अक्टूबर 27, 2026
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Delhi Fire: इमारत हादसे के बाद अब मिलन गार्डन में कूड़े के ढेर में भीषण आग

कूड़े के ढेर में लगी आग, सांकेतिक तस्वीर

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुर विधानसभा क्षेत्र के मिलन गार्डन इलाके में रविवार देर रात कूड़े के एक ढेर में भीषण आग लग गई। समाचार एजेंसी PTI ने रात करीब 12 बजे इसका वीडियो जारी करते हुए बताया कि मिलन गार्डन इलाके के कूड़ाघर (garbage dump) में आग लगी है। ANI ने भी तड़के करीब 2:30 बजे आग का वीडियो जारी किया और इसे गोकुलपुर विधानसभा क्षेत्र के मिलन गार्डन में “कूड़े के ढेर में लगी भीषण आग” बताया।

खुले में जलते कूड़े के ढेर से उठता घना धुआं, सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर: सड़क किनारे जलता कूड़े का ढेर (यह मिलन गार्डन की तस्वीर नहीं है)। फोटो: Sumaira Abdulali / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

यह आग किसी बड़े लैंडफिल साइट पर नहीं, बल्कि इलाके में जमा कूड़े के ढेर में लगी है। PTI, ANI और Times Now ने इसे “massive fire” यानी भीषण आग बताया है। ANI हिंदी ने अपने अपडेट में लिखा कि “अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।” सोमवार सुबह 9 बजे तक दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की ओर से आग पर काबू पाए जाने, मौके पर भेजी गई दमकल गाड़ियों की संख्या या आग लगने की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। किसी के घायल होने की भी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।

कौन सी जगह है, गाजीपुर या भलस्वा तो नहीं?

सोशल मीडिया पर कई जगह इसे लैंडफिल की आग बताया गया, लेकिन PTI, ANI और Times Now समेत एजेंसियों और चैनलों ने जगह मिलन गार्डन बताई है, जो गोकुलपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है। दिल्ली की तीन बड़ी लैंडफिल साइटें गाजीपुर, भलस्वा और ओखला हैं, और इनमें से किसी में रविवार-सोमवार की रात आग लगने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

इन तीनों पहाड़ों पर अब भी भारी मात्रा में पुराना कचरा जमा है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 18 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक MCD ने भलस्वा को साफ करने की समय-सीमा छठी बार बढ़ाकर फरवरी 2027 कर दी है, जहां 10 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा पुराना कचरा बचा है। गाजीपुर में 63.43 लाख मीट्रिक टन कचरा अभी प्रोसेस होना बाकी है और उसकी समय-सीमा दिसंबर 2027 है। रिपोर्ट के मुताबिक इन साइटों पर रोज करीब 5,858 टन नया कचरा भी पहुंच रहा है।

उसी मिलन गार्डन में शाम को ढहा था मकान

मिलन गार्डन रविवार को दूसरी बार सुर्खियों में आया। ANI के मुताबिक दिल्ली फायर सर्विस को शाम 6:46 बजे हर्ष विहार थाना क्षेत्र के मिलन गार्डन में एक मकान गिरने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पांच दमकल गाड़ियां भेजी गईं। मौके पर NDRF, पुलिस और फायर सर्विस की टीमें राहत-बचाव में जुटीं। समाचार एजेंसी IANS ने सोमवार सुबह बताया कि इमारत के दो स्लैब गिरने से एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने घटनास्थल का दौरा किया था।

दोनों घटनाओं की जगह एक ही नाम से दर्ज है, लेकिन कूड़े के ढेर और ढहे मकान के बीच कितनी दूरी है, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। दोनों घटनाओं के आपस में जुड़े होने का भी कोई संकेत नहीं है।

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दमकल की कार्रवाई पर क्या पता है

दिल्ली फायर सर्विस की लाल रंग की दमकल गाड़ी, फाइल फोटो
दिल्ली फायर सर्विस की दमकल गाड़ी (फाइल फोटो)। फोटो: DiplomatTesterMan / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

कूड़े के ढेर की आग आमतौर पर ऊपर से बुझने के बाद भी अंदर ही अंदर सुलगती रहती है, इसलिए दमकलकर्मियों को लंबे समय तक कूलिंग करनी पड़ती है। मिलन गार्डन की आग में दमकल की कितनी गाड़ियां लगीं, आग कब तक बुझी और कूलिंग का काम कब तक चला, इसकी पुष्टि DFS के आधिकारिक बयान से ही होगी। NCI इस खबर को आधिकारिक जानकारी मिलते ही अपडेट करेगा।

दो दिन पहले भी पूर्वी दिल्ली में ऐसी ही तस्वीर दिखी थी। PTI के मुताबिक शनिवार, 24 अक्टूबर को शाहदरा इलाके की गीता कॉलोनी में राजा राम कोहली मार्ग के पास कचरे के ढेर में आग लगी थी, जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे थे।

हवा पर कितना असर, क्या कहते हैं आंकड़े

कूड़े में लगी आग से निकलने वाला धुआं आसपास की हवा को सीधे प्रभावित करता है, लेकिन मिलन गार्डन के ठीक पास CPCB का कोई मॉनिटरिंग स्टेशन नहीं है, इसलिए इस आग का असर अलग से नापा गया आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, जैसा ANI ने बताया, सोमवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 164 (मध्यम) रहा। 60 में से 55 स्टेशनों ने डेटा दिया।

सुबह 7 बजे सबसे ज्यादा AQI जहांगीरपुरी में 246 दर्ज किया गया। पूर्वी दिल्ली का विवेक विहार 235 के साथ दूसरे नंबर पर रहा। सुबह की इस टॉप-5 सूची में यमुना पार का यही इकलौता स्टेशन था। इसके बाद CRRI मथुरा रोड (231), पंजाबी बाग (225) और आरके पुरम (223) रहे। ये पांचों ‘खराब’ श्रेणी में थे। विवेक विहार में मुख्य प्रदूषक PM2.5 रहा। हालांकि विवेक विहार की हवा का यह स्तर इसी आग की वजह से है, ऐसा कोई आधिकारिक आकलन नहीं है, क्योंकि जहांगीरपुरी और आरके पुरम जैसे दूर के इलाकों में भी हवा ‘खराब’ रही।

दिल्ली-NCR में 21 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू है। ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के तहत खुले में कचरा जलाने पर पहले से रोक है। ऐसे में मिलन गार्डन के कूड़े के ढेर में आग कैसे लगी और वहां कचरा कब से जमा था, यह जांच के बाद ही साफ होगा।

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Moga Firing: दुकान के बाहर बैठे थे,

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