Trump Brazil Election: ट्रंप बोले ‘रिग्ड’, बोलसोनारो की पार्टी ने मानी हार

Trump Brazil Election: ब्राजील में लूला दा सिल्वा की जीत पर अब अमेरिका से सवाल उठा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव उन्हें “एक और रिग्ड चुनाव” जैसा लगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। दिलचस्प यह रहा कि इसके कुछ ही देर बाद हारे हुए उम्मीदवार फ्लावियो बोलसोनारो की लिबरल पार्टी (PL) ने चुनाव नतीजों को मान्यता दे दी।

रविवार को हुए दूसरे दौर (रनऑफ) में लूला ने करीब 51.8% वोट के साथ फ्लावियो बोलसोनारो को 40 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था और चौथी बार राष्ट्रपति चुने गए थे। BBC के मुताबिक यह ब्राजील के इतिहास में किसी राष्ट्रपति उम्मीदवार को मिले अब तक के सबसे ज्यादा वोट हैं। नतीजों के बाद फ्लावियो ने हार मानने से इनकार करते हुए चुनाव रद्द कराने की मांग का एलान किया था।
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ट्रंप ने ठीक-ठीक क्या कहा
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “मैंने किसी का पक्ष नहीं लिया, लेकिन यह एक और रिग्ड चुनाव जैसा लगा। मुझे यह बहुत बुरा लगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि जिस तरह गिनती हुई, उसका बहुत बुरा असर दिखा। जो समय-सीमा बढ़ाई गई, वह बहुत अजीब थी।” समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक ट्रंप ने यह भी कहा कि चुनाव “निर्विवाद” होने चाहिए और यह पूरी दुनिया के लिए “बहुत बुरी तस्वीर” है।
लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वे इस नतीजे पर कोई कदम उठाएंगे, तो ट्रंप पीछे हट गए। उन्होंने कहा, “मैं ब्राजील नहीं चला रहा, मैं अमेरिका चला रहा हूं।” साथ ही जोड़ा, “मुझे लूला पसंद हैं, उनके साथ मेरी बहुत अच्छी बनती है।” ट्रंप ने चुनाव से पहले किसी उम्मीदवार का खुला समर्थन नहीं किया था, हालांकि बोलसोनारो परिवार को उनका करीबी सहयोगी माना जाता है। रॉयटर्स ने पहले अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने बोलसोनारो परिवार को सत्ता में लौटाने के लिए अभियान चलाया था।

जिस ‘दो घंटे’ पर सवाल, उनमें कितने वोट पड़े
ट्रंप और फ्लावियो दोनों की आपत्ति उसी फैसले पर है, जिसमें ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने मतदान का समय दो घंटे बढ़ाया था। AFP के मुताबिक यह विस्तार लूला खेमे के अनुरोध पर दिया गया था, जिसने कुछ शहरों में परिवहन की दिक्कतों की शिकायत की थी। ब्राजीली मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक फ्लावियो की टीम ने भी बारिश का हवाला देकर कुछ इलाकों में समय बढ़ाने की मांग की थी।
असल सवाल यह है कि इन दो घंटों से नतीजे पर कितना फर्क पड़ सकता था। रॉयटर्स के मुताबिक ब्राजील के Insper संस्थान के प्रोफेसर पेड्रो बर्गोस के चुनावी रिकॉर्ड के विश्लेषण में सामने आया कि अतिरिक्त समय में 35,000 से भी कम वोट डाले गए, जो कुल वोटों का करीब 0.03% है। जबकि जीत का अंतर 40 लाख वोटों से ज्यादा का है।
ब्राजील के उपराष्ट्रपति जेराल्डो आल्कमिन ने टीवी चैनल Rede Vanguarda को दिए इंटरव्यू में ट्रंप की टिप्पणी को “पूरी तरह गलत” और “बेबुनियाद” बताया। गौरतलब है कि ट्रंप ने 2020 में अपनी हार को भी कभी नहीं माना था और जायर बोलसोनारो ने भी 2022 की हार स्वीकार नहीं की थी। जायर बोलसोनारो को बाद में तख्तापलट की साजिश के मामले में 27 साल की सजा सुनाई गई।
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बोलसोनारो खेमे ने कैसे बदला सुर
सोमवार को ही फ्लावियो बोलसोनारो की लिबरल पार्टी ने अपने अध्यक्ष वाल्देमार कोस्टा नेटो के हस्ताक्षर वाला बयान जारी किया। इसमें कहा गया, “हम राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को मान्यता देते हैं। लेकिन हमारा मानना है कि जो मुद्दे उठाए गए हैं, उन्हें ठीक से स्पष्ट किया जाना चाहिए।”
अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने इसे फ्लावियो की ओर से “प्रभावी रूप से हार स्वीकार करना” बताया और लिखा कि यह ट्रंप के इस संकेत के कुछ ही मिनट बाद हुआ कि वे फ्लावियो के पक्ष में दखल नहीं देंगे। हालांकि रॉयटर्स के मुताबिक पार्टी के बयान के बाद फ्लावियो ने खुद सार्वजनिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
बाजार में भूचाल, संसद में कड़ी चुनौती
लूला की जीत से निवेशक खुश नहीं दिखे, जो बोलसोनारो की जीत पर दांव लगाए बैठे थे। रॉयटर्स के मुताबिक सोमवार को ब्राजील की मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले 8.1% गिर गई, जो 2002 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। शेयर बाजार में भी 2020 के बाद एक दिन की सबसे तेज गिरावट दर्ज हुई।
BBC के मुताबिक लूला के सामने संसद में भी मुश्किल राह है। नई चुनी गई कांग्रेस लोकतंत्र की वापसी के बाद से सबसे ज्यादा कंजर्वेटिव है और बोलसोनारो की पार्टी PL दोनों सदनों में सबसे बड़ी ताकत होगी। यानी अपने एजेंडे को पास कराने के लिए लूला को कई दलों से मोलभाव करना होगा।
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भारत ने क्या कहा
ट्रंप जहां सवाल उठा रहे हैं, वहीं भारत ने लूला की जीत का खुलकर स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को X पर लिखा, “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति लूला को उनकी शानदार दोबारा जीत पर हार्दिक बधाई।” प्रधानमंत्री ने कहा कि वे भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने और ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए लूला के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
भारत और ब्राजील BRICS के संस्थापक सदस्य हैं और दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में ब्राजील में राजनीतिक स्थिरता भारत के लिए भी मायने रखती है। संयोग से आज, 27 अक्टूबर को लूला 81 साल के हो गए हैं, और जन्मदिन पर उनके सामने घर में बंटी हुई राजनीति, गिरता बाजार और वॉशिंगटन से आती आलोचना, तीनों चुनौतियां एक साथ खड़ी हैं।
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