Chawri Bazar Collapse: पुलिस ने MCD को पहले ही चेताया था, 2 मौतें

दिवाली की खरीदारी से ठसाठस भरी पुरानी दिल्ली में गुरुवार सुबह एक धमाके जैसी आवाज़ आई—और देखते ही देखते चावड़ी बाजार की गली सितारा में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। सबसे चुभने वाली बात पुलिस की ओर से आई: डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक यहां चल रहा निर्माण अवैध था और इसकी जानकारी नगर निगम (MCD) को पहले ही दी जा चुकी थी।

सुबह 9:50 बजे आई कॉल, लेंटर डालते वक्त बैठ गई इमारत
दमकल विभाग के मुताबिक हादसे की सूचना सुबह 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा से मिली। मौके पर दमकल की छह गाड़ियां, रेस्क्यू वाहन और NDRF की टीमें पहुंचीं।
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने मौके पर मीडिया को बताया कि तीसरी मंजिल पर स्लैब (लेंटर) डाला जा रहा था, तभी इमारत गिरने लगी। उस समय वहां मजदूर काम कर रहे थे और ठेकेदार भी मौजूद था। उनके शब्दों में—“मजदूरों को बाहर निकाला जा रहा था, इसी दौरान कुछ मजदूर फंस गए।” पुलिस के अनुसार मलबे से तीन लोगों को निकाला गया; अस्पताल ने इनमें से दो को मृत घोषित किया, जबकि एक घायल खतरे से बाहर है। मृतकों की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है।
दिल्ली फायर सर्विस के असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर राजेश शुक्ला के मुताबिक दमकल टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने चार लोगों को निकालकर लोक नायक अस्पताल पहुंचा दिया था। शुरुआत में कई और लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई, इसलिए संकरी गली में देर तक मलबा हटाने का काम चलता रहा।
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“निर्माण अवैध था, निगम को बताया था”—तो कार्रवाई क्यों नहीं?
यही सवाल अब इस हादसे के केंद्र में है। डीसीपी सिंह ने साफ कहा—“निर्माण अवैध था; हमने इसके बारे में नगर निगम के अधिकारियों को पहले ही सूचित कर दिया था।” पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिकायतें मिलने के बाद 15 जून को ही MCD को इस अवैध निर्माण की जानकारी दी गई थी—यानी हादसे से करीब पांच महीने पहले। इस पर निगम की ओर से क्या कार्रवाई हुई, इसका जवाब अभी सामने नहीं आया है।
पुलिस ने बताया कि इमारत के मालिकों और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है और उनकी पहचान हो चुकी है। बगल की इमारत भी खतरनाक हालत में है—उसमें दरारें आ गई हैं, मलबा उसी तरफ खिसका है और आसपास के मकान खाली कराए गए हैं।
CM रेखा गुप्ता का एक्शन: AE-JE सस्पेंड, ठेकेदार पर FIR
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के साथ मौके का दौरा किया। उन्होंने संबंधित असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) को तुरंत निलंबित करने, पूरे मामले की जांच और ठेकेदार के खिलाफ FIR का आदेश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों को तत्काल अनुग्रह राशि देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश के कुछ ही घंटों में MCD के ओल्ड दिल्ली ज़ोन के डिप्टी कमिश्नर ने अलग-अलग आदेश जारी कर दोनों इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में इसे पहली नज़र में “ड्यूटी में गंभीर लापरवाही” का मामला बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने X पर लिखा, “फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने के लिए टीमें काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने लोगों से घर बनवाते समय बिल्डिंग सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील भी की। वहीं मेयर परवेश वाही ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी संपत्ति मालिकों की भी बनती है।

“हमें लगा हमारा घर गिर रहा है”
पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद नईम ने बताया कि सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच तेज़ आवाज़ से सब जाग गए। “हमें लगा हमारा अपना घर गिर रहा है। बाहर निकलकर देखा तो बगल में बन रहा मकान था। तीन-चार लेंटर पहले ही डल चुके थे और सब एक साथ गिर गए। यह इमारत पिछले 3-4 महीने से बन रही थी।”
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दो महीने, कई हादसे: दिल्ली में क्यों गिर रही हैं इमारतें?
चावड़ी बाजार की घटना अकेली नहीं है। हाल के हफ्तों में राजधानी ने लगातार ऐसे झटके झेले हैं:
- 6 सितंबर: पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरी, कम से कम 7 लोगों की जान गई।
- अक्टूबर: न्यू सीमापुरी में इमारत गिरने से 4 लोगों की मौत।
- 4 नवंबर: चांदनी चौक में 160 साल से ज्यादा पुराने, MCD के ग्रेड-I संरक्षित टाउन हॉल का एक हिस्सा ढह गया।
- 5 नवंबर: चावड़ी बाजार की गली सितारा में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरी, 2 की मौत।
पुरानी दिल्ली की गलियां इतनी संकरी हैं कि भारी मशीनें अंदर तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में बिना नक्शा पास कराए ऊपर-ऊपर मंजिलें खड़ी करना पूरे मोहल्ले को खतरे में डालता है। दिवाली से ठीक पहले जब चांदनी चौक और चावड़ी बाजार के थोक बाज़ारों में भारी भीड़ उमड़ती है, तब यह खतरा और बड़ा हो जाता है।
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यह खबर दिल्ली पुलिस (डीसीपी सेंट्रल), दिल्ली फायर सर्विस, MCD के निलंबन आदेश, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों पर आधारित है। मृतकों की पहचान और जांच से जुड़ी नई जानकारी आने पर खबर अपडेट की जाएगी।






