CM भजनलाल के दफ्तर के सामने 8 दिन में उखड़ी सड़क, परतें नापीं तो खुली पोल

आठ दिन। बस इतनी ही उम्र निकली जयपुर की उस सड़क की, जो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र कार्यालय के ठीक सामने बनी थी। अग्रवाल फार्म बीटू बाईपास चौराहे पर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने हाल ही में यह सड़क बिछाई, और एक हफ्ता बीतते-बीतते इसकी ऊपरी परत उधड़ने लगी। अब यहां से गुज़रने वाली हर गाड़ी अपने पीछे रोड़ी और धूल का गुबार छोड़ जाती है।

सवाल सीधा है: जब प्रदेश के मुखिया के अपने दफ्तर के सामने की सड़क का यह हाल है, तो शहर की बाकी गलियों में काम किसके भरोसे चल रहा है?
फीता लेकर उतरे इंजीनियर, और परत-दर-परत खुला सच
सड़क की असलियत जांचने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) से रिटायर्ड एडिशनल चीफ इंजीनियर सीताराम शर्मा मौके पर पहुंचे। दैनिक भास्कर की इस पड़ताल में उन्होंने सड़क की अलग-अलग परतों की मोटाई नापी। जो निकला, वह किसी भी सड़क के लिए खतरे की घंटी है:
- नींव की रोड़ी आधी-अधूरी: सड़क की नींव मानी जाने वाली GSB (ग्रेनुलर सब-बेस) और WMM (वेट मिक्स मैकाडम) की कुल मोटाई 16 इंच होनी चाहिए थी, मौके पर मिली सिर्फ 10 इंच।
- डामर वाली परत आधी: DBM (डेंस बिटुमिनस मैकाडम) यानी डामर-रोड़ी की मज़बूत परत 50 mm की जगह महज़ 25 mm निकली।
- डामर नाममात्र: इंजीनियर के मुताबिक बाइंडर के तौर पर डामर बेहद कम डाला गया, इसलिए रोड़ी आपस में पकड़ ही नहीं बना पाई।
- रोलर भी कम चला: सड़क की पर्याप्त कुटाई (कॉम्पैक्शन) नहीं हुई, जिससे पूरा ढांचा कमज़ोर रह गया।
सीताराम शर्मा का आकलन दो टूक था: “सड़क निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है… सड़क की पर्याप्त कुटाई नहीं होने से निर्माण कमजोर रहा और कुछ ही दिनों में सड़क उखड़ गई।” उनकी चेतावनी यह भी है कि इसी हाल में कुछ दिनों में पूरी सड़क उखड़ जाएगी।
JEN की कुर्सी खाली, ठेकेदार के भरोसे सड़क
नियम कहते हैं कि सड़क बनते वक्त जूनियर इंजीनियर (JEN) को हर कदम पर मौजूद रहना है: डामर प्लांट पर सामग्री की टेस्टिंग, ट्रक में लोडिंग और सड़क पर बिछाने तक। लेकिन पड़ताल में सामने आया कि JDA में अक्सर अधिकारी मौके पर नहीं रहते और काम ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया जाता है। यही वह खाली जगह है जहां से मोटाई और मात्रा की ‘बचत’ शुरू होती है। अग्रवाल फार्म की सड़क इसका ताज़ा नमूना बनकर सामने है, और पड़ताल के मुताबिक JDA के बाकी ज़ोन में भी JEN की मौजूदगी के बिना काम होने की बात सामने आई है।
JDA की सफाई: ‘अस्थायी सड़क थी’
JDA के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) मनीष रोतवाल का कहना है, “बीटू बाईपास पर यू-टर्न का काम चल रहा है। वाहनों की आवाजाही के लिए कुछ समय पहले सड़क बनाई गई थी। यह अस्थायी सड़क थी। यदि सड़क क्षतिग्रस्त हुई है तो सोमवार को इसकी जांच कराई जाएगी।”
यह यू-टर्न काम JDA के उस प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें न्यू सांगानेर रोड और बीटू बाईपास को सिग्नल-फ्री बनाने के लिए करीब ₹24 करोड़ की लागत से कुल 8 यू-टर्न बनने हैं: छह न्यू सांगानेर रोड पर और दो बीटू बाईपास पर। JDA के ही आंकड़ों के मुताबिक एक यू-टर्न पर करीब ₹2.3 करोड़ खर्च होने हैं।
पर ‘अस्थायी’ वाली दलील कई सवाल छोड़ जाती है। अस्थायी सड़क पर भी रोज़ वही ट्रैफिक, वही दोपहिया और वही भारी वाहन चलते हैं जो पक्की सड़क पर चलते। अगर सड़क अस्थायी थी, तो उसकी मोटाई और डामर का पैमाना क्या तय हुआ था, उस पर कितना पैसा लगा और ठेकेदार को भुगतान किस माप पर हुआ? JDA ने सोमवार (2 नवंबर) को जांच की बात कही थी। खबर लिखे जाने तक उस जांच का नतीजा सार्वजनिक नहीं हुआ है; JDA का पक्ष या रिपोर्ट आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।
सांगानेर की सड़कों की पुरानी कहानी
सांगानेर की सड़कें पहली बार सुर्खियों में नहीं हैं। पिछले साल 29 जुलाई 2025 को खुद मुख्यमंत्री ने इलाके का दौरा कर वंदे मातरम सर्किल और भारत माता सर्किल के आसपास सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश JDA को दिए थे। एक महीने बाद भी स्थानीय लोग ढीली रोड़ी और धूल से परेशान थे, दोपहिया फिसल रहे थे। उसी दौरान JDA के कुछ इंजीनियरों ने नाम न छापने की शर्त पर सांगानेर की बदहाल सड़कों के लिए मेंटेनेंस का ठेका रखने वाली एक फर्म को ज़िम्मेदार ठहराया था, जिसे फर्म ने सिरे से खारिज किया था।
यानी मुख्यमंत्री के निर्देश, मीडिया की पड़ताल और जनता की शिकायतें, सब कुछ हुआ। फिर भी CM के अपने दफ्तर के सामने बनी सड़क 8 दिन नहीं टिकी। अब सबकी नज़र JDA की जांच रिपोर्ट पर है: क्या ज़िम्मेदारी तय होगी, क्या ठेकेदार से दोबारा सड़क बनवाई जाएगी, और क्या JEN की गैरमौजूदगी पर किसी से जवाब मांगा जाएगा?
यह खबर PWD के रिटायर्ड एडिशनल चीफ इंजीनियर सीताराम शर्मा की मौके पर की गई जांच, JDA के XEN मनीष रोतवाल के बयान, JDA प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की जानकारी और स्थानीय रिपोर्ट्स पर आधारित है।





