी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुरानी तहसील के पास हुआ हादसा
घटना लवकुशनगर में पुरानी तहसील कार्यालय के पास की है। CCTV फुटेज में दिखता है कि ई-रिक्शा सामान्य से तेज रफ्तार में आ रहा है। तभी सड़क के एक किनारे से बंदर तेजी से दौड़ता हुआ दूसरी ओर जाता है। ठीक उसी पल बंदर ई-रिक्शा के सामने आ जाता है और चालक उसे बचाने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठता है। अगले ही सेकंड ई-रिक्शा पलट जाता है।

स्थानीय लोगों ने उठाया ई-रिक्शा
हादसा देखते ही आसपास के लोग और राहगीर दौड़कर पहुंचे। उन्होंने पलटे ई-रिक्शा को सीधा किया और अंदर फंसे चालक व सवारी को बाहर निकाला। चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि सवारी को ज्यादा चोट लगने के कारण नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक हादसे के वक्त ई-रिक्शा में चालक के अलावा एक ही सवारी थी।
बंदर बचा या नहीं?
वायरल वीडियो देखने वाले कई लोग यही पूछ रहे हैं। फुटेज के मुताबिक बंदर ई-रिक्शा की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया और सड़क पार कर निकल गया। यानी जिसकी वजह से हादसा हुआ, वही सबसे सुरक्षित रहा।
ई-रिक्शा पलटने का खतरा ज्यादा क्यों
ई-रिक्शा हल्के होते हैं, उनका पहिया-आधार (व्हीलबेस) छोटा होता है और गुरुत्व केंद्र अपेक्षाकृत ऊंचा रहता है। ऐसे में तेज रफ्तार में अचानक स्टीयरिंग मोड़ने पर उनके पलटने का खतरा कारों या बसों की तुलना में कहीं अधिक होता है। छतरपुर जिले में पहले भी ई-रिक्शा पलटने के हादसे सामने आ चुके हैं।
छोटे कस्बों और धार्मिक-पर्यटन स्थलों के आसपास बंदरों की आवाजाही आम है, इसलिए यातायात विशेषज्ञ रिहायशी और बाजार वाले इलाकों में ई-रिक्शा की गति सीमित रखने की सलाह देते हैं। अचानक सामने आए जानवर से बचने के लिए तेज मोड़ के बजाय धीरे-धीरे ब्रेक लगाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
फिलहाल घायल सवारी का इलाज चल रहा है। यह वीडियो जितना चौंकाने वाला है, उतनी ही बड़ी सीख भी देता है: कस्बे की सड़कों पर रफ्तार कुछ सेकंड बचाती है, पर एक छोटा-सा झटका भारी पड़ सकता है।


























































































