Lucknow Triple Murder Video: ‘पापा-पापा’ की चीखें, फिर भी चलती रहीं गोलियां

Lucknow Triple Murder Video: लखनऊ के सआदतगंज में 26 अक्टूबर की सुबह हुए ट्रिपल मर्डर का वीडियो गुरुवार 29 अक्टूबर को सामने आया, और इसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। चीख-पुकार के बीच आरोपी ऋषभ शुक्ला एक के बाद एक गोलियां चलाता दिख रहा है। Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में आरोपी पहले शंभू, फिर शिवाजी तिवारी और उसके बाद उनके बेटे सुयश को गोली मारता नजर आता है। परिजन चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन फायरिंग नहीं रुकी।

वीडियो में क्या दिख रहा है?
चेतावनी: नीचे दिए वीडियो में विचलित करने वाले दृश्य हैं। यह वीडियो Hindustan Times के लखनऊ संवाददाता आकाश घोष ने X पर साझा किया है।
एक दूसरा वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें पुलिस आरोपी को मौके पर ही दबोचती दिख रही है। Hindustan Times के मुताबिक गोली चलाने के बाद आरोपी हाथ में पिस्टल और मैगजीन लेकर घर के बाहर खड़ा रहा और घायलों की मदद के लिए आगे बढ़ने वालों को धमकाता रहा। NDTV से बात करने वाले चश्मदीदों का भी दावा है कि इसी डर से कोई तुरंत आगे नहीं आ सका।
चबूतरा और कार पार्किंग, बस इतनी सी बात पर 3 जानें गईं
वारदात सोमवार 26 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में हुई। पुलिस के मुताबिक विवाद खाली जमीन पर कार खड़ी करने और बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनाने को लेकर शुरू हुआ। डीसीपी पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव ने Times of India को बताया कि पीड़ित पक्ष ने वहां गाड़ी खड़ी करने पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कहासुनी बढ़ी और आरोपी ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी।
FIR के मुताबिक आरोपियों ने तीनों को घेरकर गाली-गलौज की, लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया और फिर गोली मार दी। तीनों को KGMU ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। दो की मौके पर ही मौत हो गई थी और तीसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। HT के मुताबिक पोस्टमार्टम में तीनों के शरीर पर गोली के दो-दो घाव मिले।
कौन थे तीनों मृतक?
- शिवाजी तिवारी (करीब 62): सचिवालय से रिटायर कर्मचारी थे।
- शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू (करीब 55): शिवाजी के छोटे भाई, लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत थे।
- सुयश तिवारी (30): शिवाजी के इकलौते बेटे, बिजली के सामान का कारोबार करते थे। 5 दिसंबर को उनकी शादी होनी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं।
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मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला कौन है?
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला (29-30 साल) मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है। उसे वारदात के तुरंत बाद मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने उसके पास से .30 बोर की पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस, 6 खोखे और 2 मैगजीन बरामद की हैं।
HT की रिपोर्ट के मुताबिक उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर हथियारों के साथ फोटो, शूटिंग रेंज के वीडियो और ‘Illegal Guns’ गाने पर बनी रील मिली है, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। 2024 में उसने एक प्री-स्टेट लेवल ट्रैप शूटिंग प्रतियोगिता में मेडल भी जीता था। हालांकि HT ने साफ किया है कि इन पोस्ट से यह साबित नहीं होता कि उनमें दिख रहे हथियार इसी वारदात में इस्तेमाल हुए।
अब तक 6 गिरफ्तार, 2 आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। ऋषभ के बाद मंगलवार को उसके पिता दिनेश शुक्ला उर्फ छुन्नू (62), चाचा सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू (69) और गिरीश कुमार शुक्ला (78), प्रिया शुक्ला (38) और अदिति शुक्ला (24) को बाजारखाला इलाके से गिरफ्तार किया गया। सभी छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला और परिवार की एक महिला सदस्य अभी फरार हैं। Times of India के मुताबिक महिला आरोपी पर झगड़े के दौरान घर से कारतूस लाकर देने का आरोप है, जबकि राजेश की भूमिका की जांच चल रही है। राजेश पहले जिला बदर भी रह चुका है। डीसीपी पश्चिम ने ETV Bharat को बताया कि दोनों की तलाश में उन्नाव, रायबरेली और सीतापुर में दबिश दी जा रही है।
केस BNS की धारा 191(2), 191(3), 190 और 103(1) के तहत दर्ज है, जिसमें बाद में आर्म्स एक्ट की धाराएं 3, 25 और 27(1) जोड़ी गईं। पुलिस अब ऋषभ की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है, ताकि फायरिंग का पूरा क्रम और बाकी आरोपियों की भूमिका साफ हो सके।
थाना प्रभारी सस्पेंड, आरोपी के घर पर LDA की कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने सआदतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को सस्पेंड कर दिया है। उधर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने आरोपी के परिसर का नक्शा पास न होने पर उसे सील कर दिया और बाउंड्री वॉल गिरा दी। LDA के जोनल अधिकारी के मुताबिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो लोगों ने सड़क जाम कर दी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने परिवार से मुलाकात कर शंभू तिवारी की पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई, परिवार को सुरक्षा और आरोपियों पर NSA के तहत कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद गुलाला घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार हुआ। परिवार आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है।
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