अक्टूबर 31, 2026
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वाराणसी में तस्करों की ताबड़तोड़ फायरिंग, सिपाही अमित शुक्ला को लगी गोली

Varanasi Firing: वाराणसी के लंका इलाके में BHU का मुख्य द्वार

Varanasi Firing: वाराणसी में शुक्रवार रात अवैध असलहों की सूचना पर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर तस्करों ने फायरिंग कर दी। लंका थाना क्षेत्र में नरिया-सुंदरपुर मार्ग पर स्थित आशुतोष नगर कॉलोनी (सुंदरपुर सब्जी मंडी के पीछे) में हुई इस घटना में लंका थाने की क्राइम टीम के सिपाही अमित शुक्ला को गोली लगी। उन्हें तुरंत BHU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। करीब सवा घंटे बाद पुलिस ने मुठभेड़ में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

Varanasi Firing: वाराणसी के लंका इलाके में BHU का मुख्य द्वार
वाराणसी का लंका इलाका, जहां काशी हिंदू विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार है। घटना इसी लंका थाना क्षेत्र के आशुतोष नगर में हुई (फाइल फोटो: vsvinaykumar / Wikimedia Commons)

पुलिस ने क्या कहा?

DCP काशी जोन गौरव बंसवाल ने शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे आधिकारिक X हैंडल @VnsDcp पर लिखा, “तत्काल कार्यवाही करते हुए मुख्य अभियुक्त को पुलिस के साथ हुई साहसिक मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया है और अभियुक्त को इलाज हेतु अस्पताल भिजवाया गया है। घायल सिपाही की स्थिति सामान्य है, खतरे से बाहर है, जिसका सुचारू रूप से इलाज कराया जा रहा है।” वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के हैंडल @varanasipolice ने भी यही बयान रीपोस्ट किया।

दैनिक भास्कर के मुताबिक DCP ने बताया कि पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध असलहे बेचने वाले हैं। इस पर लंका थाने की टीम मौके पर पहुंची, जहां आरोपियों ने टीम पर फायरिंग कर दी।

कैसे हुई वारदात?

हिन्दुस्तान और NDTV इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच लंका थाने की क्राइम टीम के चार सिपाही सादे कपड़ों में आशुतोष नगर पहुंचे। दो सिपाही आगे थे और दो पीछे से कवर दे रहे थे। टीम ने वहां मौजूद संदिग्ध युवकों को पकड़कर पूछताछ शुरू ही की थी कि उनमें से एक ने अचानक सिपाही अमित शुक्ला पर गोली चला दी। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से भाग निकले।

गोली कितनी लगी, इस पर रिपोर्टों में थोड़ा अंतर है। भास्कर, NDTV और आजतक ने तीन गोलियां लगने की बात कही है, जिनमें एक हाथ में और बाकी पेट-पीठ की तरफ। हिन्दुस्तान के मुताबिक एक गोली कोहनी के पास लगी और दूसरी पेट को छूते हुए निकल गई, जिसके कुछ टुकड़े पेट में फंसे हैं। घटना के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और इलाके में भारी फोर्स तैनात की गई। आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गईं।

लौटूबीर के पास मुठभेड़, एक आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक लंका थाना पुलिस, SOG और सर्विलांस टीम आरोपियों की तलाश में थी। रात करीब 10:15 बजे लौटूबीर मंदिर के पास घेराबंदी होने पर आरोपियों ने फिर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में गड़वा घाट (रमना) निवासी 21 वर्षीय राज विश्वकर्मा के बाएं पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हिन्दुस्तान के मुताबिक उसके पास से एक तमंचा और कारतूस मिले। उसे भी पुलिस निगरानी में BHU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार पूछताछ में राज ने अपने फरार साथी का नाम दशाश्वमेध निवासी अंजनी बताया है, जिसकी तलाश जारी है। वहीं आजतक के मुताबिक राज ने पूछताछ में दावा किया है कि सिपाही पर गोली उसने नहीं चलाई। पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। आरोपी पर लगे आरोप अदालत में साबित होने बाकी हैं।

कौन हैं सिपाही अमित शुक्ला?

38 वर्षीय अमित शुक्ला मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले हैं और उनके पिता का नाम सूर्य मणि शुक्ला है। वह पिछले करीब तीन साल से लंका थाने में तैनात हैं। इससे पहले वह वाराणसी SOG में रह चुके हैं और ATS से ट्रेनिंग भी ले चुके हैं। उनके परिवार में तीन साल की बेटी है।

अब आगे क्या?

पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी, हथियार कहां से आए और यह असलहा सप्लाई किसे होनी थी, इन सवालों पर जांच कर रही है। अवैध हथियारों के इस नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आने पर News Centre India यह खबर अपडेट करेगा।

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