# Tags
#Breaking News #GenZ's की बात #भारत

Agniveer Extension: अब हर अग्निवीर बन सकेगा पक्का सैनिक, 2 साल बढ़ी सेवा

अग्निपथ योजना के पहले बैच के हजारों अग्निवीर दिसंबर तक वर्दी उतारकर घर लौटने की तैयारी में थे। उससे ठीक पहले केंद्र सरकार ने योजना में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार, 4 नवंबर को फैसला किया कि चार साल की सेवा के बाद बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को दो साल की एक और सेवा अवधि दी जाएगी, और उसके बाद सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के तौर पर भर्ती होने का मौका मिलेगा।

यह ऐलान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने नई दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ किया। कैबिनेट ब्रीफिंग में CDS का खुद आना कम ही होता है। रक्षा मंत्रालय ने इसे अग्निवीरों के लिए ‘सेना में समाहित होने का रास्ता’ बताया है, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे ‘सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी’ कहा।

Agniveer Extension: गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करते CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि
31 मई 2026 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभालने के बाद गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करते जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (फाइल फोटो)। फोटो: HQ IDS / Wikimedia Commons (GODL-India)

पहले क्या था, अब क्या बदला

2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना में तय था कि चार साल बाद सिर्फ 25% अग्निवीर मेरिट के आधार पर पक्के सैनिक बनेंगे और बाकी 75% सेवा निधि की रकम लेकर बाहर हो जाएंगे। नए फैसले के बाद तस्वीर कुछ ऐसी है:

मुद्दापुराना नियमनया फैसला (4 नवंबर 2026)
4 साल पूरे होने पर25% नियमित सेना में, 75% की सेवा खत्म25% मेरिट से नियमित सेना में; बाकी 75% को इच्छा होने पर 2 साल की दूसरी सेवा अवधि
6 साल पूरे होने परलागू नहींसभी इच्छुक अग्निवीर, जो चयन मानदंड पूरे करें, नियमित सैनिक बनेंगे
वेतन पैकेजपहले साल ₹30,000, चौथे साल ₹40,000 (मासिक पैकेज)CDS के मुताबिक दूसरी अवधि में पहले साल ₹43,500 और दूसरे साल ₹47,500
सेवा निधि4 साल बाद एकमुश्त रकमदूसरी अवधि में सरकार अग्निवीर के योगदान का 70% जोड़ेगी; अवधि के अंत में रकम ₹10.92 लाख
अन्य फायदेसीमितज्यादा वेतन, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता (सीनियरिटी) का लाभ

दूसरी सेवा अवधि में शामिल होना अनिवार्य नहीं होगा। रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक यह विकल्प अग्निवीरों की इच्छा पर आधारित है, और छह साल बाद नियमित सैनिक बनने के लिए दो शर्तें होंगी: अग्निवीर आगे सेवा करना चाहता हो और वह तय चयन मानदंड पूरे करे। CDS ने बताया कि इन मानदंडों में शारीरिक फिटनेस और बदलते हालात में ढलने की क्षमता जैसी बातें शामिल होंगी।

यह भी पढ़ें: Agniveer First Batch: 18,300 की विदाई, हाथ में ₹11.71 लाख; आगे क्या?

सरकार ने क्यों बदला ‘75% बाहर’ वाला नियम

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि चार साल तक सेनाओं ने अग्निवीरों के प्रदर्शन का बारीकी से आकलन किया और नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। मंत्रालय के मुताबिक अग्निवीरों ने कौशल, जोश, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी समझ में बेहतरीन प्रदर्शन किया। दो साल की अतिरिक्त अवधि का प्रस्ताव खुद सेनाओं की सिफारिश पर आया है।

CDS सुब्रमणि ने कहा कि योजना शुरू करते वक्त ही सरकार ने साफ किया था कि यह पत्थर की लकीर नहीं है और समय-समय पर इसकी समीक्षा होगी। उनके मुताबिक कई महीनों से समीक्षा चल रही थी और तीनों सेनाओं के एक केंद्रीय डेटाबेस के जरिए हर साल अग्निवीरों का आकलन किया गया। CDS ने कहा, “चार साल में हमने उनका आकलन किया और उनके प्रदर्शन पर बहुत अच्छा फीडबैक मिला।” उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध का स्वरूप बदल गया है और सेना को अब जवानी, तकनीक और परिपक्वता, तीनों का मेल चाहिए।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि
देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, जिन्होंने 4 नवंबर को कैबिनेट ब्रीफिंग में अग्निवीरों से जुड़े फैसले का ऐलान किया (फाइल फोटो)। फोटो: HQ IDS / Wikimedia Commons (GODL-India)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि यह फैसला चार या छह साल की सेवा के बाद चयन मानदंड पूरे करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का मौका देगा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक भर्ती नीति नहीं है, बल्कि युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए भारत की सेना को तैयार करने का रास्ता है।”

