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PNB FD Scam: ग्रेटर नोएडा में किसानों के करोड़ों कहां गए? CBI तक पहुंचा केस

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित PNB शाखा के बाहर बैठी खाताधारक और तैनात पुलिसकर्मी

PNB FD Scam: ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा के बाहर इन दिनों पासबुक हाथ में लिए लोगों की भीड़ लगी है। ज्यादातर किसान हैं, जिनमें से कई ने जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन के मुआवजे की रकम यहां FD में रखी थी। इनका आरोप है कि उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट बिना बताए समय से पहले तोड़ दी गई और पैसा दूसरे खातों में भेज दिया गया, न OTP आया, न कोई SMS। खाताधारकों के मुताबिक कुल रकम करीब 35 करोड़ रुपये है। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और बैंक ने 12 कर्मचारियों को सस्पेंड कर CBI में केस दर्ज कराया है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित PNB शाखा के बाहर बैठी खाताधारक और तैनात पुलिसकर्मी
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित PNB शाखा के बाहर बैठी खाताधारक और तैनात पुलिसकर्मी। फोटो: The Indian Express (Drishti Jain)

कौन सी ब्रांच, कहां का है मामला?

मामला PNB की ऐच्छर गांव शाखा का है, जो ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 में है और थाना बीटा-2 क्षेत्र में आती है। Times of India के मुताबिक शिकायत करने वाले ज्यादातर खाताधारक विरौंडी चक्रसेनपुर, बिरौंडा, ऐच्छर और साइट-4 इलाके के किसान हैं। शाखा मंगलवार 27 अक्टूबर से बंद है और बुधवार को यहां लोगों ने प्रदर्शन किया। किसान यूनियन के सदस्य भी धरने पर बैठे। हालात देखते हुए शाखा के बाहर पुलिस तैनात करनी पड़ी।

35 करोड़ या 10 करोड़ से कम? रकम पर दो आंकड़े

खाताधारकों और PTI की रिपोर्ट के मुताबिक बचत खातों और FD से कुल करीब 35 करोड़ रुपये गायब हुए हैं। व्यक्तिगत नुकसान 10 लाख से लेकर 1.2 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है। लेकिन बैंक का आंकड़ा अलग है। Economic Times से बात करते हुए PNB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शुरुआती आकलन में खातों से निकली कुल रकम 10 करोड़ रुपये से कम है, हालांकि जांच जारी है और अगले कुछ दिनों में सही रकम तय कर रिकवरी शुरू की जाएगी।

पुलिस ने भी अभी कोई अंतिम आंकड़ा नहीं दिया है। Indian Express के मुताबिक FIR में रकम का जिक्र नहीं है, और एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी और लोग शिकायत लेकर आ रहे हैं, यह सिलसिला एक हफ्ते तक चल सकता है।

बिना OTP और SMS के कैसे निकला पैसा?

Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक PNB के वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि शाखा की एक महिला कर्मचारी ने कुछ बाहरी लोगों की मदद से ब्रांच मैनेजर समेत दूसरे कर्मचारियों के पासवर्ड का गलत इस्तेमाल कर अलग-अलग खातों से अनधिकृत ट्रांसफर किए। अधिकारी के शब्दों में, “ब्रांच के इस व्यक्ति ने ब्रांच मैनेजर का पासवर्ड इस्तेमाल कर कई खातों से अनधिकृत ट्रांसफर किए।” आरोपी कर्मचारी का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

खाताधारकों के आरोप इस तस्वीर को और साफ करते हैं:

  • FD मैच्योरिटी से पहले तोड़ी गईं और रकम दूसरे खातों में भेजी गई।
  • ट्रांसफर का न कोई SMS आया, न किसी फॉर्म पर दस्तखत लिए गए।
  • पासबुक में गलत एंट्री की गई या सालों तक एंट्री ही नहीं हुई। पूछने पर कहा जाता था कि RBI का ऑडिट चल रहा है या मशीन खराब है।
  • ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी (जय शिव ट्रांसपोर्ट) का आरोप है कि म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह लेने गए तो मैनेजर के कहने पर चेक साइन कराया गया, और 25 लाख रुपये उसी नाम के किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में भेज दिए गए। उन्होंने कर्मचारी से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी है।

ऐसे खुला राज: एक मैसेज ने बढ़ाया शक

Indian Express को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बैंक की ओर से ग्राहकों को मैसेज और कॉल किए जा रहे थे कि 1 लाख रुपये से ज्यादा निकालने हों तो 4-5 दिन पहले बता दें। एक ग्राहक को यह अजीब लगा और उसने अपना खाता चेक किया। फिर दूसरों ने भी जांच की और एक-एक कर खातों से पैसा गायब होने की बात सामने आने लगी।

