अक्टूबर 31, 2026
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Sanjay Gupta Death: रात 2 बजे क्या हुआ? संजय दत्त बोले- बनाऊंगा कांटे 2

Sanjay Gupta Death: 'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के डायरेक्टर संजय गुप्ता, जिनका 57 साल की उम्र में निधन हो गया

Sanjay Gupta Death: ‘कांटे’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी स्टाइलिश क्राइम थ्रिलर बनाने वाले डायरेक्टर संजय गुप्ता अब नहीं रहे। 57 साल के संजय गुप्ता शुक्रवार देर रात मुंबई के वर्सोवा स्थित अपने घर में गिर गए और सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। घर में परिवार मौजूद था, लेकिन सब अपने-अपने कमरों में सो रहे थे, इसलिए किसी को कुछ पता नहीं चला। सुबह जब परिवार ने उन्हें फर्श पर पड़ा देखा तो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Sanjay Gupta Death: 'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के डायरेक्टर संजय गुप्ता, जिनका 57 साल की उम्र में निधन हो गया
फिल्ममेकर संजय गुप्ता (1969-2026)। टी-सीरीज ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह तस्वीर साझा की। फोटो: T-Series

उनके सबसे करीबी दोस्तों में गिने जाने वाले संजय दत्त ने इंस्टाग्राम पर पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “गुप्ट्स, मेरे भाई। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि तुम चले गए… हम हाल ही में ‘कांटे 2’ पर बात कर रहे थे। मैं ‘कांटे 2’ को तुम्हारा सपना बनाऊंगा। तुम्हारी याद में, मेरे भाई, तुम्हारा यह सपना पूरा करने के लिए मैं सब कुछ करूंगा।”

रात करीब 2 बजे क्या हुआ था?

वर्सोवा पुलिस के मुताबिक संजय गुप्ता वर्सोवा में जेपी रोड की एक बिल्डिंग में रहते थे और घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फुटेज में वह रात करीब 2 बजे ड्रॉइंग रूम में बैठे थे, फिर रसोई की ओर गए और वहीं संतुलन खोकर गिर पड़े। उनका सिर रसोई और ड्रॉइंग रूम के बीच दीवार के कोने से टकराया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “कैमरों में साफ दिख रहा है कि उनका संतुलन बिगड़ा और वह गिर गए।”

पुलिस ने परिवार के बयान के आधार पर एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है और फॉरेंसिक टीम भी घर पहुंची। वर्सोवा थाने की सीनियर इंस्पेक्टर दीपशिखा वारे ने कहा कि परिवार ने अचानक हुई मौत पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। उनके मुताबिक, “अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, हम मामले की जांच कर रहे हैं।” शुरुआत में कुछ जगहों पर बाथरूम में गिरने की बात कही गई थी, लेकिन पुलिस और उनके करीबी फिल्ममेकर मिलाप जावेरी, दोनों ने रसोई में गिरने की बात कही है। मौत की आधिकारिक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ होगी।

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‘बॉस चला गया’: सदमे में इंडस्ट्री

सबसे पहले फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर निधन की खबर दी और लिखा कि घर पर सिर में चोट लगने से उनका निधन हुआ। उन्होंने संजय गुप्ता को शानदार कहानीकार और जिंदादिल इंसान बताया।

हंसल मेहता ने कहा, “मैं सदमे में हूं। संजय शायद इस इंडस्ट्री में मेरे इकलौते बॉस थे। अब बॉस चला गया।” उन्होंने याद किया कि संजय गुप्ता उनकी जिंदगी में तब आए, जब वह बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने X पर लिखा कि कुछ ही दिन पहले वह संजय गुप्ता के घर हुई माता की चौकी में उनसे मिले थे। तुषार कपूर ने उन्हें अपना ‘प्यारा डायरेक्टर’ बताते हुए लिखा कि यह शख्स जिंदगी को पूरी तरह जीने का सबक था।

