INDIA Bloc Rally: ममता की ‘Yes Papa’, राहुल बोले- प्रदूषण भी वोट चोरी से

मुद्दा था ‘वोट चोरी’। वायरल हुईं नर्सरी कविता, प्रदूषण की नई थ्योरी और ‘मोदी कहीं नहीं जा सकते’ वाली लाइन।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरी ताकत झोंकी। पर 24 घंटे बाद चर्चा मांगों की कम, क्लिप्स की ज्यादा है। समर्थक तालियां बजा रहे हैं, विरोधी मीम बना रहे हैं, और भाजपा इसे ‘फ्लॉप शो’ बता रही है।

1. ममता का ‘Johny Johny’ अवतार
मंच पर ममता बनर्जी ने बच्चों की कविता को चुनावी हथियार बना दिया:
“ज्ञानेश ज्ञानेश? Yes Papa.
वोट चोरी? Yes Papa.
लोकतंत्र चोरी? Yes Papa.
लूट किया? BJP Papa.”
फिर CEC को नया नाम दिया, ‘वैनिश कुमार’। सवाल भी दागा, “वैनिश कुमार जी, आप कब वैनिश होंगे? हम इंतजार कर रहे हैं।”
TMC समर्थकों ने इसे दीदी का अंदाज बताकर शेयर किया। जवाब में भाजपा समर्थकों ने संदेशखाली और बंगाल की हिंसा पर अपनी ‘Yes Papa’ पैरोडी लिख डाली।
2. राहुल की नई थ्योरी: प्रदूषण = वोट चोरी
दिल्ली की धुंध की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी बोले:
“ये पॉल्यूशन देखिए, ये सारा का सारा इसलिए हो रहा है, क्योंकि ये वोट चोरी कर रहे हैं।”
8 सेकंड की यह क्लिप रैली की सबसे वायरल क्लिप बन गई। सोशल मीडिया का तंज: फैक्ट्री, गाड़ियां और पराली छुट्टी पर, AQI का जिम्मेदार भी अब चुनाव आयोग। एक यूजर ने राहुल के लिए ‘रसायन का नोबेल’ तक मांग लिया।
कांग्रेस ने इस क्लिप पर अलग से कोई सफाई नहीं दी है।
3. खड़गे: ‘बाप भी जाएगा’, राहुल: ‘जाने नहीं देंगे’
25 अक्टूबर, पटना। खड़गे ने ‘मोदी नहीं जाएगा’ के नारे पर पलटवार किया था, “मोदी का बाप भी जाएगा।”
1 नवंबर, रामलीला मैदान। राहुल बोले, “नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते। अगर जाना भी चाहें, हम नहीं जाने देंगे।”
दोनों क्लिप जुड़ते ही भाजपा समर्थकों ने ‘कहीं नहीं जाएंगे मोदी’ का नारा फिर ट्रेंड करा दिया।
पूरा संदर्भ अलग है। राहुल अमित शाह की ‘मोदी कहीं नहीं जा रहे’ वाली बात का जवाब दे रहे थे। उनका मतलब था कि ज्ञानेश कुमार के बाद मोदी-शाह पर भी कानूनी कार्रवाई होगी, वे बच नहीं पाएंगे। उसी मार्च में राहुल ने खड़गे का ‘FINAL BOSS’ कटआउट भी लहराया।

4. अखिलेश: ‘नींद की गोली’ वाला तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा कि चुनाव आयोग “कौन सी नींद की गोली लेकर सो रहा है”। साथ में जोड़ा, “इस बार न मुचुआ बचने वाले हैं, न जुमलु।”
10 लाख का दावा vs मैदान की असली क्षमता
पहले मैदान का गणित समझिए।
दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों के मुताबिक रामलीला मैदान करीब 12 एकड़ में फैला है और इसमें करीब 50,000 लोग आ सकते हैं। दिल्ली पुलिस पहले इसकी व्यावहारिक क्षमता 25,000 से 30,000 के बीच बताती रही है। यानी अनुमान 25 हजार से 50 हजार तक के हैं।
कांग्रेस का दावा: करीब 10 लाख लोग।
यह मैदान की 50 हजार की अधिकतम क्षमता का भी 20 गुना है। 12 एकड़ यानी करीब 48,500 वर्ग मीटर में 10 लाख लोग समाने के लिए हर वर्ग मीटर में 20 से ज्यादा लोग खड़े होने होंगे। घनी से घनी भीड़ में भी यह संख्या 4 से 5 के आसपास मानी जाती है।
भाजपा का दावा: मैदान का 40% हिस्सा खाली। यह दावा संबित पात्रा ने ड्रोन वीडियो के हवाले से प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
अगर यह दावा मान लें, तो 60% भरे मैदान में 50 हजार की क्षमता के हिसाब से करीब 30,000 और पुलिस के 25-30 हजार वाले आंकड़े से 15,000 से 18,000 लोग बैठते हैं।
ये आंकड़े दोनों दलों के दावों और मैदान की आधिकारिक क्षमता पर आधारित गणना हैं। पुलिस ने 1 नवंबर की भीड़ का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया। मार्च में सड़कों पर चली भीड़ इसमें शामिल नहीं है।

भाजपा के आधिकारिक हैंडल ने रैली को ‘फ्लॉप शो’ कहा और आरोप लगाया कि भीड़ ‘₹300 में जुटाई गई’। हिमाचल से आए लोगों को ‘कढ़ी-चावल’ का वादा पूरा न होने पर भी चुटकी ली। AAP की गैरमौजूदगी को INDIA ब्लॉक की ‘एकता’ की असली तस्वीर बताया।
और फिर… ‘प्रियंका की भी वोट चोरी?’
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा को मंच पर बोलने नहीं दिया गया। संबित पात्रा ने इसी पर तीर चलाया:
“गांधी परिवार के भीतर कहीं प्रियंका गांधी जी की भी राजनीतिक वोट चोरी तो नहीं हो गई है?”
कांग्रेस नेताओं ने इसे असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
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यह खबर रैली के वीडियो, नेताओं के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। बयान मूल वीडियो से मिलाए गए हैं; भीड़ के आंकड़े संबंधित दलों के दावे हैं।