किसी के 94 लाख की जगह 16 हजार बचे, किसी का खाता जीरो

  • संतोष (60), बिरौंडा: चाय-समोसे का ठेला लगाती हैं। जेवर एयरपोर्ट की जमीन के मुआवजे के 1.29 करोड़ रुपये जमा थे, आरोप है कि 1.18 करोड़ गायब हैं। सदमे में बीपी बिगड़ा और अस्पताल ले जाना पड़ा। (Indian Express)
  • श्रीचंद, विरौंडी चक्रसेनपुर: FD से 1.16 करोड़ रुपये के गबन का आरोप। FIR इन्हीं की शिकायत पर दर्ज हुई। (TOI)
  • विजेंद्र सिंह: खाते में 87-88 लाख थे, अब करीब 1 लाख बचे। (PTI/Business Today)
  • हनीफ खान: बचत खाते के 39 लाख रुपये शून्य हो गए। “न कोई मैसेज आया, न मैंने कोई दस्तावेज साइन किया।” (PTI)
  • धर्मवीर (75), रायपुर बांगर: 17.5 लाख में से सिर्फ 61 हजार बचे। दो साल से पासबुक में एंट्री नहीं हुई। (Indian Express)
  • Aaj Tak के मुताबिक एक खाते में 94 लाख की जगह सिर्फ 16 हजार रुपये मिले।

Indian Express से बात करते हुए संजय नाम के एक पिता ने बताया कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए FD तुड़वाने आए थे, तब पता चला कि FD का पैसा खाते में है ही नहीं।

FIR, ACP जांच और अब CBI

पुलिस ने बुधवार 28 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत FIR दर्ज की, जो लोक सेवक या बैंक कर्मी द्वारा आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी है। इसमें 16 शिकायतों को एक साथ जोड़ा गया है। शिकायतों की गिनती पर रिपोर्ट्स अलग-अलग हैं: Business Today ने 18 और Indian Express ने 25 शिकायतें बताई हैं।

एडिशनल DCP ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने TOI को बताया कि एक ACP को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। ACP-1 ग्रेटर नोएडा संचित शर्मा ने कहा कि शिकायतों की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक केस आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भी भेजा जा सकता है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी नहीं है।

PNB के दिल्ली-NCR जोनल मैनेजर राजेश भौमिक ने TV9 भारतवर्ष को बताया कि मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है। CBI यह देखेगी कि FD की रकम ग्राहकों की जानकारी के बिना कैसे निकली, किन खातों में पहुंची और इसमें कौन-कौन शामिल था।

PNB ने क्या कहा, कब लौटेगा पैसा?

शुरुआत में बैंक ने ब्रांच मैनेजर समेत 5 कर्मचारियों को सस्पेंड किया और शाखा में नया स्टाफ तैनात किया। Economic Times के मुताबिक अब कुल 12 कर्मचारी सस्पेंड हैं, जिनमें वे सभी शामिल हैं जिनके पासवर्ड का गलत इस्तेमाल हुआ। बैंक की एंटी करप्शन टीम भी पुलिस के साथ जांच कर रही है।

चीफ मैनेजर राकेश निगम ने ब्रांच के बाहर जुटे लोगों से कहा, “यह घोटाला है, दोषी पकड़े जाएंगे और जेल जाएंगे। पूरा स्टाफ बदल दिया गया है और पैसा एक हफ्ते में लौटा दिया जाएगा।” जोनल मैनेजर राजेश भौमिक के मुताबिक अब तक तीन खाताधारकों की रकम लौटाई जा चुकी है और बाकी के लिए प्रक्रिया जारी है। हालांकि PNB ने अभी तक कोई औपचारिक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

आपका खाता भी PNB या किसी भी बैंक में है? ये 6 काम आज ही करें

  • नेट बैंकिंग या PNB One ऐप से अपनी सभी FD और खाते का पूरा स्टेटमेंट खुद चेक करें, सिर्फ पासबुक पर भरोसा न करें।
  • खाते में अपना सही मोबाइल नंबर और ईमेल रजिस्टर्ड है, यह पक्का करें ताकि हर लेनदेन का SMS आपको मिले।
  • FD रसीद, पासबुक और स्टेटमेंट की कॉपी संभालकर रखें। किसी कोरे फॉर्म या चेक पर दस्तखत न करें।
  • गड़बड़ी दिखे तो तुरंत शाखा को लिखित शिकायत दें और उसकी रिसीविंग लें, साथ ही पुलिस में भी शिकायत करें।
  • बैंक 30 दिन में जवाब न दे या जवाब से संतुष्ट न हों, तो RBI के पोर्टल cms.rbi.org.in पर शिकायत करें।
  • बैंक में जमा रकम DICGC के तहत 5 लाख रुपये तक बीमित होती है, लेकिन यह तब लागू होता है जब बैंक बंद हो। कर्मचारियों की धोखाधड़ी में रकम लौटाने की जिम्मेदारी बैंक की होती है।

अब आगे क्या?

बैंक का कहना है कि कुछ दिनों में कुल रकम तय कर रिकवरी शुरू होगी, जबकि CBI और पुलिस यह पता लगाएंगी कि पैसा किन खातों में गया और बाहर के कौन लोग इसमें शामिल थे। खाताधारक साफ कह रहे हैं कि जब तक पूरी जमा रकम खाते में वापस नहीं आती, वे बैंक के आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे।

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