अक्टूबर 27, 2026
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Microsoft Exit Offer: 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत भी शामिल

Microsoft campus in Hyderabad, March 2008 (file photo)

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से के सामने खुद नौकरी छोड़ने का विकल्प रखा है। कंपनी ने सोमवार, 26 अक्टूबर को भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा की चुनिंदा टीमों के लिए ‘वॉलंटरी एग्जिट ऑफर’ (VEO) का ऐलान किया। माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रवक्ता ने बिजनेस इनसाइडर और अमेरिकी टेक पोर्टल GeekWire को बताया कि करीब 60,000 कर्मचारी इस ऑफर के पात्र हैं। CNBC के मुताबिक यह कंपनी के कुल 2.23 लाख कर्मचारियों का करीब 27% है।

हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट कैंपस की इमारत, सामने पेड़ और सड़क
हैदराबाद स्थित माइक्रोसॉफ्ट कैंपस (फाइल फोटो, 2008)। फोटो: Cephas 405 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

यह ऑफर ऐसे वक्त आया है, जब माइक्रोसॉफ्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए डेटा सेंटरों पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है और वॉल स्ट्रीट उस पर बाकी खर्च काबू में रखने का दबाव बना रहा है।

कंपनी ने ईमेल में क्या कहा

माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में लिखा कि यह ऑफर उन पात्र कर्मचारियों को “अभी सपोर्ट के साथ यह बदलाव करने का नया विकल्प” देता है, जो कंपनी से बाहर अपना भविष्य देख रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कंपनी के विभागों को भी “बदलती जरूरतों के हिसाब से अपनी वर्कफोर्स ढालने का एक और तरीका” मिलता है। यह संदेश कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग पर भी जारी किया गया।

कोलमैन के मुताबिक यह समय-सीमा वाला और पूरी तरह स्वैच्छिक प्रोग्राम है, जो इन चार देशों में भाग लेने वाली टीमों के लेवल 70 तक के कर्मचारियों के लिए है। लेवल 70 माइक्रोसॉफ्ट के अंदरूनी ग्रेड सिस्टम का ऊंचा स्तर है। GeekWire के मुताबिक इसमें जनरल मैनेजर और वाइस प्रेसिडेंट टाइटल वाले कुछ अधिकारी भी आते हैं, लेकिन कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट नहीं। हर विभाग खुद तय कर रहा है कि वह इसमें शामिल होगा या नहीं। GeekWire के मुताबिक कंपनी का सेल्स संगठन, कुछ इंजीनियरिंग ग्रुप और कुछ कॉरपोरेट विभाग इसमें शामिल नहीं हैं। पात्र कर्मचारियों को उनके ऑफर की पूरी जानकारी ईमेल पर भेजी गई है।

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भारत के कर्मचारियों के लिए क्या मायने

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23,000 कर्मचारी हैं, लेकिन अभी साफ नहीं है कि इनमें से कितने इस ऑफर के दायरे में आते हैं। कंपनी के हैदराबाद, बेंगलुरु और नोएडा समेत कई शहरों में दफ्तर हैं, पर किस शहर या टीम के कितने लोग पात्र हैं, यह माइक्रोसॉफ्ट ने नहीं बताया है। PTI के मुताबिक भारत में पात्र कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक तय करना है कि वे ऑफर लेंगे या नहीं।

PTI के अनुसार भारत में पैकेज स्टैंडर्ड सेवरेंस जैसा बताया जा रहा है। इसमें सेवा के हर पूरे साल के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन सर्विस शामिल होने की बात कही गई है। यानी 8 साल की नौकरी पूरी कर चुके पात्र कर्मचारी को इस हिसाब से करीब 8 महीने की बेसिक सैलरी मिल सकती है। हालांकि हर ऑफर लेवल, लोकेशन और सेवा अवधि के हिसाब से अलग है, इसलिए असली रकम हर कर्मचारी के ईमेल में दी गई शर्तों पर ही निर्भर करेगी।

