अक्टूबर 27, 2026
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Australia Visa: भारतीयों से अब फिंगरप्रिंट, ईमेल से पहले न करें बुकिंग

VFS Global office, Mumbai

Australia Visa: ऑस्ट्रेलिया घूमने, पढ़ने या काम के लिए जाने की तैयारी कर रहे भारतीयों के लिए वीजा प्रक्रिया में एक नया कदम जुड़ गया है। 26 अक्टूबर 2026 से भारत में ऑस्ट्रेलियाई वीजा के लिए आवेदन करने वालों से फिंगरप्रिंट और चेहरे की फोटो यानी बायोमेट्रिक्स मांगे जा सकते हैं। नई दिल्ली स्थित ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने अपने बयान में यह जानकारी दी है।

मुंबई में VFS Global की इमारत, जिस पर कंपनी का बोर्ड और हरी बेलें लगी हैं
मुंबई में VFS Global का दफ्तर (फाइल फोटो, 2022)। भारत में ऑस्ट्रेलिया के 16 बायोमेट्रिक्स कलेक्शन सेंटर VFS Global चलाती है। फोटो: Suyash Dwivedi / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

उच्चायोग के मुताबिक यह नियम सिर्फ उन नए आवेदनों पर लागू होगा जो 26 अक्टूबर या उसके बाद दाखिल किए गए हैं। जिन लोगों का आवेदन इससे पहले जमा हो चुका है या जिन्हें वीजा मिल चुका है, उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी अगर आपने पिछले हफ्ते आवेदन किया था, तो आपको कुछ नया करने की जरूरत नहीं है।

हर आवेदक को नहीं, पर ईमेल पर रखें नजर

सबसे अहम बात यह है कि हर आवेदक से बायोमेट्रिक्स नहीं मांगे जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया का गृह विभाग (Department of Home Affairs), जो वहां की वीजा प्रक्रिया संभालता है, खुद बताएगा कि किस आवेदक को यह प्रक्रिया पूरी करनी है और कैसे। उच्चायोग के बयान के मुताबिक आम तौर पर यह सूचना आवेदक या उसके अधिकृत एजेंट को ईमेल से भेजी जाएगी।

उच्चायोग ने साफ कहा है कि आवेदक आधिकारिक बायोमेट्रिक्स रिक्वायरमेंट लेटर मिलने तक न तो अपॉइंटमेंट बुक करें और न ही ऐप पर बायोमेट्रिक्स देने की कोशिश करें। जिन लोगों का आवेदन किसी एजेंट के जरिए गया है, उन्हें एजेंट से भी इस ईमेल के बारे में पूछते रहना चाहिए।

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VFS सेंटर जाना होगा या ऐप से हो जाएगा काम

आवेदक की स्थिति के हिसाब से उसे दो में से एक रास्ता बताया जाएगा। पहला, देशभर में बने 16 ऑस्ट्रेलियन बायोमेट्रिक्स कलेक्शन सेंटर (ABCC) में से किसी एक पर खुद जाकर फिंगरप्रिंट और फोटो देना। ये सेंटर VFS Global चलाती है। दूसरा, कुछ योग्य आवेदक Australian Immi App के जरिए डिजिटल तरीके से बायोमेट्रिक्स दे सकेंगे।

नई दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग पर VFS Global की कांच वाली बहुमंजिला इमारत और सामने पेड़
नई दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग पर VFS Global की इमारत (फाइल फोटो, फरवरी 2026)। फोटो: Ravi Dwivedi / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

उच्चायोग के मुताबिक जिन आवेदकों ने पहले कभी किसी ABCC पर बायोमेट्रिक्स दिए हैं और जिनके पास वैध पासपोर्ट है, उन्हें Australian Immi App से बिना किसी शुल्क के बायोमेट्रिक्स देने का विकल्प मिल सकता है। सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक्स देने पर कोई शुल्क लगेगा या नहीं, इस बारे में उच्चायोग के बयान में कुछ नहीं कहा गया है।

आवेदकों के लिए एक और जरूरी चेतावनी है। उच्चायोग ने कहा है कि किसी सर्विस प्रोवाइडर से वैकल्पिक या अतिरिक्त सेवाएं खरीदने से न तो वीजा प्रोसेसिंग जल्दी होगी और न ही वीजा के फैसले पर कोई असर पड़ेगा। यानी ‘जल्दी वीजा दिलाने’ के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगने वालों से सावधान रहना जरूरी है।

क्या इससे वीजा मिलने में देरी होगी

ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि बायोमेट्रिक्स की वजह से वीजा प्रोसेसिंग में लगने वाले समय पर बुरा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, बशर्ते आवेदक सूचना मिलने के बाद यह प्रक्रिया तुरंत पूरी कर लें। यानी ईमेल आने के बाद देर करना ही असली जोखिम है।

फिंगरप्रिंट और चेहरे जैसी निजी जानकारी की सुरक्षा पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उच्चायोग के मुताबिक बायोमेट्रिक जानकारी ऑस्ट्रेलियाई कानून और लागू स्थानीय कानूनों के तहत ली, रखी और संभाली जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक बयान में कहा गया है कि निजी जानकारी एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए प्रोसेस और ट्रांसमिट की जाएगी।

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ऑस्ट्रेलिया ने यह कदम क्यों उठाया

ऑस्ट्रेलियाई सरकार के मुताबिक बायोमेट्रिक्स से किसी व्यक्ति की पहचान भरोसेमंद तरीके से पक्की होती है। इससे असली आवेदकों की पहचान के दुरुपयोग को रोकने, धोखाधड़ी घटाने और प्रवासन व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। उच्चायोग के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया करीब 60 देशों में वीजा आवेदकों से बायोमेट्रिक्स लेता है और भारत को इस व्यवस्था में शामिल करना स्थापित अंतरराष्ट्रीय चलन के अनुरूप है।

शाम के समय सिडनी का ओपेरा हाउस और हार्बर ब्रिज, पानी में रोशनी की झलक
सिडनी ओपेरा हाउस और हार्बर ब्रिज (प्रतीकात्मक/फाइल फोटो)। फोटो: Benh LIEU SONG / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

उच्चायोग ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और भारत के लोगों के बीच रिश्ते पहले कभी इतने मजबूत नहीं रहे।” उसका कहना है कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय ऑस्ट्रेलिया घूमने, पढ़ने और काम करने जा रहे हैं, इसलिए वीजा प्रक्रिया को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाए रखना जरूरी है।

भारतीयों के लिए यह बदलाव इसलिए भी बड़ा है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय वहां का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता प्रवासी समुदाय है। IANS ने ऑस्ट्रेलिया स्थित भारतीय उच्चायोग के हवाले से बताया है कि 2021 की जनगणना में करीब 9.76 लाख लोगों ने भारतीय मूल बताया था, जबकि सितंबर 2023 में वहां 1,22,391 भारतीय छात्र थे, जो विदेशी छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा समूह है।

जो लोग आने वाले महीनों में ऑस्ट्रेलिया के लिए आवेदन करने वाले हैं, उनके लिए सीधी सलाह यही है: आवेदन के बाद अपना ईमेल और स्पैम फोल्डर देखते रहें, आधिकारिक लेटर मिलने पर ही VFS अपॉइंटमेंट बुक करें या Immi App इस्तेमाल करें, और सिर्फ आधिकारिक वेबसाइटों पर भरोसा करें। उच्चायोग की वीजा और नागरिकता हेल्पलाइन +61 2 6196 0196 है, जो ऑस्ट्रेलियाई समय के मुताबिक सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक चलती है।

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