Jio Share Price: 21% प्रीमियम पर धमाकेदार लिस्टिंग, एक लॉट पर कितनी कमाई?

Jio Share Price: देश के सबसे बड़े IPO के बाद मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। कंपनी के शेयर NSE और BSE, दोनों पर ₹1,358 पर लिस्ट हुए, यानी ₹1,119 के इश्यू प्राइस से ₹239 या 21.36% ऊपर। BSE के आंकड़ों के मुताबिक लिस्टिंग के साथ ही जियो का मार्केट कैप ₹12,50,586 करोड़ पहुंच गया और वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे कीमती लिस्टेड कंपनी बन गई। इस दौड़ में उसने भारती एयरटेल को पीछे छोड़ दिया।

कारोबार शुरू होते ही शेयर में और तेजी आई। NDTV Profit के मुताबिक सुबह करीब 10:09 बजे (IST) तक BSE पर शेयर ₹1,375 के ऊपरी स्तर तक गया, जो इश्यू प्राइस से 22.87% ज्यादा है। News18 के मुताबिक सुबह करीब 10:02 बजे NSE पर शेयर ₹1,359.10 पर कारोबार कर रहा था। यह तेजी तब दिखी जब बाकी बाजार दबाव में था: CNBC-TV18 के मुताबिक सुबह 10:11 बजे तक निफ्टी 200 से ज्यादा अंक टूट चुका था।
एक लॉट पर कितनी कमाई?
IPO में रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट 12 शेयरों का था, यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर कम से कम ₹13,428 लगाने थे। ₹1,358 के लिस्टिंग भाव पर यही लॉट ₹16,296 का हो गया, यानी हर लॉट पर ₹2,868 का फायदा। रिलायंस के शेयरधारकों के लिए अलग कोटा था, जिसमें न्यूनतम लॉट 23 शेयरों का था। Moneycontrol के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरी में लिस्टिंग पर फायदा कुछ ऐसा रहा:
| कैटेगरी (न्यूनतम लॉट) | IPO भाव पर निवेश | लिस्टिंग भाव पर कीमत | लिस्टिंग गेन |
|---|---|---|---|
| रिटेल (12 शेयर) | ₹13,428 | ₹16,296 | ₹2,868 |
| रिलायंस शेयरधारक (23 शेयर) | ₹25,737 | ₹31,234 | ₹5,497 |
| HNI (180 शेयर) | ₹2,01,420 | ₹2,44,440 | ₹43,020 |
ध्यान रहे, यह फायदा ₹1,358 के लिस्टिंग भाव पर है। असली मुनाफा इस पर निर्भर करेगा कि निवेशक शेयर किस भाव पर बेचते हैं। जिन्हें शेयर नहीं मिले, उनका ब्लॉक पैसा रिफंड प्रक्रिया के तहत खातों में लौट रहा है।
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देश का सबसे बड़ा IPO, रिकॉर्ड तोड़ मांग
बेसिस ऑफ अलॉटमेंट के आधिकारिक विज्ञापन के मुताबिक जियो ने ₹1,119 के भाव पर 27 करोड़ नए शेयर जारी कर करीब ₹30,187.6 करोड़ जुटाए। कंपनी ने अपने ‘Thank you, India’ पोस्टर में इश्यू साइज ₹30,188 करोड़ बताया है, जबकि कई रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा ₹30,213 करोड़ लिखा गया है। किसी भी हिसाब से यह 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,859 करोड़ के IPO से बड़ा है। पूरा इश्यू फ्रेश था, यानी किसी पुराने शेयरधारक ने हिस्सा नहीं बेचा। Moneycontrol के मुताबिक इसमें से ₹27,500 करोड़ तक की रकम सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में लगेगी।
21 से 23 अक्टूबर तक खुले इस IPO को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। NSE के आंकड़ों के मुताबिक बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) का हिस्सा 70.55 गुना, NII का 14 गुना और रिटेल का 2.72 गुना भरा। जियो के मुताबिक IPO को 1.40 करोड़ आवेदन मिले, जो दुनिया में किसी IPO के लिए सबसे ज्यादा हैं, और अब कंपनी के 79.62 लाख शेयरधारक हैं। लिस्टिंग सेरेमनी में आकाश अंबानी ने कहा कि इश्यू खुलने के 95 मिनट में पूरा भर गया और इसे ₹7.5 लाख करोड़ से ज्यादा की मांग मिली। IPO से पहले कंपनी 212 एंकर निवेशकों से ₹8,109.85 करोड़ जुटा चुकी थी।