छंटनी की आशंका के बीच कंपनी ने भारत को लेकर भरोसा दिलाने की कोशिश भी की। PTI के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत के टैलेंट और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में निवेश जारी रखे हुए है और 2025 से 2029 के बीच क्लाउड, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और ऑपरेशंस पर 20.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता पर कायम है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कंपनी 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को AI स्किल देने के लक्ष्य की राह पर है।

अमेरिका में पैकेज कितना और शर्तें क्या

बिजनेस इनसाइडर ने अमेरिका के कुछ ऑफर लेटर देखे हैं। उसके मुताबिक लेवल 64 और उससे नीचे के कर्मचारियों को हर छह महीने की सेवा पर एक हफ्ते की बेसिक सैलरी और लेवल 65 से 67 तक के कर्मचारियों को हर छह महीने पर दो हफ्ते की बेसिक सैलरी का ऑफर दिया गया है। GeekWire के मुताबिक कंपनी ने बताया कि पैकेज उसके स्टैंडर्ड सेवरेंस के बराबर है, जिसमें स्टॉक की वेस्टिंग जारी रहेगी और तय अवधि तक हेल्थकेयर कवरेज मिलेगा।

अमेरिका के रेडमंड में माइक्रोसॉफ्ट मुख्यालय की बिल्डिंग 92 के सामने माइक्रोसॉफ्ट का लोगो
रेडमंड (अमेरिका) स्थित माइक्रोसॉफ्ट मुख्यालय की बिल्डिंग 92 (फाइल फोटो, 2016)। फोटो: Coolcaesar / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

इस ऑफर के लिए उम्र या सेवा अवधि की कोई शर्त नहीं है और कंपनी के मुताबिक परफॉर्मेंस भी इसका आधार नहीं है। CNBC ने मामले से जुड़े एक व्यक्ति के हवाले से बताया कि कर्मचारियों को दिसंबर की शुरुआत तक फैसला करना होगा और ऑफर लेने वाले 31 दिसंबर को कंपनी छोड़ देंगे। उसी व्यक्ति के मुताबिक इस बार कंपनी ने कोई लक्ष्य तय नहीं किया है कि कितने लोग ऑफर लें।

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AI पर रिकॉर्ड खर्च और छंटनी का सिलसिला

CNBC के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट OpenAI, Anthropic और कई दूसरी कंपनियों को क्लाउड सेवाएं देने के लिए तेजी से डेटा सेंटर बना रही है। कंपनी ने जुलाई में कहा था कि सितंबर तिमाही में उसका पूंजीगत खर्च 50 अरब डॉलर से ज्यादा रहेगा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 34.9 अरब डॉलर था। CNBC ने लिखा है कि कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

इस साल यह माइक्रोसॉफ्ट का दूसरा ऐसा प्रोग्राम है। अप्रैल में कंपनी ने अपने इतिहास का पहला वॉलंटरी रिटायरमेंट प्रोग्राम शुरू किया था, जो सिर्फ अमेरिका के करीब 8,750 लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए था। GeekWire के मुताबिक इनमें से करीब 30% ने वह ऑफर लिया था। इसके बाद जुलाई में कंपनी ने 4,800 नौकरियों में कटौती का ऐलान किया और सितंबर में भी सैकड़ों लोगों की छंटनी हुई। 2025 में कंपनी 15,000 से ज्यादा नौकरियां घटा चुकी थी।

माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह ऑफर इस बात का संकेत नहीं है कि उसे कम कर्मचारियों की जरूरत है और यह छंटनी की जगह भी नहीं लेगा। GeekWire के मुताबिक कंपनी को उम्मीद है कि इस बार रिटायरमेंट प्रोग्राम के मुकाबले काफी कम लोग ऑफर स्वीकार करेंगे। माइक्रोसॉफ्ट बुधवार (अमेरिकी समय) को अपने तिमाही नतीजे जारी करेगी, जिनमें इस ऑफर की लागत का अंदाजा भी सामने आ सकता है। अप्रैल में रिटायरमेंट प्रोग्राम के लिए कंपनी ने 90 करोड़ डॉलर का खर्च दिखाया था।

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