Binance Hack: क्रिप्टो की सबसे बड़ी चोरी, ₹56,000 करोड़ उड़ाए; निकासी बंद

Binance Hack: क्रिप्टो की दुनिया में अब तक की सबसे बड़ी चोरी हुई है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance के वॉलेट से अरबों डॉलर के क्रिप्टो एसेट्स निकाल लिए गए। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स कंपनी Chainalysis का कहना है कि चोरी के वक्त की कीमत के हिसाब से करीब $5.912 अरब यानी आज के विनिमय दर पर करीब ₹56,000 करोड़ के एसेट्स चुराए गए। Binance ने एहतियातन सभी डिपॉजिट और विड्रॉल अस्थायी रूप से रोक दिए हैं।

Chainalysis के मुताबिक अगर यह आंकड़ा सही बैठता है तो यह फरवरी 2025 में Bybit एक्सचेंज से हुई करीब $1.5 अरब की चोरी से लगभग चार गुना बड़ी वारदात होगी। Bybit की चोरी के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों को जिम्मेदार ठहराया था। Chainalysis ने साफ किया है कि अंतिम नुकसान का आंकड़ा अभी तय होना बाकी है।
Binance ने क्या कहा?
Binance ने X पर जारी बयानों में कहा, “यूजर्स के फंड पूरी तरह सुरक्षित हैं।” कंपनी ने यह भी कहा कि “Binance सारे नुकसान की भरपाई करेगी”। एक्सचेंज के मुताबिक सुरक्षा जांच, फंड फ्रीज करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ तालमेल के दौरान जमा और निकासी बंद रहेंगी और समस्या पूरी तरह सुलझने के बाद ही निकासी दोबारा शुरू होगी। फिलहाल इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई गई है। एहतियात के तौर पर Binance Alpha पर ट्रेडिंग भी रोकी गई है।
Binance की सह-संस्थापक और को-CEO यी हे ने X पर लिखा, “यूजर्स के फंड सुरक्षित हैं। Binance हैकिंग से हुए सारे नुकसान की भरपाई करेगी।” उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर पूरी पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट जारी की जाएगी और यूजर्स सिर्फ Binance के आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करें।
Binance के मुताबिक अब तक $3 अरब (करीब ₹28,600 करोड़) के एसेट्स फ्रीज किए जा चुके हैं और यह आंकड़ा आगे बढ़ सकता है। अमेरिका में अलग से चलने वाला Binance.US इस घटना से प्रभावित नहीं हुआ है।
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कैसे हुई चोरी? अभी तक क्या पता है
ब्लॉकचेन ट्रैकर Arkham के CEO मिगेल मोरेल के मुताबिक हमला अमेरिकी समय से गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे, यानी भारतीय समय से शुक्रवार तड़के करीब 2 बजे शुरू हुआ। CoinDesk की पड़ताल के मुताबिक हमलावर ने Binance के “Binance 14” नाम के हॉट वॉलेट (इंटरनेट से जुड़ा वॉलेट) से बड़ी मात्रा में ईथर अपने वॉलेट में भेज दिया। यह वही वॉलेट है जिसे Binance अपनी मासिक प्रूफ-ऑफ-रिजर्व रिपोर्ट में ग्राहकों के बैलेंस की गारंटी के तौर पर दिखाता है।
हमला कैसे हुआ, इस पर Binance ने अभी कुछ नहीं बताया है। Binance के सह-संस्थापक चांगपेंग झाओ (CZ), जो अब कंपनी नहीं चलाते लेकिन सबसे बड़े शेयरधारक हैं, ने X पर लिखा कि यह “Binance पर हैक जैसा ही दिखता है”। उनके मुताबिक यह फ्रंट-एंड पर “इंजेक्शन अटैक” लगता है, जिसमें यूजर को सही ट्रांजैक्शन दिखाकर गलत ट्रांजैक्शन पर साइन करवाया जाता है। ब्लॉकचेन सिक्योरिटी फर्म Blockaid के CEO इडो बेन-नतान ने शुरुआती आकलन में इसे साइनिंग सिस्टम में सेंध बताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई प्राइवेट की लीक हुई।
हमले के पीछे कौन है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। CoinDesk के मुताबिक ऑन-चेन जांचकर्ता ZachXBT और Blockaid ने इसके पीछे उत्तर कोरिया के होने की आशंका जताई है। अमेरिकी न्याय विभाग और FBI ने इस पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।