‘आज एक्सचेंज की घंटी मेरे लिए मंदिर की घंटी जैसी’
लिस्टिंग से पहले NSE में हुई सेरेमनी में मुकेश अंबानी और नीता अंबानी भी मौजूद थे। मुकेश अंबानी के तीनों बच्चों ने मंच से अपनी बात रखी। अनंत अंबानी ने कहा, ‘आज एक्सचेंज की घंटी मेरे लिए मंदिर की घंटी की तरह बजेगी, क्योंकि मेरे लिए बिजनेस पूजा है और हर पूजा प्रसाद के साथ खत्म होती है। प्रसाद हमेशा बांटा जाता है। आज जियो को भारत के साथ बांटा जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘जियो को पूरे देश ने दुआएं दीं… जियो आपने बनाया।’ अनंत ने डिजिटल इंडिया के विजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया।
जब अनंत अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सफर और पिता के सपनों की बात कर रहे थे, तब मुकेश अंबानी भावुक नजर आए। PTI के वीडियो में बेटी ईशा के संबोधन के दौरान भी वे भावुक दिखे। ईशा अंबानी ने बताया कि कुछ दिन पहले खाने की मेज पर उनके पिता 1977 को याद कर रहे थे, जब 20 साल की उम्र में वे रिलायंस के पहले पब्लिक ऑफर पर काम कर रहे थे। ईशा ने कहा, ‘मेरे दादा मानते थे कि इस देश में हर किसी को, चाहे उसकी शुरुआत कितनी भी साधारण हो, भारत की तरक्की में हिस्सा मिलना चाहिए, दर्शक के तौर पर नहीं, मालिक के तौर पर।’ पिता के लिए उन्होंने कहा, ‘पापा, हम आज यहां आपकी वजह से हैं।’
जियो के MD आकाश अंबानी ने कहा, ‘जब मैं जुड़ा था, तब हमारे पास न ग्राहक थे, न कमाई, बस एक बड़ा आइडिया था।’ उन्होंने बताया कि आज कंपनी के प्लेटफॉर्म 54 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को सेवा देते हैं। आगे की योजना पर उन्होंने कहा कि जियो अब AI, क्लाउड, कनेक्टेड डिवाइस और अंतरिक्ष से कनेक्टिविटी जैसी तकनीकों को आम लोगों तक पहुंचाना चाहती है। उनका कहना था, ‘हम अब तिरंगे को ग्लोबल ले जाने के लिए तैयार हैं।’ NSE के MD और CEO आशीषकुमार चौहान ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस ग्रुप की 12वीं कंपनी है जो NSE पर लिस्ट हुई है।
रिलायंस और मुकेश अंबानी के लिए क्या मायने
जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज है। Moneycontrol के मुताबिक IPO से पहले कंपनी में रिलायंस की हिस्सेदारी 66.43% थी, जबकि मेटा के पास 9.98% और गूगल के पास 7.73% हिस्सा था। इन दोनों ने IPO में अपने शेयर नहीं बेचे। CNBC-TV18 के मुताबिक इस लिस्टिंग के साथ रिलायंस ग्रुप देश का सबसे कीमती कारोबारी समूह बन गया है।
हालांकि पेरेंट कंपनी के शेयर पर आज दबाव दिखा। Mint के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर ₹1,194.50 पर खुला और शुरुआती कारोबार में ₹1,186.20 तक फिसला। अब नजर 30 अक्टूबर पर है, जब जियो प्लेटफॉर्म्स का बोर्ड लिस्टेड कंपनी के तौर पर पहली बार सितंबर तिमाही के नतीजों पर मुहर लगाएगा। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी सूचना में बताया है कि नतीजों के बाद एनालिस्ट मीट भी होगी।
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शेयर बेचें या रखें? जानकारों की राय
लिस्टिंग से ठीक पहले तीन ब्रोकरेज ने जियो पर कवरेज शुरू की और तीनों ने ‘Buy’ रेटिंग दी। नोमुरा ने ₹1,340, मोतीलाल ओसवाल ने ₹1,350 और एलारा ने ₹1,367 का टारगेट प्राइस दिया है। ये टारगेट इश्यू प्राइस को ध्यान में रखकर दिए गए थे और ₹1,358 का लिस्टिंग भाव इनके आसपास ही है। NDTV Profit के मुताबिक मोतीलाल ओसवाल ने खराब हालात (बेयर केस) में ₹1,035 और सबसे अच्छे हालात (बुल केस) में ₹1,690 का अनुमान भी दिया है। ब्रोकरेज मोबाइल टैरिफ में 12-15% बढ़ोतरी और होम ब्रॉडबैंड को आगे की कमाई का बड़ा जरिया मान रहे हैं।
Moneycontrol के मुताबिक आनंद राठी के नरेंद्र सोलंकी और केसी सिक्योरिटीज के महेश ओझा ने जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, उन्हें लंबी अवधि के लिए होल्ड करने की सलाह दी है। वहीं SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव ने Mint से कहा कि मजबूत IPO मांग और लिस्टिंग गेन की उम्मीद इस बात की गारंटी नहीं है कि लिस्टिंग के बाद भी तेजी बनी रहेगी। उन्होंने वैल्यूएशन, भारती एयरटेल से मुकाबले और भारी पूंजी खर्च को जोखिम बताया। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक कंपनी का फ्री फ्लोट 3% से कम है, यानी बाजार में खरीद-बिक्री के लिए शेयर कम हैं।
निवेश का कोई भी फैसला अपनी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता को देखकर, सेबी-रजिस्टर्ड सलाहकार से बात करके ही लें। News Centre of India निवेश की सलाह नहीं देता।
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