Pushya Nakshatra 2026 Kab Hai: 1 नवंबर को रवि पुष्य, सोना खरीदने का मुहूर्त

Pushya Nakshatra 2026 Kab Hai: दिवाली से पहले सोना, चांदी, गाड़ी या घर खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए सबसे अहम तारीख इस बार रविवार, 1 नवंबर 2026 है। द्रिक पंचांग के मुताबिक पुष्य नक्षत्र 1 नवंबर को सुबह 5:39 बजे शुरू होगा और 2 नवंबर को तड़के 4:30 बजे तक रहेगा। रविवार को पड़ने की वजह से इस दिन रवि पुष्य योग बन रहा है, जो दिल्ली में सूर्योदय यानी सुबह 6:33 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर तड़के 4:30 बजे तक रहेगा।

पंचांग में इसी अवधि में सर्वार्थ सिद्धि योग भी दर्ज है। धनतेरस (6 नवंबर) से पांच दिन पहले आ रहा यह दिवाली से पहले का आखिरी पुष्य नक्षत्र है। अक्टूबर में 4-5 तारीख को पुष्य नक्षत्र आया जरूर था, लेकिन वह पितृ पक्ष में था, जब बहुत से परिवार नई खरीदारी टाल देते हैं। अगला पुष्य नक्षत्र 28-29 नवंबर को आएगा, यानी दिवाली बीत जाने के बाद।
पुष्य नक्षत्र को इतना शुभ क्यों माना जाता है?
ज्योतिष की परंपरा में 27 नक्षत्रों में पुष्य को सबसे शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है और कई लोग इसे नक्षत्रों का राजा भी कहते हैं। मान्यता है कि इस नक्षत्र में खरीदी गई चीज लंबे समय तक टिकती है और घर में बरकत लाती है। जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार को पड़ता है तो उसे गुरु पुष्य योग कहा जाता है और रविवार को पड़ने पर रवि पुष्य योग। दोनों को खरीदारी और नए काम की शुरुआत के लिए खास माना जाता है।
इसी वजह से दिवाली से पहले के पुष्य नक्षत्र पर सराफा बाजारों और ऑटो शोरूम में भीड़ बढ़ जाती है। बहुत से लोग इस दिन गहने या गाड़ी की बुकिंग करते हैं और डिलीवरी धनतेरस पर लेते हैं।
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दिल्ली में खरीदारी का शुभ समय (1 नवंबर)
पुष्य नक्षत्र पूरे दिन रहेगा, फिर भी खरीदारी के लिए लोग अक्सर चौघड़िया देखकर समय तय करते हैं। चौघड़िया में अमृत, शुभ, लाभ और चर को अच्छा माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में 1 नवंबर को ये समय रहेंगे:
- सुबह: 7:56 से 12:04 बजे तक (चर, लाभ और अमृत चौघड़िया)
- दोपहर: 1:27 से 2:50 बजे तक (शुभ चौघड़िया)
- शाम-रात: 5:36 से 10:28 बजे तक (शुभ, अमृत और चर चौघड़िया)
- देर रात: 1:42 से 3:19 बजे तक, 2 नवंबर (लाभ चौघड़िया)
- अभिजीत मुहूर्त: 11:42 से 12:27 बजे तक
- राहुकाल (इससे बचें): शाम 4:13 से 5:36 बजे तक
आपके शहर में शुभ चौघड़िया और राहुकाल
पुष्य नक्षत्र के शुरू और खत्म होने का समय पूरे देश में एक ही है, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त हर शहर में अलग होते हैं। इसलिए रवि पुष्य योग की शुरुआत, चौघड़िया और राहुकाल भी शहर के हिसाब से बदल जाते हैं। नीचे का समय द्रिक पंचांग के शहरवार आंकड़ों पर आधारित है। रवि पुष्य योग हर शहर में सूर्योदय से शुरू होकर 2 नवंबर तड़के 4:30 बजे तक रहेगा।
| शहर | सूर्योदय (रवि पुष्य शुरू) | सुबह का शुभ समय | दोपहर (शुभ) | शाम-रात का शुभ समय | राहुकाल |
|---|---|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | 6:33 | 7:56 से 12:04 | 1:27 से 2:50 | 5:36 से 10:28 | 4:13 से 5:36 |
| चंडीगढ़ | 6:37 | 8:00 से 12:06 | 1:28 से 2:51 | 5:35 से 10:29 | 4:13 से 5:35 |
| जयपुर | 6:36 | 8:00 से 12:10 | 1:34 से 2:57 | 5:44 से 10:34 | 4:21 से 5:44 |
| लखनऊ | 6:16 | 7:39 से 11:50 | 1:13 से 2:37 | 5:24 से 10:13 | 4:00 से 5:24 |
| वाराणसी | 6:06 | 7:29 से 11:41 | 1:05 से 2:29 | 5:17 से 10:06 | 3:53 से 5:17 |
| पटना | 5:57 | 7:21 से 11:33 | 12:57 से 2:21 | 5:08 से 9:57 | 3:44 से 5:08 |
| रांची | 5:54 | 7:18 से 11:32 | 12:57 से 2:21 | 5:10 से 9:57 | 3:46 से 5:10 |
| कोलकाता | 5:41 | 7:06 से 11:20 | 12:45 से 2:10 | 4:59 से 9:45 | 3:34 से 4:59 |
| भोपाल | 6:25 | 7:50 से 12:04 | 1:28 से 2:53 | 5:42 से 10:29 | 4:18 से 5:42 |
| इंदौर | 6:31 | 7:56 से 12:10 | 1:35 से 3:00 | 5:49 से 10:35 | 4:24 से 5:49 |
| अहमदाबाद | 6:44 | 8:09 से 12:23 | 1:48 से 3:12 | 6:02 से 10:48 | 4:37 से 6:02 |
| मुंबई | 6:39 | 8:04 से 12:22 | 1:48 से 3:13 | 6:05 से 10:48 | 4:39 से 6:05 |
| हैदराबाद | 6:15 | 7:41 से 12:00 | 1:26 से 2:52 | 5:45 से 10:26 | 4:18 से 5:45 |
| बेंगलुरु | 6:13 | 7:41 से 12:03 | 1:31 से 2:58 | 5:53 से 10:31 | 4:26 से 5:53 |
| चेन्नई | 6:03 | 7:30 से 11:52 | 1:20 से 2:47 | 5:42 से 10:20 | 4:15 से 5:42 |
जिनका शहर सूची में नहीं है, वे पास के बड़े शहर का समय देख सकते हैं या स्थानीय पंचांग से मिलान कर लें। अलग-अलग पंचांगों में समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
इस दिन क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
परंपरा के मुताबिक पुष्य नक्षत्र पर सोना और चांदी खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा लोग इस दिन गाड़ी, घर या जमीन की बुकिंग, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और व्यापारी नए बहीखाते की खरीद भी करते हैं। एक बात का ध्यान रखें कि ज्योतिष परंपरा में पुष्य नक्षत्र को विवाह के मुहूर्त में नहीं लिया जाता, यानी यह खरीदारी का नक्षत्र है, शादी का नहीं।

