Anthropic IPO: Claude वाली कंपनी आएगी शेयर बाजार, भारतीय खरीद पाएंगे शेयर?

Anthropic IPO: ChatGPT को टक्कर देने वाले AI चैटबॉट Claude की निर्माता कंपनी Anthropic अब शेयर बाजार में उतरने जा रही है। सैन फ्रांसिस्को की इस कंपनी ने अमेरिकी बाजार नियामक SEC के पास अपना S-1 प्रॉस्पेक्टस सार्वजनिक रूप से दाखिल कर दिया है। SEC के रिकॉर्ड के मुताबिक यह फाइलिंग 26 अक्टूबर को भारतीय समय के अनुसार शाम करीब 6:30 बजे स्वीकार हुई। कंपनी ने अपने Class A शेयर Nasdaq Global Select Market पर ‘ANT’ टिकर के साथ लिस्ट कराने की अर्जी दी है।

कंपनी ने अभी शेयरों की संख्या और प्राइस बैंड नहीं बताया है। प्रॉस्पेक्टस में ये खाने खाली छोड़े गए हैं। फिर भी इसे दुनिया के सबसे बड़े IPO में गिना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में कंपनी का संभावित वैल्यूएशन 1.5 ट्रिलियन से 1.75 ट्रिलियन डॉलर के बीच बताया जा रहा है। अमेरिकी रेडियो NPR के मुताबिक मई में आखिरी निजी फंडिंग राउंड में Anthropic की वैल्यू 965 अरब डॉलर आंकी गई थी। ध्यान रहे, ये वैल्यूएशन के आंकड़े रिपोर्ट्स के हैं, कंपनी की फाइलिंग के नहीं।
पांच साल पुरानी कंपनी, कमाई में 1,300% की छलांग
Anthropic की शुरुआत 2021 में OpenAI छोड़कर आए शोधकर्ताओं के एक समूह ने डारियो अमोदेई की अगुवाई में की थी। प्रॉस्पेक्टस में दिए आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की कमाई किस रफ्तार से बढ़ी है:
| अवधि | रेवेन्यू (कमाई) | बढ़त |
|---|---|---|
| 2023 | 4.1 करोड़ डॉलर | – |
| 2024 | 38.6 करोड़ डॉलर | 841% |
| 2025 | 4.6 अरब डॉलर | 1,088% |
| जनवरी-जून 2026 | 16.3 अरब डॉलर | 1,300% (पिछले साल की इसी अवधि से) |
पिछले साल जनवरी-जून में कंपनी की कमाई सिर्फ 1.2 अरब डॉलर थी। घाटा भी तेजी से घटा है। 2026 की पहली छमाही में ऑपरेटिंग लॉस 69.3 करोड़ डॉलर रहा, जो एक साल पहले 2.1 अरब डॉलर था। कर्मचारियों की संख्या दिसंबर 2024 के करीब 940 से बढ़कर 30 सितंबर 2026 तक करीब 5,300 हो गई है।
पर कंपनी खुद चेतावनी भी दे रही है। प्रॉस्पेक्टस में लिखा है कि उसे उम्मीद नहीं है कि कमाई इसी रफ्तार से बढ़ती रहेगी, और वह यह भरोसा भी नहीं दे सकती कि कमाई आगे बढ़ेगी ही। कंपनी के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही में उसकी करीब 79% कमाई टॉप-5 ग्राहकों के बाहर के ग्राहकों से आई, और 30 सितंबर 2026 तक खत्म हुए नौ महीनों में किसी एक ग्राहक का हिस्सा 10% से ज्यादा नहीं रहा।
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शेयर खरीदेंगे आप, कंट्रोल रहेगा संस्थापकों के पास
Anthropic का ढांचा आम कंपनियों से अलग है। यह डेलावेयर कानून के तहत ‘पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन’ है, यानी उसे शेयरधारकों के मुनाफे के साथ समाज पर असर का भी संतुलन रखना होता है। IPO से ठीक पहले संस्थापकों की एक LLC को Class F का एक खास शेयर मिलेगा, जिसके पास कंपनी के कुल वोटिंग अधिकारों का 50.1% होगा। इस LLC में डारियो अमोदेई, कंपनी की प्रेसिडेंट डेनिएला अमोदेई और पांच दूसरे सह-संस्थापक शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी का ‘लॉन्ग-टर्म बेनिफिट ट्रस्ट’ Class T शेयरों के जरिए बोर्ड के ज्यादातर डायरेक्टर चुन सकेगा। इसी वजह से Nasdaq के नियमों में Anthropic ‘कंट्रोल्ड कंपनी’ मानी जाएगी। यानी बाजार से शेयर खरीदने वाले निवेशक कंपनी में हिस्सेदार तो बनेंगे, पर बड़े फैसलों पर उनका असर सीमित रहेगा। कंपनी ने अपने करीब 5% फुली-डाइल्यूटेड शेयर एक पब्लिक बेनिफिट फंड को भी दिए हैं।

