UP MLC Election: 11 सीटों पर गिनती शुरू, 152 उम्मीदवार; नतीजे कब तक?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे शुरू हो गई। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक इन सीटों पर कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा के अनुसार गिनती लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में बनाए गए केंद्रों पर संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर की देखरेख में हो रही है।

सुबह करीब 9 बजे तक किसी भी सीट का आधिकारिक नतीजा घोषित नहीं हुआ था। लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक 8 बजते ही स्ट्रांग रूम से मतपेटियां निकाली गईं, सील जांचने के बाद उन्हें खोला गया और मतपत्रों के बंडल बनाने का काम शुरू हुआ।
कौन-सी 11 सीटें, किसका कार्यकाल खत्म
चुनाव आयोग के प्रेस नोट के मुताबिक जिन स्नातक सीटों पर चुनाव हुआ, वे लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड की हैं। शिक्षक सीटें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड की हैं। इन सभी सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म हो रहा है। आयोग ने 23 अक्टूबर को मतदान कराया था और पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर से पहले पूरी होनी है।
PTI के मुताबिक इन चुनावों में कुल 14,81,310 पंजीकृत मतदाता थे और 72 जिलों में 2,697 मतदान केंद्र बनाए गए थे। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव इस चुनाव के दायरे से बाहर रहे। इन सीटों पर आम मतदाता नहीं, बल्कि संबंधित खंड के पंजीकृत स्नातक और शिक्षक ही वोट डालते हैं।
यह भी पढ़ें: Election Affidavit: उम्मीदवार ने दी झूठी जानकारी तो अब वोटर भी कर सकेगा केस
किस शहर में कहां हो रही गिनती
CEO कार्यालय की जानकारी के मुताबिक लखनऊ खंड की स्नातक और शिक्षक सीटों की गिनती रमाबाई रैली स्थल के हॉल नंबर 7 और 8 में हो रही है। वाराणसी में यह काम स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन और आगरा में टूंडला रोड स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति में चल रहा है। मेरठ की दोनों सीटों की गिनती मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के गांधी हॉल में हो रही है।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट के वोट झांसी के बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज के कोठारी हॉल में, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट के वोट बरेली के संजय कम्युनिटी हॉल में और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट के वोट दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कॉमर्स बिल्डिंग में गिने जा रहे हैं। CEO ने सभी केंद्रों पर CCTV निगरानी और वीडियोग्राफी अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। वाराणसी में DIG (कानून-व्यवस्था) शिव हरि मीणा ने मतगणना स्थल पर पहुंचकर बताया कि ड्रोन और CCTV से नजर रखी जा रही है।
नतीजे आने में वक्त क्यों लगेगा
विधान परिषद के ये चुनाव मतपत्र से होते हैं और मतदाता उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में वरीयता देते हैं। ETV भारत और लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक पहले सभी मतपत्रों की 100-100 की गड्डियां बनती हैं, फिर प्रथम वरीयता के वोट गिने जाते हैं। अगर किसी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी कोटा नहीं मिलता, तो दूसरी और आगे की वरीयताओं की गिनती होती है।
लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक एक चक्र की गिनती में करीब दो से ढाई घंटे लग सकते हैं। ABP लाइव ने शाम तक नतीजे आने की उम्मीद जताई है, जबकि ETV भारत के मुताबिक बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट का परिणाम मंगलवार देर शाम तक आ सकता है। जिन सीटों पर वरीयता वाली गिनती लंबी चलेगी, वहां नतीजे और देर से आ सकते हैं। अंतिम परिणाम रिटर्निंग ऑफिसर की घोषणा से ही तय होंगे।
यह भी पढ़ें: UP Farmers Relief: 9.18 लाख किसानों के खाते में पहुंचे ₹493 करोड़; मकान टूटा या जान गई तो कितनी मदद, जानें पूरा हिसाब
गिनती से पहले क्या-क्या हुआ
मतगणना से एक दिन पहले, सोमवार को आगरा शिक्षक खंड के तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा वोट डाले गए। CEO नवदीप रिणवा के मुताबिक इन तीनों केंद्रों पर कुल 57.16% मतदान हुआ। PTI के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर की सिफारिश पर यह पुनर्मतदान कराया गया था और 23 अक्टूबर को इन केंद्रों पर पड़े वोट जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 58A(2)(a) के तहत शून्य घोषित किए गए थे। लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक आयोग ने आगरा शिक्षक खंड में मतदान के दौरान लापरवाही के दोषी पाए गए 6 अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश भी दिए हैं।
लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सोमवार के आदेश से गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट के प्रेक्षक IAS अभय सिंह की जगह IAS प्रकाश बिंदु को तैनात किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक यह बदलाव भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह के पत्र के बाद हुआ। उधर, PTI के मुताबिक समाजवादी पार्टी ने CEO को ज्ञापन देकर मांग की कि मतगणना में आउटसोर्स कर्मचारी न लगाए जाएं और हर चक्र का नतीजा घोषित होने के बाद ही अगला चक्र शुरू हो।
PTI के मुताबिक मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच माना जा रहा है, जबकि कई सीटों पर निर्दलीय और बागी उम्मीदवार भी मैदान में हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल इन नतीजों पर नजर रखे हुए हैं, हालांकि इन सीटों पर सिर्फ पंजीकृत स्नातक और शिक्षक ही वोट डालते हैं। आधिकारिक नतीजे आते ही यह खबर अपडेट की जाएगी।
यह भी पढ़ें: Ayodhya Seat: योगी बोले- अखिलेश भी नामांकन करें, आमने-सामने हो मुकाबला; सपा का पलटवार