सोने के गहने खरीदते समय मुहूर्त के साथ शुद्धता भी जांच लें। BIS के नियमों के तहत हॉलमार्क वाले हर गहने पर 6 अंकों का HUID कोड होता है, जिसे BIS Care ऐप में डालकर गहने की जानकारी मिलाई जा सकती है। बिल जरूर लें और उसमें कैरेट, वजन और मेकिंग चार्ज अलग-अलग लिखा हो, यह भी देख लें।
उसी दिन अहोई अष्टमी, फिर धनतेरस और दिवाली
1 नवंबर का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन अहोई अष्टमी का व्रत भी है। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 1 नवंबर को दोपहर 2:51 बजे शुरू होगी, यानी सुबह की खरीदारी सप्तमी तिथि में और शाम की पूजा अष्टमी में होगी।
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इसके बाद त्योहारों की कतार लग जाएगी। 5 नवंबर को रमा एकादशी, 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर, रविवार को दिवाली है। जो लोग पुष्य नक्षत्र पर बुकिंग कर रहे हैं, वे अक्सर धनतेरस पर डिलीवरी लेना पसंद करते हैं, इसलिए दुकानदार से तारीख पहले ही पक्की कर लें।
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नवंबर में त्योहारों की वजह से कई राज्यों में बैंक अलग-अलग दिन बंद रहेंगे। कैश या ड्राफ्ट से जुड़ा कोई काम है तो छुट्टियों की सूची देखकर ही योजना बनाएं।
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