भारत में IPO नहीं, तो भारतीय निवेशक क्या करें?
भारतीय निवेशकों के लिए सबसे अहम लाइन प्रॉस्पेक्टस के ‘India’ वाले हिस्से में है। इसके मुताबिक यह प्रॉस्पेक्टस भारत में किसी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास रजिस्टर नहीं होगा और न ही SEBI या किसी भारतीय स्टॉक एक्सचेंज ने इसकी जांच या मंजूरी दी है। यह भारत में आम लोगों को शेयर बेचने का प्रस्ताव नहीं है और कंपनीज एक्ट समेत भारतीय कानूनों की प्राइवेट प्लेसमेंट छूट के बाहर भारत में ये शेयर ऑफर नहीं किए जाएंगे। प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक पब्लिक ऑफरिंग अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र के कुछ देशों, जापान, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन में होगी।
यानी Jio IPO की तरह भारत में बैठकर इस IPO में अर्जी देने का रास्ता आम निवेशकों के पास नहीं है। हां, Nasdaq पर लिस्टिंग के बाद भारतीय निवेशक दूसरे अमेरिकी शेयरों की तरह इन्हें भी खरीद सकेंगे। इसके लिए RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) लागू होती है, जिसके तहत एक व्यक्ति एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकता है। यह रास्ता विदेशी निवेश की सुविधा देने वाले ब्रोकर या प्लेटफॉर्म के जरिए अपनाया जाता है। ऐसे निवेश में डॉलर-रुपये के उतार-चढ़ाव और टैक्स नियमों को समझकर ही फैसला लेना चाहिए।
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भारत क्यों अहम है Anthropic के लिए
भारत Claude का बड़ा बाजार है। फरवरी 2026 में बेंगलुरु में कंपनी का पहला भारतीय दफ्तर खुलने के मौके पर डारियो अमोदेई ने कहा था कि भारत में Anthropic का रन-रेट रेवेन्यू पिछले चार महीनों में दोगुना हुआ है। Reuters के मुताबिक कंपनी अमेरिका के बाद भारत को Claude का सबसे बड़ा बाजार बताती है। हालांकि S-1 प्रॉस्पेक्टस में भारत के कारोबार के अलग आंकड़े नहीं दिए गए हैं।

IPO की अगुवाई Goldman Sachs और Morgan Stanley कर रहे हैं, जबकि J.P. Morgan, Citigroup और Barclays समेत कई बड़े बैंक अंडरराइटर्स में शामिल हैं। लिस्टिंग की तारीख और शेयर का भाव अभी तय नहीं है। ये ब्योरे प्रॉस्पेक्टस के अगले संशोधित संस्करण में आ सकते हैं। फाइलिंग के मुताबिक कंपनी के बड़े शेयरधारकों पर लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने की पाबंदी (लॉक-अप) भी लागू होगी।
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