अक्टूबर 25, 2026
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Bullet Train: समुद्र के नीचे 7 KM सुरंग, 100 फीट नीचे BKC स्टेशन; कब चलेगी?

मुंबई/नई दिल्ली: मुंबई के सबसे व्यस्त बिजनेस हब बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) की सड़कों के नीचे करीब 100 फीट गहराई में एक रेलवे स्टेशन आकार ले रहा है, और कुछ किलोमीटर दूर 3,000 टन से भारी मशीन ठाणे क्रीक के नीचे चट्टान काटकर भारत की पहली समुद्र के नीचे वाली रेल सुरंग बना रही है। यह सब मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train) प्रोजेक्ट का हिस्सा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 24 अक्टूबर 2026 को X पर पोस्ट और अपने ब्लॉग के जरिए प्रोजेक्ट की ताजा प्रगति बताई और कहा कि पहली बुलेट ट्रेन सेवा 2027 की आखिरी तिमाही में शुरू होगी।

मुंबई BKC में बन रहा बुलेट ट्रेन का अंडरग्राउंड स्टेशन
मुंबई के BKC में बुलेट ट्रेन के अंडरग्राउंड स्टेशन का निर्माण। फोटो: अश्विनी वैष्णव का ब्लॉग / रेल मंत्रालय

Ashwini Vaishnaw ने X पर क्या शेयर किया

रेल मंत्री ने 24 अक्टूबर की रात X पर लिखा, “How India is building its first bullet train. Read!” और साथ में अपने ब्लॉग India’s first bullet train is taking shape का लिंक शेयर किया। ब्लॉग में उन्होंने लिखा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन “अब सिर्फ घोषणा नहीं है, यह 508 किलोमीटर का निर्माण है जो पूरी रफ्तार से चल रहा है।” देखें रेल मंत्री की पोस्ट:

https://x.com/AshwiniVaishnaw/status/2114011906390528235

7 किलोमीटर समुद्र के नीचे: भारत की पहली Undersea Rail Tunnel

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर BKC से शिलफाटा तक करीब 21 किलोमीटर लंबी सुरंग से गुजरता है। इसमें से लगभग 7 किलोमीटर हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे, यानी समुद्र के नीचे होगा। यह देश की पहली अंडरसी रेल सुरंग होगी। Mint की रिपोर्ट के मुताबिक 21 किलोमीटर में से करीब 16 किलोमीटर की खुदाई टनल बोरिंग मशीन (TBM) से और बाकी हिस्सा माउंटेन टनलिंग (NATM) तरीके से हो रहा है।

  • जुलाई 2026 में विक्रोली और सावली से दो विशाल TBM लॉन्च की गईं।
  • हर मशीन का कटरहेड 13.6 मीटर व्यास का है, यानी करीब 4 मंजिला इमारत जितना ऊंचा।
  • हर TBM का वजन 3,000 टन से ज्यादा है (रेल मंत्री के मुताबिक करीब 500 हाथियों के बराबर) और लंबाई 96 मीटर।
  • सितंबर 2026 तक माउंटेन टनलिंग तरीके से महाराष्ट्र की सुरंग का 5 किलोमीटर हिस्सा खोदा जा चुका है।
बुलेट ट्रेन सुरंग के लिए टनल बोरिंग मशीन
ठाणे क्रीक के नीचे सुरंग बनाने के लिए लगाई गई विशाल टनल बोरिंग मशीन। फोटो: अश्विनी वैष्णव का ब्लॉग / रेल मंत्रालय

