Nandini Milk Price Hike: कर्नाटक में दूध ₹8 महंगा, 1 नवंबर से नया रेट

Nandini Milk Price Hike: कर्नाटक में दूध खरीदने वालों की जेब पर 1 नवंबर से बड़ा असर पड़ने वाला है। राज्य कैबिनेट ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को नंदिनी दूध के दाम ₹8 प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया। नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी। सबसे ज्यादा बिकने वाला टोन्ड दूध का नीला पैकेट अब ₹46 की जगह ₹54 प्रति लीटर में मिलेगा।

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने पत्रकारों को बताया कि बढ़ाए गए ₹8 में से ₹7 सीधे दूध उत्पादक किसानों को मिलेंगे और ₹1 दुग्ध सहकारी संघों के पास जाएगा। नंदिनी ब्रांड कर्नाटक को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन (KMF) का है, जो राज्य में दूध का सबसे बड़ा सप्लायर है।
किस पैकेट का कितना हुआ दाम?
टोन्ड दूध का ₹46 से ₹54 होना कई रिपोर्ट्स और मंत्री के बयान से साफ है। TV9 कन्नड़ की रिपोर्ट के मुताबिक बाकी पैकेटों पर भी इसी तरह ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी होगी:
| दूध (1 लीटर) | अभी | 1 नवंबर से |
|---|---|---|
| टोन्ड दूध (नीला पैकेट) | ₹46 | ₹54 |
| होमोजिनाइज्ड टोन्ड दूध | ₹47 | ₹55 |
| होमोजिनाइज्ड गाय का दूध | ₹50 | ₹58 |
| शुभम दूध | ₹52 | ₹60 |
| स्पेशल दूध | ₹52 | ₹60 |
| डबल टोन्ड दूध | ₹43 | ₹51 |
आधा लीटर के पैकेट, दही और दूसरे उत्पादों की नई दरें KMF की आधिकारिक रेट लिस्ट से तय होंगी, इसलिए खरीदारी से पहले अपने मिल्क बूथ पर नया रेट जरूर देख लें। अगर कोई परिवार रोज एक लीटर टोन्ड दूध लेता है, तो उसका महीने का खर्च करीब ₹240 बढ़ जाएगा।
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किसानों ने मांगे थे ₹10, मिले ₹7
मंत्री के मुताबिक दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों ने कम से कम ₹10 प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की थी। गौड़ा ने कहा, “किसानों ने ₹10 प्रति लीटर बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन लगा कि इतनी बढ़ोतरी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट में चर्चा के बाद ₹8 प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला हुआ, जिसमें से ₹7 किसानों को और ₹1 दुग्ध सहकारी संघों को जाएगा।” उन्होंने बताया कि फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।
अभी किसानों को एक लीटर दूध के करीब ₹35 मिलते हैं, साथ में राज्य सरकार ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देती है। नई दर लागू होने के बाद खरीद मूल्य ₹42 हो जाएगा और प्रोत्साहन राशि मिलाकर किसान को ₹47 प्रति लीटर मिलेंगे। गौड़ा ने कहा कि इससे लाखों किसान परिवारों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सूखे के हालात में यह फैसला किसानों के काम आएगा।
मंत्री ने बताया कि दूध उत्पादक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे, विधान परिषद में सभी दलों के सदस्यों ने किसानों की मदद की मांग उठाई थी और सहकारी संघ भी दाम बढ़ाने का दबाव बना रहे थे। यह मुद्दा पिछली दो-तीन कैबिनेट बैठकों में भी उठा था।

फैसला 6 अक्टूबर को ही हो चुका था
दाम बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने 6 अक्टूबर को ही मंजूरी दे दी थी, लेकिन विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लागू होने की वजह से इसका ऐलान रोक दिया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की तब की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती प्रस्ताव में ₹8 में से ₹6 किसानों को और ₹2 दुग्ध संघों को देने की बात थी। अंतिम फैसले में किसानों का हिस्सा बढ़ाकर ₹7 कर दिया गया।
दुग्ध संघों की दलील थी कि चारा, दवाइयों, ट्रांसपोर्ट और प्लास्टिक पैकेजिंग का खर्च बढ़ गया है और कर्नाटक में किसानों को पड़ोसी राज्यों से कम दाम मिलता है। संघों के आंकड़ों के मुताबिक टोन्ड दूध की खरीद कर्नाटक में ₹35 प्रति लीटर पर होती है, जबकि महाराष्ट्र में ₹41, आंध्र प्रदेश में ₹41.5, केरल में ₹41.8 और तमिलनाडु में ₹42.2 प्रति लीटर पर।
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4 साल में पांचवीं बार बढ़े दाम
नवंबर 2022 के बाद नंदिनी दूध के दाम में यह पांचवीं बढ़ोतरी है और अब तक की इन बढ़ोतरियों में सबसे बड़ी भी:
- नवंबर 2022: ₹3 प्रति लीटर
- जुलाई 2023: ₹3 प्रति लीटर
- जून 2024: ₹2 प्रति लीटर, साथ में हर लीटर पर 50 ml दूध ज्यादा (यह सुविधा बाद में वापस ले ली गई)
- मार्च 2025: ₹4 प्रति लीटर
- नवंबर 2026: ₹8 प्रति लीटर
इस साल अमूल और मदर डेयरी ने भी बढ़ती लागत और महंगाई का हवाला देकर 14 मई से दूध ₹2 प्रति लीटर महंगा किया था। TV9 कन्नड़ की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार की कैबिनेट बैठक में बस किराया बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, लेकिन इस पर फैसला परिवहन विभाग पर छोड़ दिया गया है।
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दिवाली से ठीक पहले आई इस बढ़ोतरी का असर मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की खरीद पर भी दिख सकता है, क्योंकि त्योहारों में दूध, खोया और पनीर की मांग सबसे ज्यादा रहती है।
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