अनुपम खेर ने X पर लिखा कि स्टॉकहोम में सुबह आंख खुलते ही उन्हें यह दिल तोड़ने वाली खबर मिली। उन्होंने संजय गुप्ता को “फिल्मों का एनसाइक्लोपीडिया” बताया और याद किया कि वह उनके बेटे सिकंदर के पहले डायरेक्टर थे। ‘जिंदा’ में उनके साथ काम कर चुकीं सेलिना जेटली ने कहा कि संजय गुप्ता हमेशा उन्हें अपनी छोटी बहन कहते थे। टी-सीरीज ने भी उन्हें दूरदर्शी फिल्ममेकर बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहने वाले संजय गुप्ता की आखिरी पोस्ट्स भी उतनी ही जिंदादिल थीं। 21 अक्टूबर को उन्होंने X पर अपनी डाइनिंग टेबल पर बन रहे एक विशाल लेगो मॉडल की तस्वीर डाली थी और उसी दिन फैंस से पूछा था कि अपने दो पसंदीदा सितारों की नई आत्मकथाओं में से पहले कौन सी पढ़ें।

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‘आतिश’ से ‘काबिल’ तक: क्राइम थ्रिलर का अलग अंदाज

23 अक्टूबर 1969 को मुंबई में जन्मे संजय गुप्ता ने 1994 में संजय दत्त, आदित्य पंचोली और रवीना टंडन की ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद ‘राम शस्त्र’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ आईं, लेकिन असली पहचान 2002 की ‘कांटे’ से मिली। अमिताभ बच्चन, संजय दत्त और सुनील शेट्टी वाली इस फिल्म की शूटिंग लॉस एंजेलिस में हुई थी और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर के बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड का नामांकन मिला।

इसके बाद ‘मुसाफिर’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों ने उनकी स्टाइलिश, डार्क और एक्शन से भरी फिल्मों की पहचान पक्की की। उन्होंने ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) प्रोड्यूस की और 2013 में ‘शूटआउट एट वडाला’ डायरेक्ट की। ऐश्वर्या राय की ‘जज्बा’, ऋतिक रोशन और यामी गौतम की ‘काबिल’ (2017) और जॉन अब्राहम की ‘मुंबई सागा’ (2021) भी उन्हीं की फिल्में थीं। ‘काबिल’ बॉक्स ऑफिस पर उनकी सबसे कामयाब फिल्म मानी जाती है। 2024 में उनकी ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ ओटीटी पर आई थी।

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जब फिल्में छोड़ने वाले थे संजय गुप्ता

संजय दत्त के साथ उनकी दोस्ती तीन दशक पुरानी थी, पर एक दौर ऐसा भी आया जब दोनों के रिश्ते बिगड़ गए। एक पुराने इंटरव्यू में संजय गुप्ता ने बताया था कि वह वक्त उनके लिए बेहद मुश्किल था और वह लगभग हार मान चुके थे। खंडाला में एक होटल का काम शुरू कर दिया था और सोचने लगे थे कि इंडस्ट्री में अब काम नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा था, “मैंने 15 साल की उम्र में शुरुआत की थी… तो 40 की उम्र में हार मानने को क्यों तैयार था?”

उनके मुताबिक एकता कपूर से ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ के सीक्वल पर हुई बातचीत ने उन्हें वापस खड़ा किया, और उसी से ‘शूटआउट एट वडाला’ बनी। बरसों पहले वह पुणे से मुंबई आते वक्त एक गंभीर सड़क हादसे में भी बुरी तरह घायल हुए थे, पर तब ठीक होकर लौट आए थे। अब ‘कांटे 2’ का अधूरा सपना उनके दोस्त संजय दत्त के हवाले है।

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यह खबर वर्सोवा पुलिस अधिकारियों के बयानों, संजय दत्त की इंस्टाग्राम पोस्ट और फिल्म जगत की हस्तियों के आधिकारिक सोशल मीडिया संदेशों पर आधारित है। मौत की आधिकारिक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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