यूपी को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर, वाराणसी से दिल्ली सिर्फ 9 घंटे में

उत्तर प्रदेश को अपनी पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस मिल गई है। वाराणसी से नई दिल्ली का करीब 760 किमी का सफर अब करीब 9 घंटे में पूरा होगा, वह भी बर्थ पर, रातभर में। शनिवार, 31 अक्टूबर को यह ट्रेन बनारस रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से इसे हरी झंडी दिखाई।

हावड़ा-गुवाहाटी के बाद यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा है। अब तक वाराणसी और दिल्ली के बीच दो वंदे भारत चलती हैं, लेकिन दोनों चेयर कार हैं, यानी बैठकर सफर। रेल मंत्रालय के मुताबिक नई ट्रेन खास तौर पर रातभर के लंबे सफर के लिए बनी है, ताकि यात्री शाम को चलें और सुबह मंजिल पर पहुंचकर पूरा दिन काम में लगा सकें।
Vande Bharat Sleeper Varanasi Delhi Timings: कब चलेगी, कब पहुंचेगी
रेल मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नियमित सेवा में ट्रेन इस समय पर चलेगी:
- वाराणसी से नई दिल्ली (27421): रात 8:50 बजे रवाना, अगली सुबह 6:10 बजे दिल्ली
- नई दिल्ली से वाराणसी (27422): रात 9:40 बजे रवाना, अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी
- हफ्ते में 6 दिन: वाराणसी से शुक्रवार को और नई दिल्ली से शनिवार को नहीं चलेगी
- समय की बचत: शिवगंगा एक्सप्रेस के मुकाबले वाराणसी से दिल्ली 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी 35 मिनट कम
उद्घाटन के दिन ट्रेन स्पेशल के तौर पर बनारस स्टेशन से चली। रेलवे बोर्ड की अधिसूचना में ट्रेन नंबर 27421/27422 तय किया गया है और इसका संचालन व रखरखाव उत्तर रेलवे करेगा।
किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
काशी से चलकर यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। यानी संगम नगरी, कानपुर और पश्चिमी यूपी के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा। उद्घाटन यात्रा में प्रयागराज जंक्शन पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्रेन का स्वागत कर उसे आगे के लिए रवाना किया।

16 कोच, 823 बर्थ: फर्स्ट AC में गर्म पानी से शावर
रेलवे बोर्ड की अधिसूचना के मुताबिक 16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 823 बर्थ हैं: थर्ड AC में 611, सेकेंड AC में 188 और फर्स्ट AC में 24। ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर परखी जा चुकी है, जबकि इसकी स्वीकृत परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है। रेल मंत्रालय ने इसकी ये खूबियां गिनाई हैं:
- सुरक्षा: टक्कर रोकने वाला कवच (TCAS), आग और धुएं की पहचान का सिस्टम, CCTV, इमरजेंसी पुश बटन
- आराम: झटके-रहित सफर, शोर कम करने वाला डिजाइन, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे
- साफ-सफाई: वैक्यूम वाले गंध-रहित टॉयलेट
- सुविधाएं: हर बर्थ पर रीडिंग लाइट, USB टाइप A और C चार्जिंग पोर्ट, Wi-Fi, बड़ा लगेज रूम
- फर्स्ट AC: गर्म पानी वाला शावर
- दिव्यांगों के लिए: खास बर्थ और टॉयलेट

उद्घाटन से पहले रेल मंत्रालय ने ट्रेन का यह वीडियो साझा किया:
योगी बोले- साफ नीति और नीयत से साकार होते हैं संकल्प
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्पष्ट नीति, स्वच्छ नीयत और दृढ़ इच्छाशक्ति से विकास के संकल्प साकार होते हैं। उन्होंने काशी में आधुनिक स्टेशन, फ्लाईओवर, सड़कें और एयरपोर्ट विस्तार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का नतीजा बताया। इसी कार्यक्रम में बनारस-प्रयागराज रामबाग और वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच नई मेमू ट्रेन सेवाओं की भी शुरुआत हुई।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का किराया कितना है?
रेलवे ने अभी किराया और टिकट बुकिंग शुरू होने की तारीख घोषित नहीं की है। घोषणा होते ही बुकिंग IRCTC पर खुलेगी।
नियमित सेवा कब से शुरू होगी?
रेल मंत्रालय के मुताबिक कमर्शियल रन की तारीख अलग से घोषित की जाएगी।
ट्रेन कहां-कहां रुकेगी?
प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद।
सफर में कितना समय लगेगा?
वाराणसी से दिल्ली करीब 9 घंटे 20 मिनट और दिल्ली से वाराणसी करीब 9 घंटे 30 मिनट।
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यह खबर रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के बयानों और आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।