BKC Bullet Train Station: जमीन से 100 फीट नीचे

पूरे 508 किलोमीटर कॉरिडोर पर BKC इकलौता अंडरग्राउंड स्टेशन है। यहां खुदाई जमीन से करीब 32 मीटर (लगभग 100 फीट) नीचे तक जा रही है, जो 10 मंजिला इमारत की ऊंचाई से भी ज्यादा है। इस गड्ढे में तीन लेवल बन रहे हैं: प्लेटफॉर्म, कॉन्कोर्स और सर्विस लेवल। स्टेशन पर 6 प्लेटफॉर्म होंगे और हर प्लेटफॉर्म 400 मीटर से ज्यादा लंबा होगा, ताकि पूरी लंबाई की बुलेट ट्रेन खड़ी हो सके। रेल मंत्री के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह खुदाई ऊंची इमारतों, सड़कों और मेट्रो लाइनों से घिरे घने बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के बीच हो रही है।

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Bullet Train Project Status: अब तक कितना काम हुआ

रेल मंत्री के ब्लॉग में दिए गए आंकड़े (सितंबर 2026 तक):

  • 456 किलोमीटर पियर (खंभे) और 371 किलोमीटर वायाडक्ट का काम पूरा।
  • 299 किलोमीटर हिस्से में 6 लाख नॉइज बैरियर लगाए गए।
  • 206 किलोमीटर वायाडक्ट पर 9,300 OHE मास्ट लगाए गए; पूरे कॉरिडोर पर करीब 22,000 मास्ट लगने हैं।
  • 4 पहाड़ी सुरंगों की खुदाई पूरी।
  • 8 स्टेशनों पर सिविल वर्क पूरा, आर्किटेक्चरल फिनिशिंग जारी।
  • साबरमती, सूरत और ठाणे के तीनों रोलिंग स्टॉक डिपो में काम चल रहा है।

रफ्तार के पीछे “फुल स्पैन लॉन्चिंग मेथड” है: 40 मीटर लंबा और करीब 970 टन वजनी पूरा कंक्रीट गर्डर फैक्ट्री यार्ड में ढालकर एक बार में खंभों पर रखा जाता है। मंत्री के मुताबिक यह पारंपरिक तरीके से करीब 10 गुना तेज है, और 1,000 टन से ज्यादा उठाने वाली ये लॉन्चिंग मशीनें अब भारत में ही बन रही हैं।

बुलेट ट्रेन वायाडक्ट पर फुल स्पैन गर्डर लॉन्चर
वायाडक्ट पर फुल स्पैन गर्डर लगाती लॉन्चिंग मशीन। फोटो: अश्विनी वैष्णव का ब्लॉग / रेल मंत्रालय

Bullet Train Kab Chalegi: पहली सेवा सूरत-वापी के बीच

रेल मंत्री के मुताबिक पहली हाई-स्पीड सेवा 2027 की आखिरी तिमाही में शुरू होगी और सबसे पहले सूरत से वापी के बीच का हिस्सा खुलेगा। बाकी कॉरिडोर चरणों में मुंबई तक जुड़ेगा। पूरा होने पर अहमदाबाद से मुंबई का सफर करीब 1 घंटा 58 मिनट में पूरा होगा, जबकि सड़क से आज इसमें 8-9 घंटे लगते हैं।

स्टेशन, स्पीड और रूट: जरूरी फैक्ट्स

  • कुल लंबाई: 508 किलोमीटर, जिसमें करीब 465 किलोमीटर (90% से ज्यादा) एलिवेटेड वायाडक्ट पर।
  • डिजाइन स्पीड 350 किमी/घंटा, ऑपरेटिंग स्पीड 320 किमी/घंटा।
  • 12 स्टेशन: मुंबई (BKC), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती। BKC को छोड़ बाकी 11 एलिवेटेड हैं।
  • सूरत स्टेशन का अग्रभाग (फसाड) हीरे के कटाव से प्रेरित है; साबरमती में बुलेट ट्रेन, भारतीय रेल, मेट्रो और BRTS एक ही हब से जुड़ेंगे।
  • बिजली के लिए 2×25 kV कंपाउंड कैटेनरी सिस्टम, जो भारत में पहली बार लग रहा है।
  • सुरक्षा के लिए 28 सीस्मोमीटर (भूकंप आते ही बिजली कटकर ट्रेन रुक जाएगी) और 14 जगहों पर हवा मापने वाले एनीमोमीटर।