चोरी का पैसा फ्रीज करने की होड़
चोरी की खबर फैलते ही स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियां हरकत में आईं। Tether के CEO पाओलो आर्दोइनो ने बताया कि कंपनी ने इस हमले से जुड़े 1.567 अरब USDT फ्रीज कर दिए। Circle के CEO जेरेमी एलेयर के मुताबिक कंपनी ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर 80 करोड़ डॉलर से ज्यादा के USDC रोके। Ripple, World Liberty Financial, First Digital और Arbitrum की सिक्योरिटी काउंसिल ने भी अपने-अपने टोकन फ्रीज किए।
हालांकि बिटकॉइन और ईथर जैसे क्रिप्टो को कोई कंपनी फ्रीज नहीं कर सकती। Chainalysis के रिसर्च प्रमुख एरिक जार्डिन ने CNBC से कहा, “रिकवरी की कोई तय समय-सीमा नहीं होती। तकनीकी रूप से फ्रीज जल्दी हो सकता है, लेकिन पैसा लौटाने में महीने या साल भी लग सकते हैं।”
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बाजार में हड़कंप, बिटकॉइन फिसला
खबर आते ही क्रिप्टो बाजार में बिकवाली शुरू हो गई। CoinGecko के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार सुबह बिटकॉइन 24 घंटे में करीब 4.9% गिरकर लगभग $76,937 पर आ गया। ईथर करीब 5.7% टूटकर $2,211 के आसपास और Binance का अपना टोकन BNB करीब 8% गिरकर $693 के करीब रहा।
Reuters के मुताबिक Binance के दुनियाभर में 33.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। कंपनी के पास आपात स्थिति के लिए SAFU नाम का एक रिजर्व फंड भी है, जो बिटकॉइन में रखा जाता है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक यह फंड आमतौर पर करीब $1 अरब का रहता है। CoinDesk के मुताबिक Binance की 1 नवंबर की रिजर्व रिपोर्ट से पता चलेगा कि चोरी हुए एसेट्स की भरपाई हुई या नहीं।
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भारतीय यूजर्स के लिए क्या मायने?
Binance भारत में भी बड़ी संख्या में क्रिप्टो निवेशक इस्तेमाल करते हैं। भारत में ऑफशोर क्रिप्टो एक्सचेंजों पर सख्ती के बाद Binance ने मई 2024 में वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) में रजिस्ट्रेशन कराया था। FIU-IND ने 19 जून 2024 के आदेश में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के उल्लंघन पर Binance पर ₹18.82 करोड़ का जुर्माना लगाया था।
निकासी बंद होने का मतलब है कि भारतीय यूजर्स भी फिलहाल अपने क्रिप्टो Binance से बाहर नहीं भेज पाएंगे। ऐसे मौकों पर ठग सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। Binance ने खुद चेतावनी दी है कि यूजर्स किसी अनाधिकारिक लिंक, मैसेज या अकाउंट जानकारी मांगने वाले अनुरोध पर भरोसा न करें। “रिफंड” या “फंड रिकवरी” के नाम पर आने वाले किसी कॉल, ईमेल या टेलीग्राम मैसेज पर अपना पासवर्ड, OTP या 2FA कोड बिल्कुल साझा न करें और अपडेट सिर्फ Binance के आधिकारिक ऐप और X हैंडल पर ही देखें।
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