TRAI New Rule: 24 घंटे खुलेगा मोबाइल-इंटरनेट कस्टमर केयर, ऐप से होगी शिकायत

रात 11 बजे नेटवर्क गायब हो जाए या इंटरनेट बार-बार कटे, तो कस्टमर केयर पर इंसान की जगह सिर्फ रिकॉर्डेड मेन्यू मिलने या लाइन बंद होने की झुंझलाहट जल्द खत्म होगी। दूरसंचार नियामक TRAI ने 2 नवंबर को टेलीकॉम उपभोक्ता शिकायत निवारण नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब मोबाइल और इंटरनेट कंपनियों के कंप्लेंट सेंटर चौबीसों घंटे, हफ्ते के सातों दिन खुले रहेंगे। शिकायत कंपनी के मोबाइल ऐप से भी दर्ज होगी, और लापरवाही पर कंपनियों की जेब ढीली होगी।

TRAI ने इसके लिए “टेलीकॉम कंज्यूमर्स कंप्लेंट रिड्रेसल (चौथा संशोधन) रेगुलेशंस, 2026” जारी किए हैं। ये जियो, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और BSNL जैसी टेलीकॉम कंपनियों के साथ-साथ 10 हजार से ज्यादा ग्राहकों वाले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) पर भी लागू होंगे।
AI एजेंट जवाब देगा, पर बताना होगा
अभी कंप्लेंट सेंटर 16 घंटे चलते हैं। नए नियम में ये 24×7 चलेंगे और कंपनियां इंसानी कर्मचारी, ऑटोमेटेड सिस्टम या AI एजेंट, किसी के भी जरिए मदद दे सकेंगी। लेकिन शर्त साफ है: इंसानी सहायता रोज कम से कम 16 घंटे उपलब्ध रहेगी, AI पर इंसानी निगरानी रहेगी और ग्राहक को सूचना देनी होगी कि वह AI एजेंट से बात कर रहा है।
IVR मेन्यू की भूलभुलैया पर भी लगाम लगेगी। उसमें भाषा चुनने, शिकायत-अपील-सर्विस रिक्वेस्ट का अलग विकल्प, हर श्रेणी से सीधे इंसानी प्रतिनिधि तक पहुंचने का रास्ता और लंबी कतार में कॉल-बैक की सुविधा देनी होगी। कस्टमर केयर नंबर पर ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लगेगा। सेवा हिंदी, अंग्रेजी और राज्य की कम से कम एक अन्य आधिकारिक भाषा में मिलेगी। दिव्यांग ग्राहकों के लिए अलग डेस्क या हेल्पलाइन भी अनिवार्य होगी।
अपील 15 दिन में, फैसला भी 15 दिन में
शिकायत के निपटारे से असंतुष्ट ग्राहक अब 30 की जगह 15 दिन के भीतर अपील करेंगे, जो ऐप, वेबसाइट या पोर्टल से भी हो सकेगी। अपील सुनने वाले प्राधिकारी में कंपनी के प्रबंधन के कम से कम पांच साल के अनुभव वाले नियमित कर्मचारी होंगे, जिन्हें अपील मिलने के 15 दिन में फैसला सुनाना होगा। हर शिकायत बंद होने पर ग्राहक से 1 से 5 अंक के पैमाने पर फीडबैक लिया जाएगा, जिसके नतीजे कंपनियों को हर तिमाही अपनी वेबसाइट पर छापने होंगे।
गलत निपटारे पर ₹20 लाख तक की चोट
नियम तोड़कर शिकायत बंद करने पर हर मामले में ₹1,000 और अपील के मामले में ₹5,000 का वित्तीय दंड तय हुआ है। एक लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में एक तिमाही में यह अधिकतम ₹20 लाख तक जा सकता है। तिमाही रिपोर्ट देर से देने पर पहले 15 दिन ₹5,000 और उसके बाद ₹20,000 प्रतिदिन का दंड लगेगा, जिसकी ऊपरी सीमा ₹10 लाख है।
बदलाव चरणों में लागू होंगे। ज्यादातर प्रावधान आधिकारिक गजट में प्रकाशन के 30 दिन बाद, फीडबैक सर्वे और उपभोक्ता संगठनों वाली निगरानी समिति 60 दिन बाद, जबकि 24×7 कंप्लेंट सेंटर, ऐप-वेबसाइट और दिव्यांगों के लिए सुविधा वाले नियम 90 दिन बाद लागू होंगे। TRAI ने मई में मसौदा जारी किया था, जिस पर 32 टिप्पणियां और 24 जवाबी टिप्पणियां आई थीं।
यह खबर TRAI की 2 नवंबर 2026 की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (संख्या 146/2026) और टेलीकॉम कंज्यूमर्स कंप्लेंट रिड्रेसल (चौथा संशोधन) रेगुलेशंस, 2026 की अधिसूचना पर आधारित है।
यह भी पढ़ें: CNAP Rule: आज से अनजान कॉल पर दिखेगा कॉलर का असली नाम, बिना किसी ऐप के






