Delhi Weather: दिल्ली में कल आंधी-बारिश का अलर्ट, 60 KM/घंटा तक के झोंके; AQI अभी ‘मध्यम’

नई दिल्ली: अक्टूबर की उमस और धूप के बीच दिल्ली-NCR का मौसम फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में कुछ जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। राहत की बात यह है कि फिलहाल राजधानी की हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में है, लेकिन सर्दियों में प्रदूषण से निपटने की सरकारी तैयारी भी तेज हो चुकी है।
आज-कल का मौसम: बादल, हल्की बारिश और तेज झोंके
समाचार एजेंसी UNI के मुताबिक, IMD के रविवार सुबह 8:05 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन में कहा गया है कि 12 अक्टूबर को दिल्ली के साथ हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। बुलेटिन के मुताबिक, 11 से 16 अक्टूबर के बीच इन इलाकों में छिटपुट बारिश के आसार हैं, जबकि 12 अक्टूबर को बारिश का दायरा कुछ ज्यादा रह सकता है।
पुणे स्थित भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के दिल्ली के लिए रविवार के बुलेटिन में आसमान में आम तौर पर बादल छाए रहने, कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की और इक्का-दुक्का जगहों पर मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया। दोपहर से शाम के बीच 30-40 किमी प्रति घंटा, झोंकों में 50 किमी प्रति घंटा तक की हवाओं की बात भी कही गई। रविवार का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान था, जो सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री कम है।
ध्यान रहे कि यह अनुमान पूरे शहर के लिए एक जैसा नहीं है। IMD ने ‘कहीं-कहीं’ (isolated places) शब्द का इस्तेमाल किया है, यानी कुछ इलाकों में तेज बारिश और आंधी हो सकती है, जबकि बाकी हिस्से सूखे रह सकते हैं। IITM के मुताबिक, 12 से 14 अक्टूबर के बीच आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री के बीच रह सकता है।
हवा अभी ‘मध्यम’, पर आगे बिगड़ने के संकेत
IITM के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के बुलेटिन के मुताबिक, शनिवार शाम 4 बजे दिल्ली का AQI 122 दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पैमाने पर ‘मध्यम’ श्रेणी है। बुलेटिन के अनुसार, 11 से 14 अक्टूबर तक हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रहने का अनुमान है, लेकिन उसके बाद के छह दिनों में यह ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में जा सकती है।
बुलेटिन में वेंटिलेशन इंडेक्स यानी प्रदूषकों के फैलने की क्षमता का अनुमान 11 अक्टूबर को 5,900, 12 अक्टूबर को 3,800 और 13 अक्टूबर को 5,200 वर्ग मीटर प्रति सेकंड बताया गया है। IITM के अनुसार, अगर यह 6,000 से कम हो और औसत हवा की रफ्तार 10 किमी प्रति घंटा से कम हो, तो हालात प्रदूषण फैलने के लिए प्रतिकूल माने जाते हैं।
GRAP के नए नियम: किस AQI पर क्या पाबंदी
सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की निगरानी के लिए अपना कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। आयोग ने 9 अक्टूबर को एक्स (X) पर इसकी जानकारी दी:
PIB के मुताबिक, CAQM ने 28 सितंबर की बैठक में GRAP में बदलाव को मंजूरी दी थी। नए शेड्यूल में कुल 48 कदम हैं। सबसे अहम बदलाव यह है कि NCR और पड़ोसी राज्यों से आने वाली BS-IV और उससे पुराने मानक वाली बसों और डीजल जनरेटर सेट से जुड़ी पाबंदियां अब स्टेज-II के बजाय स्टेज-I से ही लागू होंगी।
| GRAP स्टेज | दिल्ली का AQI | श्रेणी |
|---|---|---|
| स्टेज-I | 201-300 | खराब |
| स्टेज-II | 301-400 | बहुत खराब |
| स्टेज-III | 401-450 | गंभीर |
| स्टेज-IV | 450 से ऊपर | गंभीर+ |
संशोधित नियमों के तहत स्टेज-III में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चारपहिया वाहनों पर रोक का दायरा दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के साथ अब सोनीपत तक बढ़ा दिया गया है। CAQM के मुताबिक, पूर्वानुमान के आधार पर कोई स्टेज AQI के उस स्तर तक पहुंचने से पहले भी लागू की जा सकती है।
1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में 28 सितंबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ हुई बैठक में दिल्ली का विंटर एक्शन प्लान तय हुआ। इसके प्रमुख कदम ये हैं:
- 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड, BS-VI मानक से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। CNG, इलेक्ट्रिक और आपात सेवा वाले वाहनों को छूट होगी।
- सर्दियों के दौरान सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे।
- 1 नवंबर से अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना होगा, हालांकि DMRC की पार्किंग इससे बाहर रहेगी।
- ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ अभियान के तहत ANPR कैमरों वाले 500 पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इन पंपों पर 1 अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू हो चुका है।
- 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूरी रोक रहेगी।
निष्कर्ष
सोमवार को आंधी-बारिश का अलर्ट दिल्लीवालों के लिए थोड़ी राहत और थोड़ी सावधानी, दोनों लेकर आया है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे ढांचों से दूर रहना और सफर से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखना समझदारी होगी। असली परीक्षा अक्टूबर के आखिर से शुरू होगी, जब हवा की रफ्तार घटते ही प्रदूषण बढ़ने लगता है। GRAP के सख्त नियम और विंटर एक्शन प्लान कागज से जमीन पर कितनी मजबूती से उतरते हैं, इसी से तय होगा कि इस बार दिल्ली की सर्दी कितनी ‘साफ’ रहती है।
























