पहले बैच पर सबसे बड़ा असर

यह फैसला ऐन वक्त पर आया है। तीनों सेनाएं नवंबर के बीच से पहले बैच के 75% अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से रिलीज करने वाली थीं और 31 दिसंबर तक 18,300 से ज्यादा अग्निवीरों की सेवा खत्म होनी थी। पहले बैच में कुल करीब 24,400 युवा भर्ती हुए थे, जिनमें सेना के करीब 19,000, वायुसेना के 2,850 और नौसेना के 2,550 अग्निवीर थे। अब इन 18,300 युवाओं के सामने दो साल और वर्दी में रहने का विकल्प है।

INS चिल्का में नौसेना के पहले बैच के अग्निवीर
मार्च 2023 में ओडिशा के INS चिल्का में पासिंग आउट परेड के लिए कतार में खड़े नौसेना के पहले बैच के अग्निवीर (फाइल फोटो)। फोटो: PIB / भारतीय नौसेना

अग्निपथ योजना जून 2022 में 17.5 से 23 साल के युवाओं को थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए भर्ती करने के मकसद से लाई गई थी। अफसर रैंक से नीचे की भर्ती में सेवा अवधि घटाने और कम सुविधाओं को लेकर तब कई राज्यों में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किए थे और यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना था। इस वक्त सेनाओं में करीब तीन लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं, यानी आने वाले बैचों पर भी यह फैसला लागू होगा।

यह भी पढ़ें: Agniveer Jobs: 4 साल की सेवा के बाद अब पुलिस की वर्दी; छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए कांस्टेबल के 36 पद मंजूर

आरक्षण पर क्या बदला

इस फैसले का एक पहलू ऐसा भी है, जिस पर अग्निवीरों और उनके परिवारों को ध्यान देना होगा। CDS से जब अर्धसैनिक बलों में पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह आरक्षण तब घोषित हुआ था जब 75% अग्निवीरों को चार साल बाद बाहर होना था। अब जब सेनाएं उन्हें आगे सेवा का मौका दे रही हैं, तो इस नई व्यवस्था में आरक्षण नहीं होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक छह साल बाद भी जो अग्निवीर नियमित सेना में नहीं चुने जाएंगे, उन्हें सरकारी नौकरियों में आरक्षण नहीं मिलेगा।

जो अग्निवीर दूसरी अवधि नहीं चुनते, उनके लिए पुराने प्रावधानों पर क्या असर होगा और राज्यों ने पुलिस भर्ती में जो कोटा घोषित किया है उसका क्या होगा, इस पर विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देश अभी आने बाकी हैं। CDS के मुताबिक अग्निवीरों को सेवा के दौरान मिली ट्रेनिंग और अनुभव के लिए स्किल सर्टिफिकेट भी दिए गए हैं।

सरकार ने साफ किया है कि अग्निपथ योजना जारी रहेगी और आगे भी इसकी समय-समय पर समीक्षा होती रहेगी। मंत्रालय ने योजना की उपलब्धियों में जिलों तक भर्ती का दायरा बढ़ना, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सेनाओं की कई शाखाओं को महिलाओं के लिए खोलना गिनाया है।

यह भी पढ़ें: India Drone Boat: न नाविक, न ड्राइवर, फिर भी गन से वार; नौसेना को मिली USV

यह खबर रक्षा मंत्रालय की ओर से PIB पर जारी आधिकारिक बयान, कैबिनेट ब्रीफिंग में CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि के बयानों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आधिकारिक एक्स पोस्ट पर आधारित है।

Agniveer Extension: अब हर अग्निवीर बन सकेगा पक्का सैनिक, 2 साल बढ़ी सेवा

Voyager 1 Light Day: 18 नवंबर को

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *