School Holiday: तमिलनाडु-पुडुचेरी में आज स्कूल बंद, ओडिशा में 2 दिन छुट्टी

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब और सक्रिय उत्तर-पूर्वी मानसून की रात भर की बारिश के बाद तमिलनाडु के कई जिलों में सोमवार, 26 अक्टूबर को स्कूल नहीं खुले। कोयंबटूर, डिंडीगुल और रामनाथपुरम में पूरे जिले के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जबकि नीलगिरि, थेनी और कल्लाकुरिची में यह छुट्टी कुछ इलाकों तक सीमित है। पुडुचेरी और कराईकल में स्कूल-कॉलेज दोनों बंद हैं। उधर ओडिशा सरकार ने तूफान के असर को देखते हुए पांच जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश पहले ही दे दिया है।

तमिलनाडु में आज कहां-कहां स्कूल बंद
द हिंदू के मुताबिक डिंडीगुल की जिला कलेक्टर दुर्गा मूर्ति और कोयंबटूर के कलेक्टर पवनकुमार ने बारिश के कारण सोमवार को स्कूल बंद रखने की घोषणा की। तमिल अखबार दिनामणि के मुताबिक इन दोनों जिलों में छुट्टी केवल स्कूलों के लिए है। रामनाथपुरम के कलेक्टर शिवगुरु प्रभाकर ने पूरे जिले के स्कूलों में छुट्टी घोषित की है।
नीलगिरि की कलेक्टर लक्ष्मी भव्या तन्नीरू ने उदगमंडलम (ऊटी), कुन्नूर, कोटागिरी और कुंडा तालुकों के सभी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है। थेनी के कलेक्टर शिवकृष्णमूर्ति ने सिर्फ पेरियाकुलम ब्लॉक के स्कूलों में छुट्टी दी है। कल्लाकुरिची में दिनामणि और दिनमलर के मुताबिक केवल पांच चुनिंदा सरकारी और पंचायत यूनियन स्कूल बंद हैं, बाकी स्कूल सामान्य रूप से खुले हैं। दिनामणि और दिनमलर ने नागपट्टिनम जिले में भी स्कूलों की छुट्टी की खबर दी है।
पुडुचेरी में दिनमलर के मुताबिक मंत्री नमच्चिवायम ने पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की। पड़ोसी केरल के पलक्कड़ में भी कलेक्टर के. सुधीर ने प्रोफेशनल कॉलेजों समेत सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया है। द हिंदू के मुताबिक यह आदेश आंगनबाड़ी, मदरसों, ट्यूशन और कोचिंग सेंटरों पर भी लागू है, लेकिन पहले से तय परीक्षाएं समय पर होंगी।
जिन जिलों का नाम ऊपर नहीं है, वहां स्कूल सामान्य दिनों की तरह खुले हैं। अभिभावकों को सलाह है कि अपने जिला कलेक्टर के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या स्कूल की सूचना पर नजर रखें, क्योंकि ऐसे फैसले अक्सर सुबह तक बदलते रहते हैं।
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रातभर की बारिश: पंबन में 11 सेमी से ज्यादा
क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) चेन्नई के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह 5:30 बजे तक पंबन में सबसे ज्यादा 11.4 सेमी बारिश दर्ज हुई। कोयंबटूर में 8 सेमी, नीलगिरि के HRS विजयनगरम और पलनी में 7-7 सेमी और डिंडीगुल के वेदसंदूर में 6 सेमी बारिश हुई। RMC ने आज पुदुकोट्टई, शिवगंगा और रामनाथपुरम में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तूतुकुडी, मदुरै, थेनी, डिंडीगुल, तिरुचि, तंजावुर और नागपट्टिनम समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
सबसे ज्यादा नुकसान नीलगिरि में दिखा है। जिला प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से द हिंदू ने बताया कि रविवार सुबह 7 बजे तक के 24 घंटों में जिले में 62 छोटे भूस्खलन हुए। 15 झोपड़ियों को आंशिक नुकसान पहुंचा, एक पूरी तरह ढह गई और 28 पेड़ उखड़ गए। तिरुचि जिले में पचमलाई घाट रोड पर भूस्खलन से आवाजाही बाधित हुई। द हिंदू के मुताबिक IMD ने राज्य में 27 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। कल, 27 अक्टूबर के लिए किसी जिले में स्कूल बंद करने की घोषणा इस खबर के लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।
अर्नब कहां है: IMD का ताजा बुलेटिन
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सोमवार सुबह के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी का गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) अब चक्रवाती तूफान अर्नब बन चुका है। पिछले छह घंटों में यह 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग पश्चिम की ओर बढ़ा। सुबह 5:30 बजे यह विशाखापत्तनम से करीब 650 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, काकीनाडा से 730 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, बापटला से 910 किमी पूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से 610 किमी दक्षिण-पूर्व में था।

अर्नब नाम बांग्लादेश ने दिया है, जिसका मतलब समुद्र है। IMD के अनुमान के मुताबिक पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते हुए यह आज, 26 अक्टूबर की आधी रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बन सकता है। इसके बाद उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़कर 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तट को पार करने की संभावना है। उस वक्त हवा की रफ्तार 115-125 किमी प्रति घंटे रहेगी, जो झोंकों में 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा तट के लिए चक्रवात चेतावनी का रेड मैसेज जारी किया है।
रात के बुलेटिन में IMD ने समुद्री लहरों को लेकर भी चेतावनी दी थी। इसके मुताबिक लैंडफॉल के समय काकीनाडा और यानम के निचले इलाकों में खगोलीय ज्वार से 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरें घुस सकती हैं। आंध्र तट पर 27 अक्टूबर की सुबह से तेज हवाएं शुरू होंगी और शाम तक कृष्णा से अनकापल्ली तक के तटीय जिलों में इनकी रफ्तार 90-100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आंध्र में 27-28 अक्टूबर, ओडिशा में 28 अक्टूबर और पूर्वी तेलंगाना व दक्षिण छत्तीसगढ़ में 28 अक्टूबर को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। उत्तरी तमिलनाडु के तट पर भी 27 अक्टूबर की शाम से 28 की शाम तक 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। मछुआरों को 26 से 28 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है।
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ओडिशा और आंध्र में तैयारी
ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया है। इन जिलों पर तूफान का सबसे ज्यादा असर पड़ने का अनुमान है। टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे के मुताबिक बाकी जिलों के कलेक्टरों को हालात देखकर खुद फैसला लेने का अधिकार दिया गया है। IMD ने इन्हीं पांच जिलों के लिए 28 अक्टूबर का रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य में करीब 60 ODRAF टीमें, NDRF की 17 टीमें और फायर सर्विस की 225 टीमें तैनात हैं। PTI के मुताबिक मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आठ मंत्रियों को संवेदनशील जिलों में भेजा है।
आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने को कहा है। द हिंदू के मुताबिक राहत और बचाव के लिए NDRF की 10 और SDRF की 11 टीमें तैयार हैं। काकीनाडा में मछुआरों को समुद्र से लौटने को कहा गया है, कलेक्ट्रेट और सभी मंडल मुख्यालयों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। आंध्र में स्कूल बंद करने का कोई राज्यव्यापी आदेश इस खबर के लिखे जाने तक सामने नहीं आया था।
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