CEC Protest: राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट मार्च, दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन बंद

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान किया है। मांग है कि कथित “वोट चोरी” रोकी जाए, मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) रोका जाए, ईवीएम हटाए जाएं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार हटें या इस्तीफा दें। राजधानी के बीचोबीच छह मेट्रो स्टेशन सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखे गए हैं, जबकि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रविवार को सोमवार की बैठक का अनुरोध ठुकरा दिया था।
द हिंदू और एबीपी लाइव की रिपोर्टों के मुताबिक, यह मार्च उसी प्रदर्शन श्रृंखला का हिस्सा है जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) CEC के इस्तीफे की मांग कर रही है। केंद्रीय दिल्ली में भारी बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन के बीच आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
छह मेट्रो स्टेशन बंद, ट्रैफिक पर असर
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने एक्स पर सूचना दी है—जिसकी पुष्टि द हिंदू और एबीपी ने की—कि 12 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक इन छह स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी:
- पटेल चौक
- जनपथ
- राजीव चौक
- मंडी हाउस
- सेंट्रल सचिवालय
- बाराखंबा रोड
DMRC के अनुसार इंटरचेंज सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। दिल्ली पुलिस के ट्रैफिक एडवाइजरी में पंचकुइयां, मंडी हाउस, अशोका रोड–जंतर मंतर, रेल भवन, पटेल चौक और कनॉट प्लेस इलाके समेत प्रमुख चौराहों पर गतिशील डायवर्जन की संभावना बताई गई है। एक्स पर राजिव चौक, पटेल चौक और मंडी हाउस जैसे स्टेशन नाम ट्रेंड में दिखे, जो बंदोबस्त से जुड़ी चर्चा का संकेत देते हैं।
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CJI ने मुलाकात से इनकार, मुद्दा अदालत में
द हिंदू के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रविवार (11 अक्टूबर) को राहुल गांधी के सोमवार की मुलाकात वाले अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि संबंधित मुद्दे पहले से ही अदालत के विचाराधीन (sub judice) हैं और प्रशासनिक पक्ष पर अदालत शासन-प्रशासन में दखल नहीं दे सकती।
इससे पहले शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने CEC Protest से जुड़े मामलों में निर्देश दिए थे कि विधिवत प्रक्रिया के बिना हिरासत न हो, मेट्रो-रेल सामान्य रहें और इंटरनेट बहाल रहे। सोमवार का विपक्षी मार्च उसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन सौंपने का प्रयास माना जा रहा है।

रविवार: 200 से अधिक हिरासत, पत्रकारों पर भी कार्रवाई
ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दूसरे दिन (रविवार) दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन, इम्तियाज अली मार्ग, हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस और केरल हाउस समेत कई जगहों पर 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। 20 से अधिक FIR दर्ज होने और केंद्रीय दिल्ली में भारी बैरिकेडिंग की खबरें हैं।
द हिंदू ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के शनिवार के निर्देशों के बावजूद रविवार को करीब एक दर्जन पत्रकारों को हिरासत में लिया गया। राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और AISA अध्यक्ष नेहा समेत कुछ लोगों के हिरासत के दौरान घायल होने के आरोप भी सामने आए हैं। मुंबई में शिवाजी पार्क, दादर के पास कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर द हिंदू ने दी।
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने द हिंदू से कहा कि सोमवार को वे दिल्ली पुलिस से संपर्क कर जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीख मांगेंगे।
भारत ने UN चिंता खारिज की
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) के प्रवक्ता थमीन अल-खीतान ने प्रदर्शनकारियों, नेताओं, नागरिक समाज, वकीलों और पत्रकारों की बड़े पैमाने पर हिरासत पर चिंता जताई थी। भारत के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे “अनावश्यक” और “अस्वीकार्य हस्तक्षेप” करार दिया। MEA का कहना है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां शांतिपूर्ण सभा का अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था के अधीन है, और OHCHR पर चयनात्मकता का आरोप लगाया गया।
दिल्ली का मौसम और आवाजाही दोनों सोमवार को परीक्षा लेंगे। संबंधित अपडेट के लिए पढ़ें: Delhi Weather: दिल्ली में आंधी-बारिश का अलर्ट।
अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट परिसर की ओर हैं—विपक्षी ज्ञापन कैसे पहुंचता है, पुलिस कितनी जगह देती है, और मेट्रो-ट्रैफिक पाबंदियां कितनी देर रहती हैं। रविवार की हिरासतों और CJI के इनकार के बाद सोमवार का दिन CEC Protest की अगली दिशा तय कर सकता है।

























