Shinkansen E5 से स्वदेशी B28 तक: कौन सी ट्रेन दौड़ेगी

यह प्रोजेक्ट जापान के सहयोग से बन रहा है। सितंबर 2017 में PM नरेंद्र मोदी और तत्कालीन जापानी PM शिंजो आबे ने इसकी नींव रखी थी। Mint के मुताबिक लोन शर्तों के तहत शुरुआत में जापान की शिंकानसेन E5 सीरीज ट्रेन चलाने की योजना थी, लेकिन दिसंबर 2024 में जापान ने बताया कि E5 का उत्पादन बंद हो रहा है और JR East अगली पीढ़ी की E10 ट्रेन डिजाइन कर रहा है। E10 के इंतजार में तैयार ट्रैक खाली न पड़ा रहे, इसलिए भारत ने तकनीकों का मिश्रण चुना है, जिसमें यूरोपीय स्टैंडर्ड (ETCS लेवल 2) सिग्नलिंग और भारत में बने कोच शामिल हैं।

रेल मंत्री के मुताबिक ICF और BEML मिलकर स्वदेशी B28 ट्रेनसेट बना रहे हैं, जो 280 किमी/घंटा के लिए डिजाइन है। इसका पहला बॉडी फ्रेम तैयार है और स्ट्रक्चरल टेस्टिंग चल रही है; ट्रैक ट्रायल 2027 के मध्य तक होने की उम्मीद है। इसके बाद 350 किमी/घंटा वाला B35 बनेगा। जापानी J-स्लैब बैलास्टलेस ट्रैक भी पहली बार भारतीय यार्ड में ढाला जा रहा है।

लागत और देरी: क्या है पूरी तस्वीर

Mint की रिपोर्ट के मुताबिक प्रोजेक्ट की मूल स्वीकृत लागत ₹97,500 करोड़ थी, जो 2017 में शिलान्यास तक करीब ₹1.08 लाख करोड़ हो गई थी। जापान ने लागत के करीब 81% हिस्से तक के लिए 0.1% सालाना ब्याज पर 50 साल का येन लोन (15 साल की छूट अवधि के साथ) ऑफर किया था। मंत्री ने देरी पर कहा कि महाराष्ट्र में करीब ढाई साल तक जमीन और राज्य की मंजूरी नहीं मिली, फिर कोविड से दो साल गए; असल में पूरा निर्माण 2021 में शुरू हुआ।

आगे क्या: 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर

ब्लॉग के मुताबिक केंद्रीय बजट 2026-27 में करीब 4,000 किलोमीटर के 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान हुआ है, जिन पर करीब ₹16 लाख करोड़ निवेश का अनुमान है। इनमें दिल्ली-लखनऊ (2 घंटे 10 मिनट), दिल्ली-वाराणसी (3 घंटे 50 मिनट), चेन्नई-बेंगलुरु (1 घंटा 13 मिनट) और मुंबई-पुणे (48 मिनट) जैसे रूट शामिल हैं।

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FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी?

रेल मंत्री के मुताबिक पहली सेवा 2027 की आखिरी तिमाही में सूरत-वापी के बीच शुरू होगी, बाकी कॉरिडोर चरणों में खुलेगा।

समुद्र के नीचे सुरंग कितनी लंबी है?

BKC-शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर सुरंग में से करीब 7 किलोमीटर हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरेगा।

BKC बुलेट ट्रेन स्टेशन कितना गहरा है?

करीब 32 मीटर यानी लगभग 100 फीट गहरा, जिसमें 6 प्लेटफॉर्म होंगे।

मुंबई से अहमदाबाद कितने समय में पहुंचेंगे?

करीब 1 घंटा 58 मिनट में।

(यह खबर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की X पोस्ट और ब्लॉग, तथा Mint, Business Today, ABP और आजतक की रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

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